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आपमें से काफी लोग फ्लाइट में आते जाते होंगे. कई बार कस्टम वाले जब एक नजर देख ही लेते हैं तो कुछ लोगों को डर लग जाता है. भले ही आपने कुछ ना किया हो. ये सीरीज कस्टम और स्मग्लिंग की दुनिया को बड़े कायदे से दिखाती है. अब तक फिल्मों में हमने वो डायलॉग सुना है- मोना कहां है सोना लेकिन ये सीरीज तस्करी की इस दुनिया को चार घंटे तक बड़े कायदे से दिखाती है. नीरज पांडे अपने आपमें एक ब्रांड हैं और इस सीरीज के जरिए उन्होंने कुछ नया किया है. और वैसे भी आजकल हर किसी के लिए कुछ नया करना जरूरी हो गया है और इस सब्जेक्ट को नीरज ने कमाल तरीके से हैंडल किया है. ये नेटफ्लिक्स की साल की पहली सीरीज है शुरुआत जबरदस्त हुई है.

कहानी

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इस सीरीज की कहानी तीन ऐसे कस्टम ऑफिसर्स की है जिन्हें सस्पेंड कर दिया गया है. फिर एक ऑपरेशन के लिए उन्हें फिर से डिपार्टमेंट में लाया जाता है, और फिर दिखाई जाती है स्मगलर्स की एक ऐसी दुनिया जो आपको हैरान कर देती हैं चौंकाती है और साथ साथ आपको डर भी लगता है क्योंकि फ्लाइट तो आप या आपके परिवार वाले लेते ही होंगे. ये पूरी कहानी स्मगलर्स की दुनिया के इर्द गिर्द घूमती है.

कैसी है सीरीज

अगर स्मगलर अपना दिमाग सही जगह लगाएं तो पूरी दुनिया की भुखमरी मिटा सकते हैं. इस सीरीज का ये डायलॉग ही बताता है कि उनमें कितना दिमाग है और ये दिमाग जब वो इस्तेमाल करते हैं तो आपको हैरानी होती है और सीरीज में गजब का थ्रिल पैदा होता है. पहले फ्रेम से ये सीरीज आपको बांध लेती हैं. बहुत तेजी से आगे बढ़ती है. बिल्कुल किसी ब्लॉकबस्टर फिल्म की तरह. हर किरदार को अहमियत दी गई है. हर एक्टर को कायदे से इस्तेमाल किया गया है जब एक शख्स की चेकिंग के दौरान उसके बाद से बंदर निकलता है तो आप चौंक जाते हैं कि क्या क्या स्मगल किया जाता है. इस सीरीज के 7 एपिसोड हैं और हर एपिसोड लगभग 4--45 मिनट का है लेकिन ये सीरीज आपको स्क्रीन से हटने का मौका नहीं देती है. इस सब्जेक्ट पर इतने डिटेल में कुछ बना भी नहीं है और इसलिए भी ये सीरीज आपको कमाल लगती है.

एक्टिंग

अक्खा बॉलीवुड एक तरफ इमरान हाशमी एक तरफ, इस डायलॉग को इमरान ने सीरियस्ली ले लिया है. कस्मट ऑफिसर के किरदार में वो कमाल लगता है. काफी बैलेंस्ड परफॉर्मेंस है, ना बेकार की हीरोपंती, ना डायलॉगबाजी और इसलिए ये किरदार आपको कमाल लगता है. शरद केलकर वो एक्टर हैं जो कोई भी रोल कर सकते हैं. और अब वो क्रिटिक प्रूफ हो चुके हैं, यहां भी बड़े चौधरी के किरदार में वो कमाल लगते हैं. और उतना ही करते हैं जितना जरूरी है. नंदीश संधू ने साबित किया है कि वो टीवी से निकलकर सही जगह पहुंचे हैं. उनका परफॉर्मेंस सधा हुआ है. जोया अफरोज बहुत अच्छी लगती हैं और उनका काम शानदार है, एयर होस्टेस के किरदार में वो काफी सूट हुई हैं. अम्रुता खानवालिकर ने बढ़िया काम किया है, और एक्शन में वो शानदार लगती हैं. अनुराग सिन्हा काफी इम्प्रेस करते हैं. जमील खान छोटे से रोल में असर छोड़ते हैं. इसके अलावा बाकी के सारे एक्टर्स बढ़िया हैं,ना सिर्फ उनका काम अच्छा है बल्कि उन्हें कायदे से इस्तेमाल भी किया गया है.

राइटिंग और डायरेक्शन

नीरज पांडे और विपुल के रावल ने सीरीज को लिखा है और राइटिंग सीरीज की जान है. आपको ना सिर्फ एंटरटेनमेंट मिलता है बल्कि आपकी जानकारी भी बढ़ती है. नीरज पांडे का डायेरक्शन बहुत अच्छा है. वो हीरो को चमकाने में नहीं लगे बल्कि कहानी को चमकाया और कायदे से चमकाया.

कुल मिलाकर ये सीरीज जरूर देखिए

रेटिंग - 3.5 स्टार्स