आजकल थोक के भाव पर वेब सीरीज बन रही हैं,वैसे भी हमारे यहां भेड़चाल वाला मामला रहता है, एक चीज चल जाए तो जब उसको गन्ने के रस की आखिरी बूंद की तरह निचोड़ नहीं लिया जाता, हमारे मेकर्स मानते नहीं हैं. ऐसे में आजकल हर रोज नई वेब सीरीज बन रही हैं और जहां पहले 10 में से 1 वेब सीरीज खराब होती थी तो वहीं आजकल उल्टा हो गया है, आप खुद सोचिए पिछली बार कब अच्छी सीरीज देखी थी? खैर इंतजार कुछ हद तक खत्म हुआ है, जियो हॉटस्टार पर एक नई वेब सीरीज आई है, सर्च द नैना मर्डर केस, ये danish series forbrydelsen पर आधारित है. ये एक अच्छी सीरीज है, 6 एपिसोड तक ये सीरीज आपको बांधे रखती है और वो सब देती है जो एक अच्छी सीरीज को देना चाहिए. 

कहानीपुलिस को एक लड़की के कपड़े मिलते हैं और फिर पता चलता है कि कॉलेज में पढ़ने वाली नैना गायब हो गई है. जल्द ही लाश भी मिल जाती है लेकिन ये मर्डर किसने किया है? इसकी जांच सौंपी जाती है एसीपी संयुक्ता दास को जिनका आज इस नौकरी में आखिरी दिन है, वो अपने पति के पास अहमदाबाद जाना चाहती हैं और पुलिस की नौकरी की वजह से दांव पर लगी अपनी शादी को बचाना चाहती हैं. उनकी एक 16 साल की बेटी भी है. नए एसीपी जय कंवल आ जाते हैं लेकिन इन दोनों को जांच एक साथ करनी पड़ती है. दोनों के तरीके अलग हैं, ऐसे में ये जांच कैसे होगी? कौन है कातिल? ये आपको सीरीज देखकर पता चलेगा या हो सकता है कि ना भी चले लेकिन उसके लिए सीरीज देखनी तो होगी. 6 एपिसोड की इस सीरीज का हर एपिसोड लगभग 35 मिनट का है. 

कैसी है ये सीरीजये एक अच्छी सीरीज है, जिसमें सस्पेंस बना रहता है. पहला एपिसोड थोडा स्लो है लेकिन फिर सीरीज पेस पकड़ती है और एक के बाद एक ट्विस्ट एंड टर्न आते हैं जो आपको हैरान करते हैं. कहीं कहीं आपको कुछ किरदारों पर शक भी होता है जैसा कि मर्डर मिस्ट्रीज में अक्सर होता है लेकिन आपका शक शायद हर बार सही ना निकले. इस सीरीज में एक के बाद एक कई किरदार आते हैं जो सीरीज को दिलचस्प बनाए रखते हैं. कहीं किसी चीज को बेवजह खींचा नहीं गया, इसलिए आप सीरीज के साथ जुड़े रहते हैं. सीरीज में कई सब प्लॉट डाले गए हैं जो दिलचस्प लगते हैं, अगर आपके घर में भी स्कूल कॉलेज जाने वाले बच्चे हैं तो ये सीरीज देखते हुए आपको उनकी फिक्र हो सकती है. कुल मिलाकर ये सीरीज एक अच्छी सीरीज है जो देखी जा सकती है, आप निराश नहीं होेगे.

एक्टिंगकौंकणा सेन ने परिवार और ड्यूटी के बीच फंसी एसीपीस का किरदार कमाल तरीके से प्ले किया है. कैसे एक महिला ऑफिसर बैलेंस बैठाने की कोशिश करती है वो ये सीरीज आपको दिखाती है. कोंकणा कमाल की एक्ट्रेस हैं और ये सीरीज एक बार फिर से ये बात साबित करती है. सूर्य शर्मा एसीपी जय कंवल के किरदार में पूरी तरह फिट बैठते हैं. उनकी पर्सनैलिटी इस किरदार पर काफी सूट करती है. शिव पंडित ने यंग नेता का किरदार बढ़िया तरीके से प्ले किया है. श्रद्धा दास ने एक यंग लीडर की राइट हैंड के किरदार को परफेक्शन ने निभाया है. वो ग्लैमरस भी लगी हैं और शातिर भी. इनके अलावा बाकी के कलाकार भी अपने अपने किरदारों में पूरी तरह से फिट हैं.

राइटिंग और डायरेक्शनRadhika anand और Shreya karunakaram ने सीरीज को लिखा है  और रोहन सिप्पी ने डायरेक्ट किया है और इनका काम बढ़िया है. सीरीज की राइटिंग शार्प है, और यही इसकी ताकत है, रोहिन सिप्पी का डायरेक्शन बढ़िया है, हर किरदार का अच्छा इस्तेमाल किया गया है, सीरीज को वेवजह खींचा नहीं गया, 6 एपिसोड में समेटा गया है और ये इस सीरीज का एक बड़ा पॉजिटिव प्वाइंट है. 

कुल मिलाकर ये सीरीज आपको एंटरटेन करती है और देखी जा सकती है 

रेटिंग- 3.5 स्टार्स