ना जाने कौन आ गया रिव्यू: मॉडर्न हम दिल दे चुके सनम है, ये अलग तरह की लव स्टोरी काफी रिलेटेबल है
Na Jaane Kaun Aa Gaya Review: फिल्म एक लव स्टोरी की तरह शुरू होती है, एक पति पत्नी जो अपनी जिंदगी में खुश हैं, सब कुछ सही है, सबकुछ तो है उनके पास, लेकिन फिर इनकी जिंदगी में एक शख्स की एंट्री होती है.
विकास अरोड़ा
जतिन सरना, मधुरिमा रॉय, प्रणय पचौरी
थिएटर
आप इस फिल्म को चाहें तो मॉर्डन हम दिल दे चुके सनम कह सकते हैं. आज जमाना बदल गया है, लोगों की सोच बदल गई है, हालात बदल गए हैं, करियर का प्रेशर, आगे बढ़ने का प्रेशर और ना जाने कितने तरह का प्रेशर. ऐसे में ये लव स्टोरी आपको उन सारे प्रेशर्स से रूबरू करवाती है. ये फिल्म देखते हुए आपको लगता है कि ये काफी रिलेबेटल है. आप इस कहानी से खुद को जरूर जोड़ पाएंगे. आपको लगेगा कि ये आपकी, नहीं तो आपके आपसाप की कहानी है.
कहानी- ये फिल्म एक लव स्टोरी की तरह शुरू होती है. एक पति पत्नी जो अपनी जिंदगी में खुश हैं. सब कुछ सही है, सबकुछ तो है उनके पास, लेकिन फिर इनकी जिंदगी में एक शख्स की एंट्री होती है और सब कुछ बदल जाता है. कौन है वो शख्स? कैसे वो इनकी जिंदगी बदल देता है? क्या ये एक लव ट्राएंगल बन जाता है, या फिर मामला कोई और ही टर्न लेता है. इसके लिए आपको थिएटर्स जाकर ये फिल्म देखनी होगी.
कैसी है फिल्म- ये एक रिलेटेबल कहानी है, ये कहानी आपको रिश्तों के बारे में, प्यार के बारे में काफी कुछ सिखाती है, बताती है, समझाती है. उत्तराखंड की खूबसूरत वादियां फिल्म को एक खूबसूरत फील देती हैं. ये फिल्म अपनी पेस से चलती है, ना बहुत तेज, ना बहुत धीमी और ये पेस आपको अच्छी लगने लगती है. आप फिल्म से जुड़ जाते हैं, कई जगह आप चौंकते हैं, हैरान होते हैं, और जानना चाहते हैं कि आगे क्या होगा. हर किरदार को उभरने का पूरा मौका दिया गया है और हर किरदार आपको कुछ कह जाता है, ये फिल्म देखकर आपको अपने आसपास के बहुत से लोग याद आ जाएंगे, आपको ये उनकी कहानी लगने लगेगी, अपनी भी लग सकती है. ये फिल्म आज के सोशल मीडिया के दौर में रिश्तों में आई दूरियों को भी दिखाती है और हो सकता है इसके बाद आपके रिश्तों की दूरियां कम हो जाएं. ये फिल्म मॉर्डन जमाने की फिल्म है लेकिन इसे देखकर आपको हम दिल दे चुके सनम भी याद आएगी और क्यों आएगी इसके लिए आपको ये फिल्म पहले देखनी होगी. तो अगर कुछ नया, फ्रेश और रिलेटेबल देखना है तो ये फिल्म जरूर देखिए.
एक्टिंग- जतिन सरना ने कमाल का काम किया है. एक प्रेमी, एक पति और एक पिता, तीनों शेड्स में वो असर छोड़ते हैं, अपनी मोहब्बत के दर्द को अपने चेहरे पर दिखाने में वो कामयाब रहे हैं, 'सेक्रेड गेम्स' से मशहूर हुए जतिन के करियर में ये फिल्म एक अहम रोल अदा करेगी. प्रणय पचौरी ने अपने किरदार को बड़े मैच्योर तरीके से निभाया है. वो शांत तरीके से अपनी बात कहते हैं लेकिन असर छोड़ते हैं. मधुरिमा रॉय की स्क्रीन प्रेजेंस कमाल की है, वो लगी बहुत अच्छी हैं. वो आज की बहुत सी मॉर्डन महिलाओं को रिप्रेंजेंट करती हैं और ये काम बड़े असरदार तरीके से करती हैं.
राइटिंग और डायरेक्शन- विकास अरोड़ा और अमल सिंह की राइटिंग अच्छी है. उन्होंने फिल्म को एक सधे हुए तरीके से लिखा है और विकास अरोड़ा का डायरेक्शन भी बढ़िया है. वो अपनी बात बड़े मैच्योर अंदाज में कहते हैं और बात दर्शक तक पहुंचती है.
कुल मिलाकर एक अच्छी और रिलेटेबल फिल्म देखनी है तो जरूर देखिए.
रेटिंग- 3 स्टार्स




























