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Son Of Sardaar 2 Review: फुल पैसा वसूल फैमिली एंटरटेनर, स्क्रीन पर पाकिस्तानी और थिएटर में बैठे दर्शक बोलेंगे- हिंदुस्तान जिंदाबाद
Son Of Sardaar 2 Review: अजय देवगन की कॉमेडी ड्रामा 'सन ऑफ सरदार 2' आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. फिल्म देखने का प्लान बना रहे हैं तो पहले पढ़ लें रिव्यू.
सन ऑफ सरदार 2 रिव्यू
Source : Instagram
सन ऑफ सरदार 2
1-08-25 | हिंदी
कॉमेडी
Director
विजय कुमार अरोड़ा
Starring
अजय देवगन, मृणाल ठाकुर, रवि किशन, कुब्रा सेत, विंदू दारा सिंह, दीपक डोबरियाल, संजय मिश्रा
Platform
सिनेमाघर
सन ऑफ सरदार जैसी फिल्म से आपको क्या उम्मीद होती है, अच्छी कॉमेडी होगी, अच्छी लोकेशन होंगी, आप दिमाग को रिलैक्स करके पूरी फैमिली के साथ हंसेंगे, एंटरटेन होंगे, ढाई घंटे तक सारी टेंशन भूल जाएंगे. ये फिल्म जो प्रोमिस करती है, वो डिलीवर करती है. ऐसी फिल्में सिनेमा के लिए जरूरी है क्योंकि इस तरह की कमर्शियल फिल्मों से सिनेमा का बिजनेस चलता है और फैमिली ऑ़डियंस ऐसी ही फिल्में देखकर एंटरटेन होने के लिए थिएटर आती है. इस बार सन ऑफ सरदार में इंडिया है, पाकिस्तान है, चीन भी है, बॉर्डर के सनी देओल, सुनील शेट्टी और जैकी श्रॉफ भी हैं. और एक जबरदस्त कैमियो भी है यानि फुल पैसा वसूल होगा आपका.
कहानी
जस्सी यानि अजय देवगन अपनी पत्नी नीरू बाजवा को लेने इंग्लैंड जाते हैं लेकिन वहां पत्नी उन्हें तलाक देने के लिए तैयार बैठी है. फिर वहां जस्सी की मुलाकात होती है सुख यानि म्रुणाल ठाकर के परिवार से जो पाकिस्तानी है. सुख का पति उसे छोड़कर भाग जाता है और उनकी बेटी को प्यार हो जाता है एक सरदार से. अब सरदार की फैमिली पाकिस्तानी फैमिली में शादी कैसे करेगी. ये काम करवाना है जस्सी को, जस्सी ये कैसे करेगा, यही इस बार दिखाया गया है.
कैसी है फिल्म
ये एक बिना दिमाग लगाए देखने वाली फिल्म है और ऐसी फिल्में इसी तरह से देखी जाती हैं. ये इनके ट्रेलर से ही पता चल जाता है, फिल्म में बढ़िया कॉमेडी है. फर्स्ट हाफ में बॉर्डर फिल्म का एक सीन आता है जहां आप खूब हंसेंगे. फिल्म की लोकेशन कमाल की है. असीम बजाज की सिनेमैटोग्राफी अच्छी है. बीच बीच में अच्छा म्यूजिक आता है, हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे लगते हैं. इंडिया पाकिस्तान एंगल को काफी मजेदार तरीक से दिखाया गया है जिसे देखकर दर्शक ताली बजाते हैं. फिल्म कहीं बोर नहीं करती, आप लगातार एंटटरेन होते हैं हंसते हैं, और ऐसी फिल्में इसलिए बनाई जाती हैं. कहानी कोई महान नहीं है और ये ट्रेलर से ही पता चल गया था लेकिन ढाई घंटे आप सब कुछ भूलकर ये फिल्म एन्जॉय करते हैं. आखिरी में एक कैमियो आता है जो आपको थिएटर जाकर ही देखना होगा और ये बड़े असरदार तरीके से शूट किया गया है जिससे आपको फिल्म खत्म होते होते भी एक सरप्राइज मिलता है.
एक्टिंग
अजय देवगन ने बढ़िया काम किया है. बड़े वक्त बाद वो स्क्रीन पर एनर्जी से भरे दिखे. ऐसा लगा कि वो खुद भी ये किरदार एन्जॉय कर रहे थे इसलिए दर्शक ने भी एन्जॉय किया. म्रुणाल ठाकुर ने सबसे ज्यादा इम्प्रेस किया. वो कमाल की लगी हैं और स्क्रीन पर उनमें गजब की एनर्जी दिखती है. वो अजय देवगन को पूरी टक्कर देती हैं. रवि किशन ने कमाल काम किया है, उनकी पंजाबी जबरदस्त लगती है. सबसे बढ़िया पंजाबी भोजपुरी के सुपरस्टार रवि किशन ने ही बोली है. मुकुल देव को उनके इस दुनिया से जाने के बाद स्क्रीन पर देखना इमोशनल लगता है. विंदू दारा सिंह ने मजेदार काम किया है. नीरू बाजवा अच्छी लगती हैं. दीपक डोबरियाल का किरदार काफी मजेदार है और उन्होंने इसे अच्छे से प्ले किया है. कुबरा सैत अच्छी लगी हैं. रोशनी वालिया का काम अच्छा है, चंकी पांडे मजेदार हैं, शरत सक्सेना बढ़िया हैं.
राइटिंग और डायरेक्शन
मोहित जैन और जगदीप सिद्धू ने ये फिल्म लिखी है और विजय कुमार अरोड़ा ने डायरेक्ट की है. कहानी कुछ खास नहीं है लेकिन स्क्रीनप्ले अच्छे से लिखा गया है. कॉमिक पंच मजेदार हैं, ऐसी फिल्मों में वैसे भी कहानी ट्रेलर जितनी ही होती है. ट्रीटमेंट ही दमदार होना चाहिए, डायरेक्शन बढ़िया है, स्क्रीन पर फ्रेशनेस दिखती है और आप बोर नहीं होते.
म्यूजिक
फिल्म का म्यूजिक अच्छा है, फिल्म के फील के हिसाब से मजेदार लगता है. बीच बीच में गाने आते जिन्हें देखकर मजा आता है.
कुल मिलाकर फैमिली के साथ ये फिल्म देखिए, आपको मजा आएगा
रेटिंग- 3.5 स्टार्स
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