रांची : झारखंड में गुरुवार रात को कोयले की खदान धंसने से कई लोगों से साथ वाहन तक फंस गए हैं. अभी तक इस मामले में कम से कम सात लोगों के मारे जाने की सूचना है. मृतकों की संख्या बढ़ सकती है. पुलिस का कहना है कि गोड्डा जिले में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लि. (ईसीएल) की लालमाटिया खदान के प्रवेश बिंदु पर मिट्टी का अंबार धंस गया. करीब 40 से 50 लोगों के फंसे होने की आशंका जाहिर की गई है.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर इस मामले में संवेदना जताई है
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर इस मामले में संवेदना जताई है. उन्होंने झारखंड के सीएम रघुवर दास से भी बात की है. साथ ही केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को भी राहत कार्य़ में मदद का निर्देश दिया है. पीएम मोदी ने कहा कि वे इस नुकसान से स्तब्ध हैं.
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रात में कोहरे की वजह से बचाव कार्य शुरू होने में वक्त लगा
इस बीच पुलिस का कहना है कि रात में कोहरे की वजह से बचाव कार्य शुरू होने में वक्त लगा. अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) दल दोपहर तक घटनास्थल पर पहुंच सकता है.
अंदर फंसे लोगों और वाहनों की सही संख्या का सटीक पता नहीं चला
गोड्डा के पुलिस महानिरीक्षक हरिलाल चौहान ने कहा, "अंदर फंसे लोगों और वाहनों की सही संख्या का पता नहीं चला है. बचाव कार्य शुरू होने के बाद ही इसके बारे में पता चला पाएगा." स्थानीय लोगों का कहना है कि मिट्टी का ढेर ढहने से मार्ग अवरुद्ध हो गया.
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खनन कार्य जमीन से लगभग 200 फुट नीचे हो रहा था
खनन कार्य जमीन से लगभग 200 फुट नीचे हो रहा था. इस मामले में प्रभावित लोगों की संख्या बढ़ सकती है. पूरे इलाके में दहशत का माहौल है. राहत वहां पहुंच रही है और पुलिस बल ने पूरे इलाके को घेर लिया है. अन्य खदानों को सतर्क किया गया है.