Patriot review | ममूटी और मोहन लाल की ये कमाल की थ्रिलर पलक झपकाने का मौका नहीं देती, डर के मारे फोन ओवन में रख देंगे
Patriot Movie review: ममूटी और मोहन लाल की थ्रिलर फिल्म 'पैट्रियट' रिलीज हो चुकी है. इसमें दोनों स्टार्स की जोड़ी खूब जमती है. अगर आप इसे देखने का प्लान कर रहे हैं तो पहले जान लीजिए कैसी है फिल्म.
महेश नारायणन
ममूटी और मोहन लाल
दिल्ली में मलयालम फिल्म का शो हो और हाउसफुल हो, लोग सब टाइटल के साथ ममूटी, मोहन लाल और फहाद फासिल की फिल्म एन्जॉच कर रहे हों तो समझ लीजिए फिल्म की हाइप किस लेवल की है, जहां ये तीनों सितारे होंगे वहां वैसे भी हाइप क्रिएट करने के लिए किसी प्रमोशन की जरूरत नहीं, इस फिल्म की स्टारकास्ट की काफी है लोगों को थिएटर तक लाने के लिए और एक बार आप आ गए तो तीन घंटे तक सीट से हिलेंगे नहीं, ये फिल्म हिंदी डब में नहीं आई है और अगर आई तो थिएटर में कमाल कर देगी.
कहानी- एक कंपनी आम लोगों के फोन का पूरा डेटा हैक कर रही है, उन्होंने कुछ बच्चों को फ्री में लैपटॉप बांटे हैं और उसके लिए जरिए भी एक एक चीज पता की जा रही है, आप जहां फोन चार्ज कर रहे हैं, वहां से फोन की लोकेशन उन तक पहुंच रही है, आप जहां कैमरा ऑन कर रहे हैं वहां की डिटेल उन तक जा रही है, ये कंपनी ऐसा क्यों रही है, और इससे नेशनल सिक्योरिटी कैसे ताक पर रख दी गई है,डेनियल यानि ममूटी को इस बारे मेें जब पता चलता है तो उन्हें देश छोड़कर विदेश में एक यू ट्यूबर क्यों बनना पड़ता है, कैसे वो देश को इस खतरे से बचाएंगे, ये कहानी इस फिल्म में बड़े कायदे से दिखाई गई है.
कैसी है फिल्म- इस फिल्म में उठाया गया मुद्दा भले नया नहीं है लेकिन इसका ट्रीटमेंट जबरदस्त है, ममूटी ने फिल्म को अपने कंधे पर कमाल तरीके से उठाया है, फिल्म की पेस बहुत अच्छी है, आप इस मुद्दे से कनेक्ट करते हैं, आपको अपनी प्राइवेसी का डर सताता है, आप समझना चाहते हैं कि ऐसा क्यों रहा है, किसलिए हो रहा है, हर पल ट्विस्ट एंड टर्न आते हैं, एक्शन जबरदस्त है, ममूटी और मोहन लाल को एक्शन करता देख खूब सीटियां तालियां बजती हैं और दर्शकों को जोश बताता है कि इनका स्टारडम कितना तगड़ा है, फिल्म में इस डाटा चोरी के मुद्दे पर जिस तरह से दिखाया गया है वो आपको देश का सबसे अहम मुद्दा लगने लगता है, मलयालम फिल्म में कई जगह हिंदी और इंग्लिश डायलॉग भी हैं और सब टाइटल तो हैं ही तो आपको फिल्म समझने में दिक्कत नहीं होती, प्रोडक्शन वैल्यू काफी ग्रैंड है, एंड तक ये फिल्म सस्पेंस बनाए रखती है और कमाल तरीक से बनाए रखती है, फिल्म की तीन घंटे की लंबाई आपको बिल्कुल भी नहीं खलती, आप एक एक मिनट एन्जॉय करते हैं.
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एक्टिंग- ममूटी ने कमाल का काम किया है, उनकी एंट्री से लेकर उनके एक्शन सीन्स पर खूब तालियां बजती हैं, वो गजब एक्शन करते हैं,उनकी फुर्ती और एनर्जी आपको हैरान कर देती है, वो इस फिल्म को एक अलग लेवल पर ले जाते हैं, मोहन लाल सेकेंड हाफ में आते हैं और उनका किरदार इस फिल्म में एक नई जान ले आता है, उनके किरदार से आप इमोशनली भी जुड़ते हैं, वो भले इंटरवल के बाद आते हैं लेकिन जब आते हैं तो जस्टिफाई हो जाता है कि उन्होंने ये फिल्म क्यों की, फहाद फासिल का रोल ठीक है , हालांकि ऐसा लगता है कि उन्होंने ममूटी और मोहन लाल की रिस्पेक्ट में ये फिल्म की होगी क्योंकि ये किरदार उनके अलावा कोई और भी निभा सकता था , kunchacko boban ने बढ़िया काम किया है, नयनतारा और रेवती ने छोटे रोल्स में जान डाली है.
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राइटिंग और डायेरक्शन- महेश नारायणन ने फिल्म लिखी और डायरेक्ट की है और जिस तरह उन्होंने इस कहानी और इतने बड़े सुपरस्टार्स को हैंडल किया है वो अपने आप में कमाल है, फिल्म का ट्रीटमेंट सुपर स्टाइलिश है लेकिन स्टाइल के चक्कर में कंटेंट से कंप्रोमाइज नहीं किया गया है.
कुल मिलाकर ये फिल्म जरूर देखिए
रेटिंग- 3.5 स्टार्स



























