प्रेम कीटाणु रिव्यू: वीर पहाड़िया की ये कॉमेडी फिल्म कैसी है? देखने से पहले जान लें
प्रेम कीटाणु रिव्यू: 2 अक्बटूबर को थियेटर में 'प्रेम कीटाणु' रिलीज हो चुकी है. कॉलेज लाइफ, प्यार, दोस्ती और कॉमेडी से भरपूर यह फिल्म कितनी एंटरटेनिंग है? जानें
अपूर्व सिंह कर्की
वीर पहाड़िया, आफिया सैय्यद, अपारशक्ति खुराना, राकेश बेदी
थियेटर
आज सिनेमाघरों में वीर पहाड़िया की कॉमेडी फिल्म 'प्रेम कीटाणु' रिलीज हो गई है. कॉलेज लाइफ पर बनी इस फिल्म में प्यार, दोस्ती, परिवार और हल्की-फुल्की कॉमेडी का तड़का है. फिल्म में वीर पहाड़िया के साथ आफिया सैयद और अपारशक्ति खुराना भी अहम भूमिकाओं में हैं. फिल्म कैसी है? इसकी कहानी में क्या खास है और कलाकारों की एक्टिंग कैसी है? आइए जानते हैं.
कहानी क्या है
बनारस के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन के दौरान विशाल (वीर पहाड़िया) और सुहानी (आफिया सैय्यद) पहली बार मिलेत हैं और दोनों एक-दूसरे को चार साल तक सिंगल रहने की बद्दुआ दे बैठते हैं. पढ़ाई के बाद दोनों की जिंदगी पूरी तरह बदल चुकी है. सुहानी एक बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी में अच्छी नौकरी हासिल कर अपने करियर में सेटल हो जाती है. वहीं, कॉलेज के दिनों में दिल टूटने और लापरवाही की वजह से विशाल जिंदगी में पिछड़ जाता है.

विशाल अब अमेरिका जाकर आगे की पढ़ाई करना चाहता है, लेकिन उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती पैसों का इंतजाम करना है. इसी सिलसिले में उसकी मुलाकात एक बार फिर सुहानी से होती है.
इस बार दोनों के बीच पुरानी कड़वाहट की जगह प्यार के एहसास पनपने लगते हैं. लेकिन कहानी में नया ट्विस्ट तब आता है, जब सुहानी के बॉस रंजीत यानि अपारशक्ति खुराना की एंट्री होती है और दोनों की जिंदगी में लव ट्राएंगल शुरू हो जाता है.

अब सवाल है कि क्या विशाल और सुहानी अपने पुराने गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे के करीब आ पाएंगे?
एक्टिंग
वीर पहाड़िया विशाल के किरदार में सहज और चुलबुले अंदाज में नजर आते हैं. इमोशनल सीन में भी उनकी एक्टिंग स्वाभाविक लगती है. इससे पहले वह फिल्म 'स्काई फोर्स' में नजर आए थे जो कमर्शियली सक्सेजफुल नहीं हो पाई है. इस फिल्म में उनका एक अलग अंदाज देखने को मिलता है. उनकी अच्छी बात यही है कि वो हर तरह के रोल ट्राई कर रहे हैं.

वहीं, आफिया सैयद ने अपनी डेब्यू फिल्म में सुहानी के किरदार को बखूबी निभाया है. दोनों की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री फिल्म के रोमांटिक हिस्से को दिलचस्प बनाती है.
अपारशक्ति खुराना का नाम सुनते ही उम्मीद होती है कि वह कुछ मजेदार जरूर करेंगे. फिल्म में भी उनका अंदाज कुछ ऐसा ही है. वह रंजीत के किरदार में कॉमेडी का रंग भरते हैं. उनकी मौजूदगी कई दृश्यों को मजेदार बनाती है.
राकेश बेदी समेत बाकी कलाकारों ने भी अपने किरदारों के साथ न्याय किया है.
म्यूजिक
फिल्म के गाने अच्छे हैं. 'कहो तो', 'तू मेरा रइयो' और 'इश्क का गुलाम' जैसे गाने फिल्म को और मनोरंजक बनाते हैं. ये फिल्म को बोरिंग होने से बचाते हैं. कभी गाने रोमांस को आगे बढ़ाते हैं, तो कभी कहानी की मस्ती को बनाए रखते हैं.
डायरेक्शन और राइटिंग
अपूर्व सिंह कार्की ने इस फिल्म का निर्देशन किया है. वो इससे पहले 'सिर्फ एक बंदा काफी है', 'भैया जी' और 'एस्पिरेंट्स' के दोनों सीजन जैसे प्रोजेक्ट्स का निर्देशन कर चुके हैं. इसकी की कहानी दीपक किंगरानी ने लिखी है. दोनों ने मिलकर ऐसी फिल्म बनाई है जिसे फन वॉच के लिए देखा जा सके. अच्छी बात यह है कि उन्होंने कहानी को बेवजह खींचा नहीं है. 2 घंटे 18 मिनट इसका रन टाइम है.
हालांकि, ऐसी कहानियां पहले भी कई फिल्मों में देखी जा चुकी है. कुछ जगहों पर कहानी प्रीडिक्टबल लगती है. इसके बावजूद कलाकारों की कॉमिक टाइमिंग और हल्के-फुल्के अंदाज की वजह से फिल्म देखने लायक बनी रहती है.
क्यों देखें?
कॉलेज लाइफ और यंग कैरेक्टर्स पर बनी ये फिल्म आपको नॉस्टैल्जिया में ले जा सकते हैं. तीनों कलाकारों के फ्रेश अंदाज फिल्म को एंटरटेनिंग बनाते हैं. अगर आप हंसी-मजाक, रोमांस और इमोशन से भरपूर फिल्म देखना चाहते हैं, तो 'प्रेम कीटाणु' एक बार जरूर देख सकते हैं.
रेटिंग 3.5 स्टार





















