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Mandala Murders Review: 2025 की सबसे शॉकिंग सीरीज, दिमाग घुमा देगा सस्पेंस, वाणी, वैभव और सुरवीन का कमाल का काम
Mandala Murders Review: वाणी कपूर ने ओटीटी डेब्यू कर लिया है. उनकी वेब सीरीज मंडाला मर्डर्स आज नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो गई हैं. सीरीज देखने का प्लान बना रहे हैं तो पहले पढ़ लें रिव्यू.
मंडाला मर्डर्स रिव्यू
Source : Instagram
मंडाला मर्डर्स
25-07-25 | हिंदी
क्राइम-सस्पेंस
Director
मनन रावत और गोपी पुथरन
Starring
वाणी कपूर, सुरवीन चावला, वैभव राज गुप्ता, श्रिया पिलगांवकर, जमील खान, रघुवीर यादव
Platform
नेटफ्लिक्स
सीरीज के नाम में मर्डर हो तो लगता है कि कोई मर्डर मिस्ट्री होगी. एंड में एक कातिल निकलेगा और हो सकता है कि बेचारे कंटेट का ही मर्डर हो जाए लेकिन ये सीरीज ऐसी बिल्कुल नहीं है. ये आपको चौंका देती है, आपको एक अलग दुनिया में ले जाती है. मंडल की दुनिया, अब ये दुनिया किसने बनाई, क्या है इसका राज, ये सीरीज कमाल तरीके से आपको बताती है और आपको कुछ नया देखने को मिलता है. यशराज और नेटफ्लिक्स की जोड़ी वैसी भी कमाल करती है. रेलवे मैन मे हम देख चुके हैं और यहां भी ये कमाल बेमिसाल है.
कहानी
ये कहानी है चरणदासपुर नाम की एक जगह की जहां एक बाबा लोगों को वरदान देता है. वरदान मांगने वाले को अपना अंगूठा के अजीब सी मशीन में डालना होता है, अंगूठा कट जाता है और वरदान मिल जाता है. फिर चाहे वो मौत को मात देना ही क्यों ना हो. इसके बाद एक के बाद एक मर्डर होने लगते हैं और मर्डर भी नॉर्मल तरीके से नहीं होते. हर मर्डर एक अलग पैटर्न पर होता है, और ये अपने आप में एक रहस्य है और ये सबकुछ जुड़ा है एक मंडल है. क्या है ये मंडल, इसके लिए आपको नेटफ्लिक्स पर ये कमाल की सीरीज देखनी होगी.
कैसी है सीरीज
इन दिनों हम कहते हैं कि कहानियां नहीं हैं. मलयालम फिल्मों की तारीफ उनकी कहानी की वजह से ही की जाती है. यहां आपको कहानी मिलती है और चौंकाने वाली कहानी मिलती है. आप कभी भी ये अंदाजा नहीं लगा पाते कि क्या होगा, कहानी को कमाल तरीके से गढ़ा गया है. स्क्रीन से एक सेकेंड भी आपकी नजर नहीं हटेगी और अगर हट गई तो कहानी समझ में नहीं आएगी. ये ऐसी सीरीज है जो आपको बड़े ध्यान से देखनी होगी. इस सीरीज में एक अलग दुनिया क्रिएट की गई है. मंडल की दुनिया, और वो दुनिया जिस तरह से दिखाई गई है वो कमाल है. 8 एपिसोड की ये सीरीज कहीं भी खिंची हुई नहीं लगती, हर सीन जरूरी लगता है. कहीं नहीं लगता कि छोटी होती तो अच्छा होता और यही अच्छे कंटेंट की पावर होती है कि आपको बांधकर रखे. कुल मिलाकर ये सीरीज कुछ नया देती है, कुछ अलग दिखाती है.
एक्टिंग
वाणी कपूर यहां एक ऑफिसर बनी हैं जो इस पूरे मामले की जांच करती है. ये वाणी के पिछले सारे किरदारों से अलग है. अब तक हमने उन्हें ग्लैमरस रोल में देखा लेकिन यहां वो चौंकती है और इस किरदार को उन्होंने बखूबी निभाया है. गुल्लक में दिखे वैभव राज गुप्ता को देखकर लगता है कि क्या कमल का टैलेंट है. गुल्लक से एक दम उल्टा किरदार और इतनी शानदार एक्टिंग. वैभव लंबी रेस को घोड़े हैं. सुरवीन चावला ने कमाल का काम किया है, उनकी स्क्रीन प्रेंजेस वैसे भी कमाल की है और यहां वो इस किरदार में कमाल तरीके से सूट हुई हैं. श्रिया पिलगांवकर का काम अच्छा है, वो कम स्क्रीन स्पेस में भी इम्प्रेस करती हैं. जमील खान एक अलग तरह के लुक और किरदार में है और उनका काम भी शानदार है. रघुवीर यादव छोटे से रोल में कमाल कर गए हैं.
राइटिंग और डायरेक्शन
इस सीरीज को मनन रावत और गोपी पुथरन ने मिलकर बनाया है और उन्होंने अपना काम बहुत अच्छे से किया है. इस सीरीज की राइटिंग कमाल की है और जिस तरह से इसे बनाया गया है वो काबिले तारीफ है. कुछ नया करने की ये कोशिश पूरी तरह से कामयाब होती है.
कुल मिलाकर कुछ नया देखना है तो देखिए ये सीरीज
रेटिंग- 4 स्टार्स
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