Maa Review: स्त्री और मुंजया के बाद बॉलीवुड में हॉरर कॉमेडी बनाने की भेड़चाल जोरों पर है लेकिन ये फिल्म उस भेड़चाल का हिस्सा नहीं है. ये मायथॉलोजिकल हॉरर है, शैतान यूनिवर्स की फिल्म है. ये फिल्म कुछ नया करने की कोशिश करती है. दमदार ट्रेलर के बाद इस फिल्म से उम्मीदें भी ज्यादा थी. उन उम्मीदों पर ये कुछ हद तक खरी उतरती है. ज्यादा डरा तो नहीं पाती लेकिन फिर भी कुछ तो ऐसा दिखा जाती है जिसे देखने के लिए आप थिएटर जा सकते हैं.

कहानीये कहानी है पश्चिम बंगाल में चंद्रपुर नाम की एक जगह की, यहां एक परिवार में लड़की की पैदा होते ही बलि दे दी जाती है. क्या है इसके पीछे की कहानी, क्या श्राप मिला है इस परिवार को, और सालों बाद जब इस परिवार की बहू काजोल अपनी बेटी के साथ यहां आती हैं तो कैसे एक राक्षस उसे और गांव की दूसरी लड़कियों को गायब करता है और फिर ये मां क्या करती है. यही इस फिल्म कहानी है जिसे पूरी तरह से आप ये फिल्म देखकर ही समझ पाएंगे. 

कैसी है फिल्मये एक अच्छी फिल्म है, ये फिल्म एक ठीक ठाक पेस पर चलती है, कहानी में ट्विस्ट एंड टर्न आते हैं, और आप ये जानना चाहते हैं कि इस कहानी के राज क्या हैं. वीएफएक्स अच्छे हैं, एंड के 10 मिनट कमाल के हैं. ये फिल्म अपने ट्रेलर जितनी दमदार नहीं है लेकिन खराब भी नहीं है. इसे एक अच्छी फिल्म कहा जा सकता है जो एक अपनी तरह को जोनर की फिल्म है. ये फिल्म कुछ अलग करने की कोशिश करती है और उसमें कुछ हद तक कामयाब होती है. कम से कम इस फिल्म को देखकर लगता है कि कुछ अलग करने का इरादा तो रखते थे इसमें मेकर्स, इस फिल्म में हॉरर का डोज काफी कम है या फिर कह लीजिए कुछ खास है ही नहीं, तो अगर आपको बहुत ज्यादा हॉरर वाली फिल्में पसंद हैं तो आप निराश हो सकते हैं लेकिन अगर माइथोलॉजिकल कहानियों में दिलचस्पी है तो आपको मजा आएगा, कुल मिलाकर ये फिल्म एक बार देखी जा सकती है . 

एक्टिंगकाजोल ने मां के किरदार में जान डाल दी है, वो कमाल की लगी हैं और उन्होंने कमाल तरीके से इस किरदार को निभाया है, अपनी बेटी को बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकने वाली मां के इमोशन्स को काजोल में बखूबी दिखाया है. रोनित रॉय ने मेन विलेन के किरदार में कमाल का काम किया है. काजोल के पति के किरदार में इंद्रनील सेनगुप्ता का काम बढ़िया है, dibyendu bhattacharya ने शानदार काम किया है. वो वैसे भी कमाल एक्टर हैं, और ये तो उनका होम ग्राउंड था. बंगाली किरदार था और इसमें उन्होंने जान डाल दी है. kherin sharma ने काजोल की बेटी के किरदार में अच्छा काम किया है. नई एक्ट्रेस surjasikha das ने काफी इम्प्रेस किया, एक सीन में वो काजोल पर चिल्लाती हैं और उन्होंने इस सीन में कमाल कर दिया है. मॉर्डन लुक वाली इस एक्ट्रेस ने अपने देसी लुक से भी शॉक दिया. गोपाल सिंह का काम बढ़िया है

राइटिंग और डायरेक्शनAjit jagtap, aamil keeyan khan,saiwyn quadras ने ये कहानी लिखी है और विशाल फुरिया ने डायरेक्ट किया है. कहानी में हॉरर का एलिमेंट और होना चाहिए था, कुछ सवाल अनसुलझे भी रह जाता है और कुछ चीजें अटपटी भी लगती हैं, उन्हें जस्टिफाई किया जाना चाहिए. डायरेक्शन ठीक है और बेहतर हो सकता था. 

कुल मिलाकर ये फिल्म एक बार देखी जानी चाहिए 

रेटिंग- 3 स्टार्स

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