नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के सियासी संकट के क्लाइमेक्स से ठीक पहले सिंधिया गुट के 16 विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को फिर से अपने इस्तीफा भेजा है. इन विधायकों ने कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए भोपाल आने में असमर्थता जाहिर करते हुए मांग की है कि जैसे विधानसभा अध्यक्ष ने उन 6 विधायकों जो कमलनाथ सरकार में मंत्री थे के इस्तीफे स्वीकार किए वैसे ही हमारा भी स्वीकार करें.

शनिवार देर शाम मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष ने विधानसभा से दिए गए कमलनाथ कैबिनेट के छह सदस्यों के इस्तीफे मंजूर कर लिए थे. कांग्रेस से बगावत कर सिंधिया गुट के विधायकों की संख्या 22 है.

बेंगलुरु से विधानसभा अध्यक्ष को भेजे गए इस्तीफे में विधायकों ने मध्यप्रदेश में कानून व्यवस्था खराब होने का आरोप लगाते हुए कहा है कि ऐसे माहौल में स्वयं उपस्थित होकर आपसे मिलना सम्भव नहीं है.

शनिवार को विधानसभा अध्यक्ष द्वारा मंजूर किए गए 6 विधायकों के इस्तीफे की दलील देते हुए मांग की गई है कि बाकी इस्तीफे भी मंजूर किए जाएं. इससे पहले रविवार सुबह बेंगलुरु में ठहरे विधायकों ने वीडियो संदेश जारी कर मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार से अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की.

आपको बता दें कि शनिवार देर शाम इन विधायकों के रिसार्ट बदले गए थे. फिलहाल ज्यादातर विधायक रमादा रिसॉर्ट में ठहरे हैं जो कर्नाटक के एक बीजेपी विधायक से जुड़ा हुआ बताया जाता है. ये विधायक कब तक बेंगलुरु में रहेंगे इसको लेकर स्थिति साफ नहीं है.

शुक्रवार को भोपाल जाने के निकले ये सभी एयरपोर्ट के अंदर जाकर फिर वापस रिसॉर्ट लौट आए थे. जहां ये विधायक रुके हैं वहां कर्नाटक पुलिस का कड़ा पहरा है.

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