शिलांग: अकाली दल के नेताओं, खासी समुदाय और मेघालय सरकार के बीच हुई बैठक में सुलह के आसार के बाद शिलांग में जारी तनाव खत्म हो सकता है. सरकार ने इस बैठक में सिख समुदाय के लोगों को सुरक्षा देने का एलान किया है. बता दें कि गुरुवार को दो गुटों में हुई झड़प के बाद से ही यहां तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी. अकाली दल के नेताओं, खासी समुदाय और मेघालय सरकार की बैठक में सुलह होने के आसार नज़र आए हैं. सरकार ने सुरक्षा देने के एलान के साथ ही सिख समुदाय के लोगों की बस्ती हटाने की मांग पर लोगों का वेरिफिकेशन किए जाने की बात कही है. इस बैठक में शामिल होने के लिए अकाली दल का एक मडंल दिल्ली से गया था, जिसमें विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा शामिल थे. हालांकि इलाके में आज दोपहर 3 बजे दोबारा कर्फ्यू लगा दिया गया है. इससे पहले सेना ने खुद मोर्चा संभालते हुए पूरे शहर में फ्लैग मार्च किया. सेना ने हिंसा प्रभावित इलाकों से 500 लोगों को बाहर सुरक्षित निकाला,  जिनमें 200 महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. कैसे शुरू हुआ विवाद विवाद की मूल वजह है बड़ा बाजार इलाके में कथित तौर पर एक निजी ट्रेवलर की बस चलाने वाले एक खासी समुदाय के ड्राइवर ने पंजाबी मूल की एक लड़की के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की. उसके बाद लड़की के जानने वालों ने उस लड़के की बुरी तरह से पिटाई कर दी. उस वक़्त मामला पुलिस में पहुंचा तो शांत हो गया लेकिन रात होते होते आगजनी और तोड़फोड़ शुरू हो गयी. शिलॉन्ग के 101 या कहें आर्मी कैंट इलाके के आसपास तकरीबन 200 पंजाबी परिवार रहते हैं, जिन्हें सुरक्षा की दृष्टि से आर्मी कैंट में ठहराया गया है.