Mahavatar Narsimha Review | भगवान विष्णु और उनके सबसे बड़े भक्त प्रह्लाद की ये कहानी अद्भुत है, सिनेमा में एक नए महाअवतार यूनिवर्स की शुरुआत
Mahavatar Narsimha Review : ‘महाअवतार नरसिन्हा’ फिल्म रिलीज हो चुकी है. इसमें हिरण्याक्ष और हिरण्यकश्यप की कहानी है. अगर आप भी इसे देखना चाहते हैं तो पहले जान लीजिए कि ये फिल्म कैसी है.
अश्विन कुमार
आदित्य राज शर्मा, हरिप्रिया मट्टा
इन दिनों कंटेंट इतना ज्यादा आ रहा है कि दर्शक को जब तक कुछ नया और अलग नहीं मिलता वो थिएटर तो दूर ओटीटी पर भी अपना वक्त नहीं देता, फिल्म मेकर्स के सामने भी चुनौती है कुछ नया करने की, ऐसी है एक शुरुआत है ‘महाअवतार नरसिन्हा’, इसे आप सिनेमा में एक नए यूनिवर्स की शुरुआत कह सकते हैं, ये एक एनिमेटिड फिल्म है जिसमें भगवान विष्णु और उनके सबसे बड़े बाल भक्त प्रह्लाद की कहानी दिखाई गई है और इसे जिस तरह से दिखाया गया है वो अपने आप में अद्भुत है, इस फिल्म के मेकर्स ने कुछ नया करने की कोशिश की है, और इस फिल्म के मेकर्स का कहना है कि वो ऐसी ही और पौराणिक कहानियां बनाते रहेंगे ये महाअवतार यूनिवर्स की पहली फिल्म है जिस भव्य तरीके से ये फिल्म बनी है, उससे लगता है कि ये यूनिवर्स अपने आप में कमाल होगा, बस जरूरी ये है कि दर्शक इस कमाल फिल्म को देखने थिएटर जाएं.
कहानी- ये कहानी शुरू होती है महर्षि कश्यप और उनकी पत्नी दिति के घर जन्मे दो राक्षसों हिरण्याक्ष और हिरण्यकश्यप से, जो पूरे ब्रह्मांड पर अत्याचार करते हैं, हिरण्याक्ष का नाश करने के लिए भगवान विष्णु कैसे वराह रूप में अवतार लेते हैं और फिर हिरण्यकश्यप कैसे उनसे बदला लेना चाहता है, लेकिन उसका ही बेटा प्रह्लाद भगवान विष्णु का सबसे बड़ा भक्त है, वो अपने बेटे को भी मारने की कोशिश करती है, फिर कैसे भगवान विष्णु को नरहिंस अवतार लेना पड़ता है, यही कहानी आप इस फिल्म में देखेंगे.
कैसी है फिल्म- ये एक कमाल की फिल्म है जिसे देखते हुए आपको रौंगटे खड़े हो जाएंगे, एनिमेशन इतना जबरदस्त है कि आपको यकीन नहीं होता है कि ये फिल्म इंडिया में बनी है, जबकि इस फिल्म का पूरा वीएफएक्स इंडिया में बना है, और जिस तरह से कहानी दिखाई गई है , आप एक सेकेंड के लिए स्क्रीन से नजर नहीं हटाते, जिस ग्रैंड तरीके से भगवान विष्णु के दोनों अवतारों को पेश किया गया है, आप चौंक जाते हैं, पूरे दो घंटे तक ये फिल्म आपको बांधकर रखती है, प्रह्लाद की कहानी दिल को छू जाती है, इस फिल्म में दिखाई गई कुछ कथाएं हमने पहले भी सुनी हैं लेकिन उन्हें डिटेल में देखना और इतने कमाल तरीके से देखना अपने आप में एक एक्सपीरियंस है, ये एक अलग तरह की फिल्म है, एक अलग तरह की पहल है, हमारी पौराणिक कथाओं को सामने लाने की, बच्चे इस फिल्म के जरिए एंटरटेनिंग तरीके से इन कथाओं के बारे में जान सकते हैं, इस फिल्म को बच्चों के साथ एन्जॉय किया जा सकता है और इसे पूरी फैमिली के साथ ही देखा भी जाना चाहिए.
एक्टिंग - सारे एक्टर्स ने कमाल तरीके से वॉयस एक्टिंग की है, सभी की आवाज उनके किरदारों पर सूट करती है, आदित्य राज शर्मा, हरिप्रिया मट्टा , संकेत जायसवाल, प्रियंका भंडारी , वसुंधरा बोस, हरजीत वालिया, संचित वर्तक, सांवरी याज्ञनिक और दिनेश ने इस फिल्म में अपनी आवाजें दी हैं और इनकी आवाजों से इस फिल्म के लेवल को और ऊंचा किया है.
डायेरक्शन और राइटिंग - अश्विन कुमार की राइटिंग और डायरेक्शन काफी अच्छा है, उन्होंने इस पूरी कहानी को बड़े दिलचस्प तरीके से पेश किया है, कहानी का फ्लो काफी एंटरटेनिंग है, कहीं कोई चीज खिंची हुई नहीं लगती.
कुल मिलाकर ये फिल्म हर हाल में देखिए
रेटिंग- 4 स्टार्स
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