Kesari Veer Review: अगर तुम्हारे जैसे कुछ शिव भक्त मेरी सेना में शामिल हो जाएं तो मैं हिन्दुस्तान का ही नहीं पूरी दुनिया का सुल्तान बन जाऊंगा. ऐसी ही शिवभक्तों की कहानी है केसरी वीर. आजकल हिंदी सिनेमा में एक ही दिक्कत है, कहानियां नहीं हैं, ऐसे में जब इतिहास के किसी ऐसे हीरो की कहानी पर्दे पर दिखाई जाती है जिनके बारे में हमें ज्यादा नहीं पता तो उस फिल्म को मौका तो देना चाहिए लेकिन क्या ये फिल्म मौका देने लायक है. सूरज पंचोली इस फिल्म से कमबैक कर रहे हैं, उन्होंने अच्छी कोशिश की है. परफॉर्मेंस बढ़िया है लेकिन फिल्म और बेहतर होती तो सूरज, सुनील शेट्टी और विवेक के अच्छे परफॉर्मेंस और असर डालते.

कहानी
ये कहानी है हमारे वीर योद्धा हमीर जी गोहिल की जो गुजरात में पैदा हुए. जब अलाउद्दीन खिलजी की सेना ने सोमनाथ मंदिर को लूटने के लिए उसपर हमला किया तो 16 साल के इस योद्धा ने पूरी बहादुरी से उनका मुकाबला किया है. इस कहानी को पूरा जानने के लिए आपको थिएटर जाना होगा.
 
कैसी यह फिल्म
इस फिल्म की कहानी अच्छी है, ऐसी कहानियां हमें जाननी चाहिए. हमारे वीर योद्धाओं के बारे में हमें पर होना चाहिए. लेकिन ये फिल्म एवरेज है, बीच बीच में कुछ ऐसी सीन आते हैं लेकिन स्क्रीनप्ले में कमियां हैं. लड़ाई के सीन ठीक ठाक है, कई जगह मजा नहीं आता, vfx खराब हैं. फिल्म लंबी खींचती है इसलिए इसकी कमियां और खलती हैं. रोमांस वाला एंगल कम होना चाहिए था, स्लो मो शॉट्स कम होने चाहिए थे. लेकिन ये कहानी हमें जरूर जाननी चाहिए और इसके लिए ये फिल्म देखी जा सकती है.
 
एक्टिंग
सूरज पंचोली ने इस फिल्म से वापसी की है. उन्होंने शिव भक्त हमीर जी गोहिल का किरदार निभाया है. वो सिर्फ 16 साल के थे, इस किरदार में सूरज जमे हैं. उन्होंने इसके लिए अपने बाल भी लंबे किए, सीधे हेयर विग नहीं लगा ली, एक्शन सीन्स में सूरज जमे हैं, उनकी आंखों में आग दिखती है. उन्होंने जो कुछ जिंदगी में देखा उसके बाद कहा जा सकता है महादेव ने उनका बढ़िया कमबैक करवाया है. वो ये उम्मीद भी जगाते हैं कि आगे और अच्छा काम करेंगे. सुनील शेट्टी ने वेगदाजी का किरदार बढ़िया तरीके से निभाया है. स्क्रीन पर वो बवाल लगते हैं, उनका इंट्रोडक्शन सीन जबरदस्त है. वो उस फिल्म को उठाने की पूरी कोशिश करते हैं, विवेक ओबरॉय ने जफर खान का किरदार कमाल तरीके से निभाया है. वो खूंखार लगे हैं और उनकी वजह से फिल्म में मजा आता है क्योंकि विलेन दमदार होता है तो हीरोगीरी देखने में मजा आता है. आकांक्षा शर्मा काफी खूबसूरत लगी हैं. उन्होंने अच्छी कोशिश की है, उम्मीद है आगे वो अपनी एक्टिंग में और धार लाएंगी.
 
डायरेक्शन
प्रिंस धीमान और कनुभाई चौहान ने फिल्म को डायरेक्ट किया है, कनुभाई ने फिल्म को क्षितिज श्रीवास्तव के साथ लिखा है, इन्हें राइटिंग में और मेहनत करनी चाहिए थी, अच्छे एक्टर्स को और अच्छे से इस्तेमाल करना चाहिए था, डायरेक्शन एवरेज है, VFX पर और काम करना चाहिए था.
 
कुल मिलाकर देख के वीर योद्धा के लिए ये फिल्म देख सकते हैं 
 
रेटिंग- 2.5 स्टार्स