यमन की अस्थायी राजधानी अदन शहर में हूतियों ने राष्ट्रपति भवन परिसर पर हमला किया है. इस दौरान कई मिसाइलें दागीं गई हैं. यह जानकारी सरकार के दो अधिकारियों ने दी है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दो गवाहों ने कहा है कि उन्होंने पैलेस के आस-पास जोरदार धमाकों की आवाज सुनी थी. 

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ईरान समर्थित इन लड़ाकों की तरफ से किए जा रहे हमले तनाव बढ़ाने का काम कर रहे हैं. माना जा रहा है कि इसका मकसद उस इलाके में अपने प्रभाव को और बढ़ाना है, जिस पर अभी उनका कब्जा है. फिलहाल अदन के इस परिसर में मौजूद यमन के प्रधानमंत्री और अन्य मंत्री सुरक्षित हैं. हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि पैलेस के दो सुरक्षा गार्ड की मौत हो गई है.

न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक, पहाड़ी इलाकों में कम से कम 6 धमाके हुए हैं. ऐसे में सऊदी अरब के साथ चल रही जंग के बीच हूतियों के यह हमले काफी अहम हैं. इसी जगह से यमन की इंटरनेशनल लेवल पर मान्यता प्राप्त सरकार चलती है. इसे सऊदी अरब का पूरा समर्थन है. 

कुछ वक्त से हूतियों ने बढ़ा दिए हैं हमले

शिया विद्रोहियों ने कुछ वक्त से अटैक बढ़ा दिए हैं. यह 2022 में यूएन में हुए समझौते के बाद से काफी कम थे या न के बराबर ही थे. इसके अलावा इस गुट ने सऊदी अरब के इलाकों में हमले शुरू किए हैं. लाल सागर पर नाकेबंदी कर रखी है. इधर, अमेरिका और इजरायल की ईरान के साथ जंग चल ही रही है. अमेरिका चाहता है कि ईरान के पास परमाणु हथियार बनाने के लिए जरूरी यूरेनियम संवर्धन पर रोक लगाई जा सके.