The Bhootnii Review: आजकल हॉरर कॉमेडी लोगों को खूब पसंद आ रही है. स्त्री और मुंजया जैसी फिल्में हिट होने के बाद हॉरर कॉमेडी बनाने का ट्रेंड भी जोरों पर है. ऐसी ही एक फिल्म आई है भूतनी, ये स्त्री तो नहीं है लेकिन ये ठीक ठाक टाइमपास एंटरटेनर जरूर है. कुछ फिल्में सिर्फ टाइमपास के लिए होती हैं, वन टाइम वॉच ही होती है. बस देखते हुए आप हंसते हैं, एंटरटेन होते हैं और रिलैक्स होकर थिएटर से बाहर आते हैं, ये ऐसी ही फिल्म है.
कहानी
एक कॉलेज है जहां वर्जिन ट्री नाम का एक पेड़ है, इस पेड़ का एक सीक्रेट है. इस कॉलेज में होली के आसपास कुछ अजीब होता है, कुछ स्टूडेंट सुसाइड करते हैं, तो क्या कॉलेज में भूत है. कॉलेज मैनेजमेंट ये मानने को तैयार नहीं है, तो बुलाया जाता है मॉडर्न तांत्रिक संजय दत्त को. एक भूतनी हीरो सनी सिंह के पीछे पड़ जाती है, उसका क्या राज है, यही आपको इस फिल्म में दिखेगा.
कैसी है फिल्म
ये दिमाग को फ्रिज में रखकर देखने वाली फिल्म है. आप बीच बीच में हंसेंगे, एंटरटेन होंगे, ये कोई महान फिल्म नहीं है लेकिन खराब फिल्म भी नहीं है. कॉमिक पंच अच्छे हैं, मेरे साथ फिल्म देख रहे लोग काफी हंस रहे थे. इस फिल्म को ज्यादा प्रमोट नहीं किया गया, ना ज्यादा स्क्रीन मिली, उस हिसाब से फिल्म से उम्मीदें भी नहीं नहीं हैं लेकिन यही फायदा इस फिल्म को मिलता है. बिना उम्मीद के आप इसे देखते हैं और ये फिल्म ठीक ठाक लगती है, हालांकि सेकेंड हाफ काफी खिंचा हुआ है. थोड़ा छोटा हो सकता था तो ये और बेहतर लगती. सनी सिंह, निकुंज शर्मा और आसिफ खान की केमिस्ट्री बहुत बढ़िया है. संजय दत्त फिल्म में एक नई जान डालते हैं. कुल मिलाकर अच्छे टाइमपास के लिए फिल्म देखनी है तो बेझिझक देखिए.
एक्टिंग
संजय दत्त का काम काफी अच्छा है. उन्हें देखकर मजा आता है, ऐसा रोल उन्होंने पहले किया भी नहीं इसलिए वो और भी बढ़िया लगते हैं. वो कॉमिक पंच भी मजेदार मारते हैं. सनी सिंह ने अपना रोल परफेक्शन से निभाया है, उन्हें देखकर आपको तरस भी आता है और हंसी भी. आसिफ खान काफी इम्प्रेस करते हैं, उनके कॉमिक पंच पर खूब सीटियां बजती हैं. उन्होंने लीक से हटकर ये किरदार किया है और इसके साथ पूरा इंसाफ किया है. मौनी रॉय ठीक लगी हैं, पलक तिवारी अच्छी लगी हैं, निकुंज शर्मा जमे हैं.
डायरेक्शन और राइटिंग
सिद्धांत सचदेवा ने फिल्म को लिखा और डायरेक्ट किया है और उनका काम ठीक है. स्क्रीनप्ले और बेहतर करते तो और मजा आता. सेकेंड हाफ छोटा किया जा सकता था.
कुल मिलाकर फिल्म ठीक ठाक टाइमपास करती है.
रेटिंग- 3 स्टार्स
