Lafangey Review: इन दिनों कई फिल्में और वेब सीरीज आती हैं जिनकी ज्यादा बात नहीं होती. ज्यादा प्रमोशन नहीं होता लेकिन उनमें कंटेंट कमाल का होता है और वो वर्ड ऑफ माउथ से ही लोगों तक पहुंचती हैं. अच्छे कंटेंट की पावर यही होती है और इसलिए कहते हैं कंटेंट इज किंग. अमेजन एमएक्स प्लेयर की ये वेब सीरीज भी ऐसी ही है, बहुत ही रिलेटेबल कहानी, अच्छी राइटिंग, कमाल के एक्टर और बढ़िया एंटरटेनमेंट.

कहानी
ये कहानी तीन दोस्तों की है, हर्ष बेनीवाल यानि कमलेश, गगन अरोड़ा यानि रोहन और अनूद सिंह ढाका यानि चैतन्य. तीनोें की जिंदगी में अपनी अपनी दिक्कतें हैं. कमलेश को एक्टर  बनना है लेकिन पापा दुकान पर बैठने का प्रेशर डालते हैं. गगन को शहर से बाहर अच्छी नौकरी मिलती है लेकिन वो अपनी गर्लफ्रेंड के चक्कर में वो नौकरी छोड़ देता है और बस अपनी गर्लफ्रेंड को खुश करने में लग जाता है. चैतन्य के परिवार पर कर्ज है, उसे नौकरी नहीं मिल रही और वो एक गलत रास्ता चुन लेते हैं. इसके बाद इनकी जिंदगी में जो जो होता है उसके लिए आपको 6 एपिसोड की ये सीरीज देखनी होगी.
 
कैसी है सीरीज
ये एक बढ़िया सीरीज है, जो आपको अपनी और अपने दोस्तों की कहानी लगेगी, ये काफी रिलेटेबल है. इस सीरीज का एक डायलॉग है, भरोसे से ज्यादा प्रेशर किसी चीज का नहीं होता. बस यही भरोसा है जो यंगस्टर्स पर प्रेशर डालता है और वो इस प्रेशर में कुछ भी करने को तैयार हो जाते हैं. सही गलत भी नहीं सोचते, ये वेब सीरीज यही दिखाती है. आपको ये अपनी सी लगती है, इसके किरदार अपने से लगते हैं. आपको लगता है कि इन सबसे हम या तो गुजर चुके हैं या गुजर रहे हैं, या हमारे आसपास के लोग इससे गुजर रहे हैं. शुरुआत से ही ये सीरीज आपको बांध लेती है, देखने में मजा आता है. फिर बीच में लगता है कि चीजों को थोड़ा सा खींचा गया है और कुछ सीन छोटे हो सकते थे या कट सकते थे. कुछ चीजें रिपीट लगती हैं लेकिन सीरीज फिर से पेस पकड़ती है और एंड के एपिसोड में आपकी आंखों से आंसू भी आते हैं और ये सीरीज आपको कुछ सिखाकर जाती है.
 
एक्टिंग
हर्ष बेनीवाल ने कमाल की एक्टिंग की है, वो इतने नेचुरल लगे हैं कि आपको लगता ही नहीं एक्टिंग कर रहे हैं. जब वो गालियां देते हैं तो आपको अपने दोस्त जैसे लगते हैं. हर्ष ने बता दिया कि कंटेट क्रिएटर भी कमाल के एक्टर हो सकते हैं और आजकल के कई ऐसे एक्टर्स से काफी बेहतर हैं जो जबरदस्ती स्टार बनने की कोशिश कर रहे हैं और बस कोशिश ही कर रहे हैं. गगन अरोड़ा का काम जबरदस्त है, एक तरफ बग्गा, जो किसी की नहीं सुनता और दूसरी तरफ ये किरदार, यहां ये अपनी गर्लफ्रेंड के लिए कुछ भी करने को तैयार रहता है. गगन का किरदार आपको हंसाता भी है और रुलाता भी है. अनूद सिंह ढाका ने भी बढ़िया काम किया है, वो बिल्कुल नेचुरल लगे हैं. बरखा सिंह ने गगन की गर्लफ्रेंड इशिता का किरदार बढ़िया तरीके से निभाया है. काफी सारी लड़कियां उनसे रिलेट करेंगी. रंजन राज अपनी नेचुरल एक्टिंग से काफी इम्प्रेंस करते हैं और खूब एंटरटेन करते हैं. सलोनी गौर का रोल ठीक ठाक है, उनके किरदार में उतनी गहराई नहीं दिखी उन्हें और अच्छे से इस्तेमाल किया जाना चाहिए था.
 
राइटिंग और डायरेक्शन
अभिषेक यादव और अंकित यादव ने इस सीरीज को लिखा है.  अभिषेक यादव और प्रेम मिस्त्री ने डायरेक्ट किया है. राइटिंग बढ़िया है, काफी रिलेटेबल है, डायरेक्शन भी अच्छा है. बस एपिसोड्स की लंबाई थोड़ी ज्यादा लगती है, आजकल अटेंशन स्पैन वैसे ही काफी कम है और बस यही एक चीज इस सीरीज में अखरती है. कुछ चीजें रिपीट लगती है,उन्हें कम कर दिया जाता तो ये और शानदार लगती है. 
 
कुल मिलाकर ये सीरीज देखने लायक है
 
रेटिंग - 3.5 स्टार्स