Raja Shivaji Review: जबरदस्त रिसर्च वाली शानदार, पावरफुल और इमोशनल फिल्म, रितेश देशमुख ने दिल, दिमाग और गुर्दा सब जीत लिया
Raja Shivaji Review: राजा शिवाजी सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है और ये जबरदस्त रिसर्च के साथ बनाई गई पावरफुल फिल्म है. इसे देखने से पहले इसका रिव्यू यहां पढ़ लीजिए.
रितेश देशमुख
रितेश देशमुख, जेनेलिया डिसूजा, संजय दत्त, सलमान खान, अभिषेक बच्चन, भाग्यश्री, बोमन ईरानी, विद्या बालन, अमोल गुप्ते, सचिन खेडकर
थिएटर
छत्रपति शिवाजी महाराज एक अलग तरह के इमोशन हैं और अगर आप महाराष्ट्र से हैं तो इस इमोशन को और करीब से महसूस करते हैं. रितेश देशमुख मराठा हैं, बचपन से छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में पढ़ते आए हैं, उन्हें जानते समझते आए हैं, उनके लिए भी ये इमोशन बहुत खास है और उन्होंने पर्दे पर इस इमोशन को जिस अंदाज में जिया है. वो वाकई काबिले तारीफ है, रितेश मराठी सिनेमा में कमाल करते आए हैं, और इस बार तो उन्होंने खुद का कद खुद ही से ऊंचा कर दिया है. एक्टर से ज्यादा वो राइटर और डायरेक्टर के तौर पर दिल जीत ले जाते हैं.
कहानी
इस फिल्म की कहानी आपको थिएटर जाकर ही देखनी समझनी और महसूस करनी चाहिए, कहानी में काफी डिटेल्स हैं, कमाल की रिसर्च की गई है. मराठों और मुगलों के बीच की राजनीति को करीब से दिखाया गया है. कैसे राजा शिवाजी स्वराज के लिए लड़े, उनके सामने क्या क्या दिक्कतें आईं, हर चीज को बड़े कायदे से दिखाया गया है.
कैसी है फिल्म
ये फिल्म शानदार है, सबसे पहले तो आपको इस फिल्म की रिसर्च हैरान करती है. आपको इतना कुछ पता चलता है कि आप चौंक जाते हैं, हर किरदार को सही जगह दी गई है और यहां राइटर और डायरेक्टर रितेश कमाल कर जाते हैं. वो ऐसे डायरेक्टर नहीं बने जो खुद को चमका रहे हों, उन्होंने फिल्म को चमकाया. राजा शिवाजी की जिंदगी के ऐसे ऐसे पहलुओं को दिखाया गया है जो बहुत लोगों को नहीं पता होंगे. ये फिल्म सिर्फ युद्ध पर फोकस नहीं करती, राजा शिवाजी की महान कहानी बताती है और आपको देखकर लगता है कि राजा शिवाजी ऐसी ही फिल्म डिजर्व करते हैं. शिवाजी राजे की युद्ध नीति को यहां कमाल तरीके से दिखाया गया है कि कैसे वो पहले दुश्मन के दिमाग पर वार करते थे. फिल्म का vfx बेहतर हो सकता था लेकिन जब कहानी का इमोशन और रिसर्च बहुत मजबूत हो तो छोटी मोटी कमी महसूस नहीं होती और इनपर ध्यान भी नहीं जाता. इस फिल्म को रितेश की मुंबई फिल्म कंपनी ने ज्योति देशपांडे और जिओ स्टूडियोज के साथ मिलकर बनाया है और धुरंधर के बाद जिओ के लिए ये फिल्म एक और कमाल कर सकती है. खासतौर पर मराठी मार्केट में, ये फिल्म एक एक्सपीरियंस है, इसे महसूस कीजिए क्योंकि ये एक ऐसे हीरो की कहानी है जिन्हें भगवान के बराबर दर्जा दिया गया और अगर वो न होते तो हिंदुस्तान की किस्मत कुछ और होती.
एक्टिंग
रितेश देशमुख ने कमाल का काम किया है,रितेश का कद काठी इस किरदार के हिसाब से है. वो खुद को इस किरदार में ढाल गए हैं, ये किरदार निभाना एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है और रितेश ने ये काम बखूबी किया है. ये उनके करियर के बेस्ट परफॉर्मेंस में से एक रहेगा. सलमान खान का कैमियो कमाल लगता है,उनके स्क्रीन पर आते ही गजब तालियां सीटियां बजती हैं. संजय दत्त ने कमाल काम किया है, वो खूंखार लगे हैं, उन्हें देखकर गुस्सा आता है और ये उनके किरदार की कामयाबी है. अभिषेक बच्चन ने राजा शिवाजी के बड़े भाई के किरदार में जान डाल दी है, बहुत वक्त बाद अभिषेक इतने कमाल लगे. विद्या बालन का काम बहुत अच्छा है, वो खड़े खड़े जब अपने महाराजा को डांट देती हैं तो पता चलता है ये महिला कितनी ताकतवर है. भाग्यश्री ने बहुत बढ़िया काम किया है, जेनेलिया का रोल छोटा है लेकिन वो अच्छी लगी हैं. अमोल गुप्ते शानदार हैं, जितेंद्र जोशी काफी इंप्रेस करते हैं. sachin khedkar शानदार हैं, बोमन ईरानी ने भी अपने किरदार के साथ इंसाफ किया है.
राइटिंग और डायरेक्शन
इस फिल्म की रीढ़ है इसकी कमाल की राइटिंग, रिसर्च और राइटिंग पर काफी मेहनत की गई है और पूरी फिल्म में आपको ये महसूस होता है. डायरेक्शन के मामले में रितेश और ज्यादा इंप्रेस करते हैं, उन्होंने जिस तरह से हर किरदार को इस्तेमाल किया है वो कमाल है.
म्यूजिक
अजय अतुल का म्यूजिक इस फिल्म की आत्मा है, वो जो जादू पैदा कर गए हैं वो कोई और कर ही नहीं सकता था
कुल मिलाकर ये फिल्म हर हाल में देखिए
रेटिंग - 3.5 स्टार्स



























