Metro In Dino Review: हम अक्सर कहते हैं न कि यार ऐसी फिल्में आजकल बनती क्यों नहीं है जो याद रहें, जो रूह को छू जाएं. जिनका जिक्र हम सालों बाद भी करें, तो जनाब ऐसी फिल्म बन गई है. कमाल का सिनेमा बनाने वाले अनुराग बासु ने एक मास्टरपीस बनाया है जो आपको हील करेगा, ये फिल्म आपको कुछ देकर जाएगी, रिलेशनशिप में दिक्कत है तो उसको सुलझा देगी, और रिलेशनशिप सिर्फ एक उम्र तक सीमित नहीं होता. हमारे मां बाप , दादा दादी के रिश्तों में भी दिक्कत होती है, ये फिल्म 15 साल के टीनएजर से लेकर 70 साल तक के बुजुर्ग के रिश्तों को बेहतर करने का काम करेगी.

कहानी
इस फिल्म में एक साथ कई कहानियां चलती है. पंकज त्रिपाठी और कोंकणा सेन शादीशुदा हैं लेकिन शादी में बोर हो गए हैं. उनकी टीनएजर बेटी ये जानना चाहती है कि वो लेस्बियन है या स्ट्रेट है. अली फजल और फातिमा सना शेख लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशन में हैं, करियर और प्यार के बीच फंसे हैं. आदित्य रॉय कपूर मस्तमौला हैं, पहले से किसी के प्यार में पड़ी सारा अली खान से उनका रिश्ता कैसे बनता है. नीना गुप्ता कोंकणा और सारा की मां है. शादी में दिक्कत है, फिर अपने स्कूल के दोस्त अनुपम खेर से मिलती हैं. इन सबकी कहानी में आपको अपनी कहानी दिखेगी, आपके अपने रिश्ते दिखेंगे. 
 
कैसी है फिल्म
ये आपको हील करने वाली फिल्म है. आपको सुकून देने वाली फिल्म है. आपको बेहतर इंसान बनाने वाली फिल्म है, फर्स्ट हाफ बहुत कमाल का है, सेकेंड हाफ थोड़ा कम कमाल है. सारी कहानियां गुलज़ार और जावेद अख्तर की शायरी की तरह आपस में कमाल तरीके से बनी गई हैं. ये फिल्म दिक्कत नहीं बताती, उसका सॉल्यूशन देती है. बिना ज्ञान दिए आपको समझा और सिखा जाती है. बीच बीच में प्रीतम का म्यूजिक हवा के ताज़े झोंके जैसा आता है, ऐसी फिल्में अब बनती नहीं. पता नहीं क्यों लेकिन अब बनी है, तो देखिए, पहले वाले पार्ट से कंपेयर मत कीजिए क्योंकि तब रिश्ते अलग थे, सिनेमा अलग था, हालात अलग थे, ये अपने आप में दिल को छू लेने वाला सिनेमा है.
 
एक्टिंग
इस फिल्म में हर एक्टर ने कमाल काम किया है, पंकज त्रिपाठी को देखकर मजा आ जाता है, एक चीटर हसबैंड के किरदार में उनको देखना मजेदार है. कोंकणा सेन कमाल हैं, वो लगी भी काफी खूबसूरत हैं, नीना गुप्ता हर बार की तरह चौंका देती हैं. अनुपम खेर तो कभी खराब काम करते ही नहीं. आदित्य रॉय कपूर पर ये किरदार गजब सूट किया है, वो मस्तमौला लड़के के रोल में हैं और उनपर ये किरदार कमाल तरीके से सूट किया है. सारा अली खान ने एक मॉडर्न लड़की के स्ट्रगल को अच्छे से दिखाया है. एक लड़की जिसका बॉस उसे हैरेस करता है और बॉयफ्रेंड उसका साथ नहीं देता. इस किरदार को सारा ने बड़े नेचुरल तरीके से परफॉर्म किया है. अली फजल को देखकर लगता है कि वो जैसे इसी किरदार के लिए बने हैं. एक स्ट्रगलिंग सिंगर के किरदार में अली गजब काम कर गए हैं. फातिमा सना शेख का काम बढ़िया है, एक मॉडर्न लड़की जो करियर और बॉयफ्रेंड के बीच फंसी है. शाश्वत चटर्जी काफी बढ़िया हैं. Rohan gurbaxani का काम अच्छा है. खुश जोतवानी बढ़िया हैं. सारे चाइल्ड एक्टर्स ने भी अच्छा काम किया है. कुल मिलाकर हर एक्टर अपने किरदार में कमाल कर गया है.
 
डायरेक्शन
अनुराग बसु इस फिल्म के हीरो हैं. ऐसी कहानियां वही कह सकते हैं और जिस तरह से कह गए हैं वो तरीका बेमिसाल है. अनुराग का सिनेमा आर्काइवल वैल्यू वाला होता है और यहां भी वो ऐसी बना गए हैं जो सालों दिलों में रहेगी. एक अलग तरह का ट्रीटमेंट और कहानी कहने का अंदाज, दिल जीत ले गए अनुराग.
 
म्यूजिक
प्रीतम का म्यूजिक बढ़िया है, मजा आता है, गाने कहानी का हिस्सा हैं. म्यूजिक फिल्म का पार्ट बना दिया गया है और जिस तरह से बनाया गया है वो काबिले तारीफ है.
 
कुल मिलकर किसी की कट सुनिए और ये फिल्म देखिए
 
रेटिंग- 4 stars