Mamata Banerjee On 2000 Rupee Note: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के 2 हजार के नोट के सर्कुलेशन को बंद करने पर सियासी घमासान मचा हुआ है. विपक्षी नेता मोदी सरकार पर सवाल उठा रहे हैं. इसी क्रम में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) मुखिया ममता बनर्जी ने घटनाक्रम को सनकी और तुगलकी ड्रामा करार दिया है.

उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “2000 रुपये के नोटों को लेकर एक और सनकी और तुगलकी नोटबंदी का ड्रामा आम जनता को एक बार फिर भारी प्रताड़ना का शिकार बनाकर उन पर कड़ा प्रहार करेगा. ये निरंकुश उपाय इस शासन के मूल रूप से जनविरोधी और क्रोनी पूंजीवादी स्वभाव को छिपाने के लिए है. एक निरंकुश सरकार के इस तरह के दुस्साहस को बड़े पैमाने पर लोग भूलेंगे नहीं.”

कपिल सिब्बल ने भी साधा निशाना

राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने भी ट्वीट कर पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि 2000 का नोट बंद हो गया है. 8 नंवबर 2016 को पीएम ने देश से कहा था कि चलन में नकदी की मात्रा सीधे भ्रष्टाचार के स्तर से जुड़ी हुई है. उन्होंने कहा कि 2016 में 17.7 लाख करोड़ नकदी सर्कुलेशन में थी, जो 2022 में बढ़कर 30.18 लाख करोड़ हो गई. उन्होंने मोदी सरकार से सवाल करते हुए कहा कि क्या देश में इसलिए ही भ्रष्टाचार बढ़ा. इस पर अब पीएम मोदी क्या कहेंगे. हालांकि, आरबीआई ने यह भी कहा है कि इन नोटों को 30 सितंबर तक वैध माना जाएगा.

क्या है आरबीआई का फैसला?

आरबीआई ने 2000 रुपये के नोटों को चलन बाहर करने का फैसला किया है. आरबीआई के निर्देश के अनुसार 30 सितंबर तक ये नोट वैध होंगे. हालांकि RBI ने 2000 के नोट पर जो स्पष्टीकरण दिया है उससे यही लगता है कि नोट जमा करने पर कोई पाबंदी नहीं है, मतलब जितना चाहे जमा करवा सकते हैं, लेकिन एक बार में आप 20 हजार तक के नोट ही बदलवा सकते हैं.

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