Paatal Lok Season 2 Review: प्राइम वीडियो ने की साल की शानदार शुरुआत, जयदीप अहलावत और ईश्वाक सिंह जैसी कमाल केमिस्ट्री तो हीरो हीरोइन में नहीं होती
Paatal Lok Season 2 Review: हाथी राम चौधरी की सीरीज पाताल लोक का दूसरा सीजन अमेजन प्राइम पर स्ट्रीम हो चुका है. यहां जानिए कि ये सीरीज क्यों देखी जानी चाहिए
अविनाश अरुण धावरे
जयदीप अहलावत, गुल पनाग, तिलोत्तमा शोम
Amazon Prime Video
Paatal Lok Season 2 Review: कभी अपने जूनियर रहे और अब सीनियर ACP बन चुके अंसारी से हाथी राम चौधरी कहते हैं - सर 2 मिनट के लिए आपको अंसारी बुला सकता हूं, और फिर कहते हैं देख अंसारी अगर तुझे ये सही लगता है न तो सही है, चाहे फिर मैं या कोई भी कुछ कहे, और कोई कुछ भी कहे लेकिन ये कमाल की सीरीज है. इस सीरीज से सीखा जा सकता है कि बिना हो हल्ले के शानदार सीरीज कैसे बनती है. वैसे उस लाइन के साथ ही हाथी राम 2 गाली भी देते हैं, लेकिन वो इस रिव्यू में नहीं दी जा सकती.
और फिर अंसारी कहते हैं, सर आप मुझे अकेले में अंसारी ही बुलाया करो, यही केमिस्ट्री इस सीरीज की जान है. ये सीरीज अमेजन प्राइम वीडियो पर आ चुकी है. इसके 8 एपिसोड है और हर एपिसोड लगभग 40 मिनट का है और इसके साथ प्राइम वीडियो ने 2025 की जबरदस्त शुरुआत की है और बता दिया है कि वेब सीरीज के जब अगले सीजन की बात आती है तो वो कमाल कर देते हैं. फैमिली मैन, पंचायत, सिटाडेल, मेड इन हैवेन, बंदिश बैंडिट्स के बाद पाताल लोक का अगला सीजन भी कमाल है
कहानी
हाथी राम चौधरी यानी जयदीप अहलावत अभी भी जमनापार थाने में इंस्पेक्टर हैं. लेकिन उनका जूनियर अंसारी यहीं ईश्वाक सिंह ACP बन चुका है. नागालैंड में एक अहम समिट से पहले एक मर्डर हो जाता है. मामला संवेदनशील है. अंसारी जांच करते हैं और साथ मैं हाथी राम चौधरी को ले लेते हैं और फिर क्या होता है, साथ साथ इनकी निजी जिंदगी में क्या होता है, ये जानने के लिए आपको ये सीरीज देखनी होगी.
कैसी है सीरीज
पाताल लोक का पहला सीजन 2020 में आया था और अब 2025 में आया इसका दूसरा सीजन कमाल है. अक्सर दूसरे सीजन में मामला गड़बड़ हो जाता है लेकिन प्राइम वीडियो शायद इस मामले में कमाल कर जाता है. ये सीरीज पाताल लोक के फील को वापस ले आई है. ये अपनी पेस से चलती है. नागालैंड की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए, बेकार की हीरोपंती नहीं, लाउड म्यूजिक नहीं, फालतू के सेक्स सीन नहीं.
हां गालियां जरूर हैं लेकिन उसके बिना पाताल लोक भला पाताल लोक कैसे लगेगा. इस सीरीज में जांच अपने तरीके से चलती है और दर्शक को अपने साथ ले चलती है, किसी की परवाह किए बिना और यही इस सीरीज की खासियत है कि 5 साल में इसकी क्वालिटी और बेहतर हुई है. ये सीरीज बताती है कि प्राइम वीडियो ने इसके जरिए एक कमाल की सीरीज बनाई है जिसके सीजन दर सीजन बनाए जा सकते हैं.
एक्टिंग
जयदीप अहलावत आज के दौर के सबसे शानदार एक्टर्स में से एक हैं. कई बार मुझे लगता है कि उनमें इरफान जैसा करिश्मा है. यहां वो वैसे ही लगे जैसे 5 साल पहले लगे थे. बिल्कुल हाथी राम चौधरी, अपने अंदाज, बॉडी लैंग्वेज और डायलॉग्स से दिल जीत लेने वाले, यहां उनका काम कमाल है, वो दबंग सिंघम या सिंबा नहीं हैं लेकिन उनसे भी कमाल हैं क्योंकि वो हाथी राम चौधरी हैं.
भले वो खुद हरियाणा के हैं लेकिन तब भी इस किरदार को इतने कमाल तरीके से पकड़ा है कि आप उनके मुरीद हो जाते हैं. ईश्वाक सिंह की जितनी तारीफ की जाए कम है, अपने सीनियर का बॉस बन जाना और उसे फिर भी उतनी इज्जत देना, कमाल का काम है उनका, गुल पनाग का काम शानदार है. अपनी इमेज से उलट वो इस किरदार में जान डाल गई हैं. तिलोतमा शोम ने नागालैंड की पुलिस ऑफिसर के किरदार के साथ पूरा इंसाफ किया है. वो उस रोल में जमी हैं, नागेश कुकूनूर का काम जबरदस्त है, बाकी के सारे कलाकारों ने कमाल का काम किया है.
डायरेक्शन
अविनाश अरुण धावरे का डायरेक्शन काबिले तारीफ है. उन्होंने पाताल लोक को आत्मा को जिंदा रखा. 5 साल में आए अलग अलग कंटेंट से प्रभावित नहीं हुए. शो की राइटिंग भी कमाल है.
कुल मिलाकर प्राइम वीडियो ने साल की धमाकेदार शुरुआत कर दी है, जरूर देखिए
रेटिंग - 4 stars


























