सिक्किम से सामने आए एक वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है. वीडियो में एक कार के फ्यूल टैंक कैप के आसपास बड़ी संख्या में चींटियां मंडराती दिखाई दे रही हैं. वीडियो शेयर करने वाले एक यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा, "क्या प्रकृति बता रही है कि आजकल पेट्रोल में कितना गन्ने का रस है?' इसके बाद कई लोगों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया कि क्या E20 पेट्रोल में मौजूद इथेनॉल चींटियों को आकर्षित करता है? और क्या पेट्रोल में वास्तव में चीनी या गन्ने का रस मौजूद होता है?
सोशल मीडिया पर वायरल दावों में कहा जा रहा है कि E20 पेट्रोल में गन्ने से बने तत्व होने के कारण चींटियां उसकी ओर खिंची चली आती हैं. वीडियो को देखकर कई लोगों ने यह मान लिया कि पेट्रोल में चीनी मौजूद है, इसलिए चींटियां वहां जमा हो रही हैं, लेकिन जब इस दावे की पड़ताल की गई तो तस्वीर कुछ अलग निकली.
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फैक्ट चेक: क्या E20 पेट्रोल में चीनी होती है?
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि E20 पेट्रोल का मतलब है 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण. भारत में इसे पेट्रोलियम आयात कम करने और जैव ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर अपनाया जा रहा है. हालांकि. इथेनॉल का उत्पादन अक्सर गन्ने के शीरे (मोलासेस) या अन्य कृषि स्रोतों से किया जाता है, लेकिन उत्पादन प्रक्रिया के दौरान वास्तविक चीनी पूरी तरह खत्म हो जाती है. अंतिम उत्पाद में केवल रासायनिक अल्कोहल यानी इथेनॉल बचता है. इसलिए यह कहना कि E20 पेट्रोल में 'गन्ने का रस' या चीनी मौजूद होती है, गलत है.
फिर चींटियां क्यों पहुंचीं?
विशेषज्ञों के अनुसार, इथेनॉल से निकलने वाली हल्की मीठी गंध चींटियों को भ्रमित कर सकती है. यह गंध उन्हें किण्वित फलों या भोजन के स्रोत जैसी लग सकती है, जिसकी वजह से वे उसकी ओर आकर्षित होती हैं.
इसके अलावा सिक्किम जैसे नम और पहाड़ी इलाकों में वाहन के फ्यूल फ्लैप के आसपास का हिस्सा अपेक्षाकृत गर्म और सुरक्षित जगह बन सकता है. चींटियां वहां अस्थायी रूप से इकट्ठा हो सकती हैं. कुछ शोध यह भी बताते हैं कि इथेनॉल की मौजूदगी चींटियों की खोजी गतिविधियों को बढ़ा सकती है.
E20 के बाद अब E100 की तैयारी, 100% इथेनॉल से चलेंगे वाहन: नितिन गडकरी
केंद्र सरकार ने इथेनॉल आधारित ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari ने घोषणा की है कि E100 यानी 100 प्रतिशत इथेनॉल के उपयोग को कानूनी मंजूरी देने वाले नियमों को अंतिम रूप दे दिया गया है. उन्होंने बताया कि मारुति सुजुकी की वैगनआर का 100% इथेनॉल-संगत संस्करण लॉन्च किया जा चुका है, जबकि हीरो मोटोकॉर्प ने भी 100% इथेनॉल पर चलने वाली दो फ्लेक्स-फ्यूल मोटरसाइकिलें पेश की हैं. गडकरी के अनुसार, टोयोटा, सुजुकी, एमजी और हुंडई भी जल्द ऐसे वाहन बाजार में उतारेंगी. उन्होंने कहा कि इथेनॉल पेट्रोल का प्रभावी विकल्प बन सकता है और जल्द ही नागपुर में ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाली बसों का पायलट प्रोजेक्ट भी शुरू किया जाएगा.
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