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Mere Husband Ki Biwi Review: अच्छी टाइमपास एंटरटेनर निकली अर्जुन कपूर की ये फिल्म, रकुल-भूमि, हर्ष करेंगे खूब एंटरटेन
Mere Husband Ki Biwi Review: अर्जुन कपूर, भूमि पेडनकेर और रकुल प्रीत सिंह की फिल्म मेरे हसबैंड की बीवी सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. इस फिल्म को देखने से पहले पढ़ लें रिव्यू.
कैसी है मेरे हसबैंड की बीवी?
Source : Instagram
मेरे हसबैंड की बीवी
21-02-25 | हिंदी
कॉमेडी
Director
मुदस्सर अजीज
Starring
अर्जुन कपूर, रकुल प्रीत सिंह, भूमि पेडनेकर, हर्ष गुजराल, आदित्य सील, अनीता राज
Platform
थिएटर
Mere Husband Ki Biwi Review: अच्छे दिन एक तो दिल्ली में बीजेपी के आए हैं और दूसरे अर्जुन कपूर के चल रहे हैं. सिंंघम अगेन में बॉलीवुड के सारे बड़े हीरो पीछे लगे थे और इस फिल्म में 2 खूबसूरत हीरोइनें. कुछ फिल्में लॉजिक को फ्रिज में रखकर बनाई ये वैसी ही फिल्म है. ट्रेलर खराब था लेकिन फिल्म ठीक है, और वैसे भी ट्रेलर से कोई सोशल मैसेज देने का वादा नहीं किया गया था. एंटरटेनमेंट का वादा था और ये पूरा होता है.
कहानी
अर्जुन का भूमि से तलाक हो जाता है. उनकी जिंदगी में रकुल आ जाती हैं लेकिन फिर ऐसा क्या होगा है कि भूमि की फिर से एंट्री हो जाती है. बस इससे ज्यादा कहानी बता दी तो स्पॉइलर हो जैसा क्योंकि कहानी इससे ज्यादा बस 1 लाइन में खत्म हो जाती है.
कैसी है फिल्म
ये एक अच्छी टाइम पास फिल्म है. फर्स्ट हॉफ ठीक ठाक सा है लेकिन सेकेंड हॉफ में रकुल और भूमि के लड़ाई के सीन मजेदार हैं. शुरू में आपको लगता है कि फिल्म आगे नहीं बढ़ रही, मुद्दे पर नहीं आ रही और ये इस फिल्म की कमी है. फर्स्ट हाफ को लंबा खींचा गया है तो आप फर्स्ट हाफ के बाद थियेटर से न जाएं. सेकेंड हाफ देखें, कहीं कहीं फिल्म हंसाती है, कहीं कहीं बचकानी भी लगती है. लेकिन कुल मिलाकर आपका टाइम पास होता है. एक बात ये समझ नहीं आती कि फिल्मों में दिल टूटते ही लोग एयरपोर्ट कैसे निकल लेते हैं. इतनी जल्दी फ्लाइट और टिकट कैसे मिल जाती है और बाकी के लोग क्या रेलवे की प्लेटफॉर्म टिकट लेकर एयरपोर्ट के अंदर जाते हैं, तो ऐसे क्लाइमैक्स अब थोड़े ज्यादा हो गए. इस फिल्म में भी यही होता है लेकिन कुल मिलाकर फिल्म ठीक ठाक बनी है.
एक्टिंग
रकुल प्रीत सिंह ने सबसे अच्छा काम किया है. वो लगी भी काफी खूबसूरत हैं. भूमि का काम अच्छा है, वो कहीं कहीं लाउड लगती हैं लेकिन उनका कैरेक्टर ही ऐसा है. रकुल और भूमि के सीन ही इस फिल्म की जान हैं और फिल्म को बचा ले जाते हैं. अर्जुन कपूर का काम अच्छा हैं, उन्होंने एक्सप्रेशन देने पर कड़ी मेहनत की है. एक सीन में वो रकुल को इमोशनल होकर कहते हैं कि में कोई ट्रॉफी थोड़े हूं जो तुम दोनों लड़ रहीं हो. इस सीन में वो इंप्रेस करते हैं. हर्ष गुजराल को सस्ता विकी कौशल कहा जाता है, और छावा जिस तरह से चल रही है उस हिसाब से पालिका बाजार वाला विकी भी बवाल है और यहां हर्ष ने हंसने का काम अच्छे से किया है. आदित्य सील अच्छे लगे हैं. शक्ति कपूर, मुकेश ऋषि, अनीता राज का काम भी अच्छा है.
डायरेक्शन
मुदस्सर अजीज का डायरेक्शन ठीक ठाक है. फर्स्ट हाफ को छोटा करते और रकुल भूमि के सीन बढ़ाते तो और मजा आता लेकिन फिर भी वो एक टाइम पास फिल्म बनाने में कामयाब रहे.
कुल मिलाकर टाइम पास करना हो तो ये फिल्म देख सकते हैं
Rating - 3 stars
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