Stolen Review: इस फिल्म से अनुराग कश्पय, किरण राव, विक्रमादित्य मोटवानी और निखिल आडवाणी जैसे बड़े नाम जुड़े हैं. इस फिल्म को कई इंटरनेशल फिल्म फेस्टिवल्स में तारीफें मिल चुकी हैं, वेनिस फिल्म फेस्टिवल में भी इस फिल्म को सराहा गया लेकिन ये फिल्म इसलिए नहीं देखी जानी चाहिए, ये फिल्म इसलिए देखी जानी चाहिए क्योंकि ये एक शानदार फिल्म है. इसकी राइटिंग कमाल है, इसका डायरेक्शन जबरदस्त है, इसके एक्टर उम्दा हैं और उसके बावजूद इस फिल्म को रिलीज होने में दो साल लग गए, तो अच्छे सिनेमा की तरफ हमारी ये जिम्मेदारी है कि उसे देखा जाए. 90 मिनट की फिल्म आपको कमाल का एक्सपीरियंस देती है, अमेजन प्राइम वीडियो पर ये फिल्म पहली फुर्सत में देख डालिए.
कहानी ये कहानी है दो भाइयों की, एक भाई दूसरे को लेने रेलवे स्टेशन पर आता है, वहां एक बच्चा चोरी हो जाता है और पहले तो इल्जाम एक भाई पर लगता है लेकिन फिर कहानी कुछ और ही मोड़ लेती है, ये दोनों जिस औरत का बच्चा चोरी हुआ उसकी मदद करते हैं और फिर जो कुछ होता है वो सांसें रोक देता है, धड़कनें थाम देता है और आपको हिला डालता है.
कैसी है फिल्मये एक कमाल की फिल्म है, फिल्म शुरू से आपको बांध लेती है और फिर एक भी सीन ऐसा नहीं आता जो गैरजरूरी हो. चीजें तेजी से आगे बढ़ती हैं और एक के बाद एक चौंकाने वाली चीजें सामने आती हैं. आप पलक नहीं झपका पाते, आपको इंतजार रहता है कि आगे क्या होगा. अनुराग कश्पय, किरण राव, विक्रमादित्य मोटवानी और निखिल आडवाणी जैसे बड़े नाम इस फिल्म के एग्जिक्यूटिव प्रोड्यूसर हैं. ये फिल्म किसी विदेशी लोकेशन पर शूट नहीं हुई,इसमें कोई ग्लैमर नहीं है, आइटम सॉन्ग नहीं है, कोई 200 करोड़ की ओपनिंग करवाने वाला सुपरस्टार नहीं है लेकिन तब भी ये फिल्म कमाल है और यही निशानी होती है एक अच्छी फिल्म की, अच्छी राइटिंग की, ये फिल्म आपको 90 मिनट तक कमाल का एक्सपीरियंस देती है जिसे जरूर लिया जाना चाहिए.
एक्टिंगअभिषेक बनर्जी कमाल के एक्टर हैं ये हम जानते हैं, किसी खराब फिल्म में भी अगर वो होते हैं तो काम अच्छी ही करते हैं और अक्सर फिल्म के हीरो पर भारी पड़ जाते हैं लेकिन यहां वही मेन हीरो हैं और बंदे ने ऐसा काम किया है कि आप हिल जाते हैं. आपको लगता है कि उन्हें अब कुछ एक्टर्स को एक्टिंग की क्लासेज देना शुरू कर देना चाहिए. शुभम वर्धन उनके भाई बने हैं और उनका काम बहुत जबरदस्त है, अभिषेक थोड़ा नरम हैं, पुलिस के आगे हाथ पैर जोड़ते हैं कि भाई शुभम को छोड़ दे लेकिन शुभम नियम कायदे वाला बंदा है. झूंपा के कैरेक्टर में mia maelzer ने गजब काम किया है. उन्हें देखकर लगा कि टैलेंटेड लोगों को मौका इतना कम क्यों मिलता है और क्यों इंडस्ट्री में कई नॉन टैलेंटेड एक्टर्स को हमारे ऊपर थोपा जाता है. इनके अलावा भी बाकी के सारे एक्टर कमाल हैं
राइटिंग और डायरेक्शनकरन तेजपाल, गौरव ढींगरा औऱ स्वप्निल सालकर ने फिल्म लिखी है और करन तेजपाल ने डायरेक्ट की है, और इन्होंने दिखा दिया कि भाई अगर प्रोड्यूसर से पैसा लिया है तो काम करके दिया है. फिल्म पर पकड़ गजब है, राइटिंग शानदार है और फिल्म आपको पलक झपकने का मौका नहीं देती.
कुल मिलाकर ये फिल्म जरूर देखिए, मजा आ जाएगा
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