Sarzameen Review: भारत-पाकिस्तान की दुश्मनी के बीच बाप बेटे की इमोशनल कहानी, पृथ्वीराज और काजोल का कमाल का काम
Sarzameen Review: काजोल, इब्राहिम अली खान और पृथ्वीराज सुकुमारन की दमदार एक्टिंग से सजी सरजमीन ओटीटी पर आज रिलीज हो गई है. देखने से पहले यहां रिव्यू पढ़ लें.
कायोज ईरानी
काजोल, इब्राहिम अली खान, पृथ्वीराज सुकुमारन, मिहिर आहूजा
जियो हॉटस्टार
भारत और पाकिस्तान की दुश्मनी पर ना जाने कितनी फिल्में बन चुकी हैं, कश्मीर को सेंटर पर रखकर भी कई अच्छी बुरी फिल्में हम देख चुके हैं, ऐसे में जियो हॉटस्टार पर सरजमीन आई है. करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शन ने ये फिल्म बनाई है और इस फिल्म की सबसे चौंकानी वाली चीज है इसकी स्टारकास्ट. मलयालम फिल्मों के कमाल के एक्टर और डायरेक्टर पृथ्वीराज सुकुमारन, काजोल और इब्राहिम अली खान जिनपर नादनियां के बाद से सबकी नजर है. फिल्म का ट्रेलर अच्छा था, और ट्रेलर से उम्मीद जगी थी कि फिल्म भी अच्छी होगी और ऐसा ही हुआ भी.
कहानी
ये कहानी है देश के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार कर्नल विजय मेनन यानि पृथ्वीराज सुकुमारन की जो अपनी पत्नी मेहर मेनन यानि काजोल के साथ रहता है. उनका एक बेटा है हरमन मेनन यानि इब्राहिम अली खान, सरहद पार के दुश्मनों की नजर हरमन पर है. वो विजय मेनन से कुछ ऐसा करवाना चाहते हैं जो वो नहीं करना चाहता, और फिर कुछ ऐसा हो जाता है कि इनकी जिंदगी में भूचाल आ जाता है. अब ये क्या होता है, ये आप फिल्म में ही देखिएगा क्योंकि इससे ज्यादा कुछ भी कहना स्पॉयरल हो जाएगा.
कैसी है फिल्म
ये एक अच्छी फिल्म है जिसमें देश के लिए कुछ भी कर गुजरने की फीलिंग आपको आती है. हिंदुस्तान पाकिस्तान और कश्मीर को एक अलग नजरिए से दिखाया गया है. फिल्म में बाप बेटे, मां बेटे और पति पत्नी की एक अलग तरह की बॉन्डिंग दिखाई गई है, और यही इमोशन्स इस फिल्म की जान हैं. फिल्म एक अच्छी पेस पर चलती है, कहीं आपको बोर नहीं करती, कहीं खिंची हुई नहीं लगती. एंड में एक ऐसा ट्विस्ट आता है जो आपको हैरान कर देता है. फिल्म की सिनैमैटोग्राफी अच्छी है, बीजीएम शानदार है, गाने अच्छे लगते हैं.
एक्टिंग
पृथ्वीराज सुकुमारन कमाल के एक्टर हैं, वो खराब एक्टिंग नहीं करते और यहां भी ऐसा ही हुआ है, वो इस रोल में खूब जमे हैं,काजोल भी कमाल की लगी हैं औऱ क्लाइमैक्स में वो चौंका देती हैं. इब्राहिम अली खान पर भी ये रोल सूट किया है. ये फिल्म देखकर लगा कि उन्हें इस फिल्म को शुरुआत करनी चाहिए थी. उनकी एक्टिंग में काफी सुधार दिखा. उन्हें देखकर लगा कि वो उन्होंने नादानियां से मिली आलोचना को गंभीरता से लिया है. मिहिर आहूजा काफी अच्छे लगे हैं.
राइटिंग और डायरेक्शन
फिल्म को सौमिल शुक्ला और अरुण सिंह ने लिखा है और kayoze irani ने डायरेक्ट किया है. राइटिंग अच्छी है, देश भक्ति को फैमिली इमोशन्स के साथ अच्छे से पिरोया गया है,डायेरक्शन भी बढ़िया है.
कुल मिलाकर ये एक अच्छी फिल्म है जो देश भक्ति की भावना जगाती है.
रेटिंग- 3 स्टार्स

























