5G Controversy: एयरइंडिया समेत कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय एयरलाइन कंपनियों ने 5जी विवाद को लेकर अमेरिका जाने वाली उड़ानों को रद्द कर दिया है या उपयोग किए जा रहे विमानों को बदल दिया है. नई 5जी मोबाइल फोन सेवा विमान प्रौद्योगिकी को प्रभावित कर सकती है और इसी चिंता को लेकर एयरलाइंस ने उड़ानों को रद्द किया है. एयरलाइंस के इस फैसले के बाद नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) हालात पर काबू पाने की कोशिश कर रहा है.
विमान बोइंग 777 सबसे ज्यादा प्रभावति
कुछ एयरलाइंस ने कहा कि उन्हें चेतावनी दी गई थी कि दुनियाभर में इस्तेमाल किया जाने वाला विमान बोइंग 777 विशेष रूप से नई तीव्र गति वाली वायरलेस सेवा से प्रभावित है. यह स्पष्ट नहीं है कि उड़ानों को रद्द किये जाने से कितना प्रभाव पड़ेगाय कई एयरलाइन कंपनियों ने कहा कि वे अपनी सेवा को बनाए रखने के लिए केवल विभिन्न विमानों का उपयोग करने की कोशिश करेंगे.
एयर इंडिया ने ट्वीट कर दी उड़ाने रद्द होने की जानकारी
एयर इंडिया ने ट्वीट कर कहा, ‘‘वह अमेरिका में 5जी संचार सेवा शुरू होने के कारण" भारत-अमेरिका के बीच उड़ानें संचालित नहीं करेगी.’’ एयर इंडिया की इन उड़ानों में दिल्ली-न्यूयॉर्क, न्यूयॉर्क-दिल्ली, दिल्ली-शिकॉगो, शिकॉगो-दिल्ली, दिल्ली-सैन फ्रांसिस्को, सैन फ्रांसिस्को-दिल्ली, दिल्ली-नेवार्क और नेवार्क-दिल्ली शामिल हैं.
डीजीसीए के प्रमुख अरुण कुमार ने बताया कि भारतीय विमानन नियामक अमेरिका में 5जी इंटरनेट की तैनाती के कारण पैदा हुई स्थिति से उबरने के लिए विमानन कंपनियों के साथ बातचीत कर रहा है. दूरसंचार कंपनियों एटीएंडटी और वेरिजोन कम्युनिकेशंस ने कहा है कि हवाई अड्डों के पास नई वायरलेस सेवा शुरू करने के काम को टाला जायेगा.
अमेरिकी के संघीय विमानन प्रशासन (एफएए) ने 5जी सिग्नल के साथ कई विमानों को हवाईअड्डों पर उड़ान भरने की मंजूरी दे दी है, लेकिन बोइंग 777 सूची में नहीं है. अमेरिका में इस मुद्दे ने एफएए और एयरलाइंस को संघीय संचार आयोग और दूरसंचार कंपनियों के खिलाफ खड़ा कर दिया है. एफएए ने हाल में कहा था कि ‘‘विमान के रेडियो एल्टिमीटर पर 5जी के प्रभाव से इंजन और ब्रेकिंग प्रणाली रुक सकती है जिससे विमान को रनवे पर रोकने में दिक्कत आ सकती है.’’
