फ्रांस में G7 समिट के आखिरी दिन सुबह यानी बुधवार को मीटिंग हुई. इस मीटिंग में संयुक्त बयान सभी देशों की तरफ से जारी किया गया. इसमें G7 के देशों ने लेबनान में तुरंत युद्ध विराम की मांग की. 

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द गार्जियन के मुताबिक, ज्वाइंट स्टेटमेंट में जारी बयान में कहा गया कि हम लेबनान में तुरंत और मजबूत सीजफायर की मांग करते हैं. साथ ही इसके जरिए लेबनान की लीडरशिप की उन कोशिशों का समर्थन करते हैं, जिनका मकसद हिज्बुल्लाह को वेपन फ्री, हथियारों पर सरकार की मॉनोपोली और इंटरनेशनल सिक्योरिटी की गारंटी के साथ अपने देश की अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करना है.

इस बैठक में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी मौजूद रहे. डील के बाद भी इजरायल ने कल साउथ लेबनान पर हमला किया. इस हमले में चार लोगों की मौत की पुष्टी हुई है. यह हमला ऐसे वक्त हुआ, जब जी7 के लिए प्रमुख देश फ्रांस में इकट्ठा हुए हैं. इससे पहले पीएम मोदी ने युद्ध का स्थायी समाधान करने की मांग की है. पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात ने भी इस बैठक में सुर्खियां बटौरी हैं. 

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कनाडा के पीएम ने डील को बताया गेमचेंजरइधर, कनाडा के पीएम मार्क कार्नी ने मिडिल ईस्ट में तनाव खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच डील को गेमचेंजर बताया. फ्रांस समिट में आखिरी दिन बात करते हुए, सीएनएन से उन्होंने कहा कि सिर्फ इस स्थिति के लिए नहीं, बल्कि यह हमें. और बैठक में यही हुआ. हमने यूक्रेन को लेकर अभी नए नजरिए से बात की है.

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NATO ने किया ईरान और यूएस डील का स्वागत 

इधर, NATO के सचिव जनरल मार्क रुटे ने मिडिल ईस्ट में युद्ध खत्म करने के लिए ईरान और यूएस डील का स्वागत किया है. उन्होंने कहा है कि हॉर्मुज को फिर से खोलने की योजना बहुत बड़ा कदम होगी. प्रेस ब्रीफिंग में उन्होंने कहा कि मुझे पता है कि फ्रांस और यूके के नेतृत्व वाली पहल के जरिए कई सहयोगी देश सपोर्ट में हैं.

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