इस सीरीज का क्रेज ऐसा है कि लोगों ने इसके पिछले पार्ट देखने के लिए अपनी शादी तक पोस्टपोन की है. इसे देखकर लोगों को रात को नींद नहीं आई थी. रात 12 बजे का प्रीमियर शो लोग दीवानों की तरह देखते हैं लेकिन जो दिखा वो उतना मजेदार नहीं था. ऐसा एक सीन नहीं था कि नींद उड़ जाए. कुछ फ्रेंचाइजी सही टाइम पर खत्म हो जानी चाहिए. उन्हें खींचा नहीं जाना चाहिए, ये भी उन्हीं में से एक है.

कहानी- एक कपल है जो पैरानॉर्मल एक्सपर्ट है. उनकी बेटी मरी हुई पैदा होती है, लेकिन 1 मिनट बाद वो जिंदा हो जाती है, लेकिन उसके साथ कुछ अजीब होने लगता है. इसके बाद ये लोग ऐसे कैसे लेना छोड़ देते हैं. सालों बाद इन्हें पता चलता है कि एक फैमिली के 8 लोग किसी भूत प्रेत से परेशान हैं. ये वहां नहीं जाना चाहते लेकिन इनकी बेटी उन्हें वहां ले जाती है. इनका उन लोगों से क्या कनेक्शन है. ये कौनसी ताकत है,यही फिल्म की कहानी है.

कैसी है फिल्म- ये इस सीरीज की सबसे कमजोर फिल्म है, फर्स्ट हाफ में कुछ नहीं होता. काफी स्लो तरीके से फिल्म आगे बढ़ती है. हॉरर एलिमेंट न के बराबर है. सेकेंड हॉफ में कहानी आगे बढ़ती है, मजा आता है, क्लाइमैक्स अच्छा है लेकिन जो उम्मीदें ऐसी फिल्म से होती होती हैं ये उनपर खरी नहीं उतरती. आपको डर लगता ही नहीं, आपको कुछ ऐसा नहीं दिखता जिसे देखकर लगे कि आज रात नींद नहीं आएगी. ऐसा लगा कि इस फ्रेंचाइजी को खींचा गया है और इस पार्ट को फैमिली ड्रामा ज्यादा बना दिया गया है, सिर्फ एक हैप्पी एंडिंग दिखाने के लिए.

एक्टिंग- वेरा फार्मिगा ने कमाल काम किया है. एक पैरानॉर्मल एक्सपर्ट और एक मां, दोनों शेड्स में वो अच्छी लगी हैं. पैट्रिक विल्सन का परफॉर्मेंस भी काफी अच्छा और बैलेंस्ड है. मिया टॉमलिंसन इनकी बेटी बनी हैं और वो एक डरी सहमी लड़की के किरदार के साथ पूरा इंसाफ करती हैं. बेन हार्डी का काम अच्छा है.

राइटिंग और डायरेक्शन- स्टोरी में दम नहीं है, बिल्ड अप जरूरत से ज्यादा दिखाया गया है, डायरेक्शन ठीक है.

कुल मिलाकर इस सीरीज के फैन हैं तो देख सकते हैं

रेटिंग - 3 स्टार्स