Uttar Da Puttar Review: ज्योतिष में यकीन रखते हैं तो जरूर देखिए ये फिल्म, कमाल की फैमिली कॉमेडी एंटरटेनर
Uttar Da Puttar Review: अन्नू कपूर की फिल्म 'उत्तर दा पुत्तर' फुल फैमिली एंटरटेनर है, जिसे आप थिएटर में अपने परिवार के साथ देख सकते हैं. फिल्म का हर एक सीन आपको हंसाएगा और बोर नहीं होने देगा.
रविंद्र सिवाच
अन्नू कपूर, बृजेंद्र काला, पवन मल्होत्रा, रुखसार रहमान
थिएटर
अगर कोई टॉयलेट सीट पर भी वास्तु की दशा देखकर बैठता हो, तो उसे आप क्या कहेंगे? अगर कोई काले कपड़े पहनने के नाम पर बुर्का ही पहन ले, तो उसे आप क्या कहेंगे? अगर आपको खोसला का घोसला और विकी डोनर टाइप की फिल्में पसंद हैं और आपको लगता है कि ऐसी फिल्में अब क्यों नहीं बनती, तो आपको इंतजार खत्म हो गया है. एक ऐसी फिल्म आई है, जिसमें इन फिल्मों जैसी ही कॉमेडी है और आप बेझिझक पूरी फैमिली के साथ देख सकते हैं. अन्नू कपूर इस फिल्म में फिर से एक बार आपको विकी डोनर वाले अंदाज में नजर आएंगे और आपको शुरू से एंड तक खूब एंटरटेन करेंगे.
कहानी
ये कहानी है फिजिक्स के एक प्रोफेसर की, जो ज्योतिष और वास्तु को इस हद तक मानता है कि टॉयलेट सीट पर भी उत्तर दिशा में बैठता है. अक्सर विज्ञान और ज्योतिष का टकराव होता है, लेकिन यहां तो फिजिक्स का प्रोफेसर ही इस हद तक ज्योतिष को मानता है कि आप हैरान रह जाते हैं. इन प्रोफेसर साहब को अपना घर बनाना है, लेकिन यहां भी ज्योतिष बीच में आता है और साथ ही इन्हें मिलते हैं. कई अजीबोगरीब किरदार, क्या ये अपना घर बना पाते हैं, ये देखने के लिए आपको थिएटर जाना होगा.
कैसी है फिल्म?
ये एक काफी अच्छी फिल्म है, ये फिल्म ज्योतिष की बात तो करती है लेकिन अंधविश्वास नहीं फैलाती है. ये फिल्म महज 1 घंटे 43 मिनट की है और कहीं खिंची हुई नहीं लगती, शुरू से मुद्दे पर आ जाती है और एक अच्छी पेस पर चलती है. फिल्म में कॉमेडी जबरदस्ती नहीं डाली गई. ऐसी सिचुएशन्स और ऐसे किरदार डाले गए हैं, जिन्हें देखकर आपको खुद हंसी आती है. सबसे अच्छी बात है कि ये एक क्लीन फिल्म है, किसी सीन पर आप फैमिली के सामने असहज नहीं होंगे. आप आराम से ये फिल्म फैमिली के साथ देख सकते हैं.
फिल्म की एक और खासियत है इसका सिंपल होना, ये फिल्म चीजों को जैसा है वैसे ही दिखाती है. ओवर द टॉप नहीं जाती और यही चीज आपका दिल जीत लेती है. सारे के सारे एक्टर कमाल के हैं और उनकी परफॉर्मेंस इस फिल्म को और दमदार बना देती है. फिल्म का म्यूजिक काफी अच्छा है और बीच बीच में फिल्म का टाइटल ट्रैक डाला गया है, जो काफी मजेदार लगता है. कुल मिलाकर ये एक ऐसी फिल्म है जो वर्ड ऑफ माउथ पर चलेगी और जिसे देखा जाना चाहिए.
एक्टिंग
अन्नू कपूर कमाल के एक्टर है और यहां भी उन्होंने शानदार काम किया है. वो आपको बिल्कुल विकी डोनर की याद दिला देते हैं, उन्होंने फिजिक्स के प्रोफेसर और ज्योतिष को मानने वाले शख्स के बैलेंस को बड़े अच्छे से निभाया है. बिजेंद्र काला ने कमाल का काम किया है, वो अन्नू कपूर के दोस्त बने हैं. पवन मल्होत्रा एमसीडी अधिकारी बने हैं और कई जगह वो आपको खूब हंसाते हैं. रुखसार रहमान अन्नू कपूर की पत्नी के किरदार में काफी जमी हैं. जीवेशु अहलूविया का काम काफी अच्छा है, इश्तियाक खान ने कमाल का किरदार निभाया है. वो जहां भी आते हैं हंसी अपने आप आ जाती है, सुमित गुलाटी का काम काफी अच्छा है.
राइटिंग और डायरेक्शन
संदीप कपूर और रविंद्र सिवाच ने कहानी लिखी है और फिल्म का राइटिंग में दम है. रविंद्र सिवाच ने फिल्म डायरेक्ट की है, ये डायरेक्शन में उनका डेब्यू है और उन्होंने अपना काम अच्छे से किया है. फिल्म को सिंपल और क्लीन रखकर उन्होंने फिल्म में एक अलग ही जान डाल दी है.
कुल मिलाकर ये फिल्म जरूर देखिए.
रेटिंग- 3.5 स्टार
























