Karuppu Review | 'करुप्पू' में दिखा सूर्या का जबरदस्त अवतार, तृषा की मासूमियत जीतेगी दिल, पुरानी कहानी का गॉड लेवल ट्रीटमेंट
Karuppu Movie Review: सूर्या की फिल्म 'करुप्पू' एक दिन देरी से सिनेमाघरों में रिलीज की गई है. ऐसे में इस तमिल एक्शन ड्रामा फिल्म को देखने का प्लान कर रहे हैं तो पहले रिव्यू जान लीजिए.
आरजे बालाजी
Suriya, Trisha Krishnan
थिएटर्स
अपुन ही भगवान है, वैसे तो ये डायलॉग वेब सीरीज 'सेक्रेड गेम्स' में नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने बोला था लेकिन यहां सू्र्या इसे सीरियसली ले लेते हैं, इस फिल्म में करप्शन के खिलाफ लड़ाई की वही पुरानी कहानी है लेकिन इसका ट्रीटमेंट बढ़िया है, सूर्या में यहां भगवान की शक्तियां आ जाती हैं और इसलिए इस फिल्म का ट्रीटमेंट गॉड लेवल का है.
कहानी- एक पिता अपनी बेटी के साथ केरल से चेन्नई आता है, उन्हें अपना गोल्ड बेचना है ताकि बेटी का लिवर ट्रांसप्लांट करवाया जा सके, गोल्ड चोरी हो जाता है, मिल भी जाता है लेकिन कोर्ट से गोल्ड लेने में बहुत टाइम लगता है और इसी बहाने करप्शन की अलग अलग लेयर्स सामने आती हैं, निराश पिता वहां के भगवान करुप्पूसामी से प्रार्थना करता है और वो एक वकील के रूप में आते हैं, फिर क्या होता है, ये आपको इस तमिल फिल्म में थिएटर जाकर देखना होगा
कैसी है फिल्म- ये एक अच्छी फिल्म है, खासतौर से सूर्या और तृषा के फैंस को मजा आएगा, सूर्या का मास अवतार देखने को मिलेगा, कहानी करप्शन के खिलाफ लड़ाई की है लेकिन हीरो यहां भगवान है, और वो जो करता है वो आपको खून एंटरटेन करता है, सूर्या के कई सीन मैसी और फुल पैसा वसूल हैं, सूर्या यहां यश की 'टॉक्सिक' का डायलॉग daddy's home भी बोलते हैं और थिएटर में खूब तालियां बजती हैं, ये फिल्म बताती है कि कैसे ऊपर से नीचे तक हर लेवल पर करप्शन है और कैसे उसे ठीक किया जा सकता है, एक्शन सीन काफी अच्छे हैं, एक सीन में तृषा गाड़ी चलाती हैं, सूर्या पीछे बैठे हैं और गुंडे पीछे पड़ जाते हैं, वो कमाल का सीन है, फिल्म में कॉमेडी भी अच्छी हैं, कुल मिलाकर ये एक अच्छी फिल्म है जो आपको एंटरटेन करती है, कहानी भले पुरानी है लेकिन फिर भी आपको मजा आता है, आप उस पिता के लिए इमोशनल हो जाते हैं, फिल्म बेकार में लंबी नहीं खींचती, ढाई घंटे आप एंटरटेन होते हैं
एक्टिंग- सूर्या ने कमाल काम किया है, काफी टाइम बाद वो ऐसे मास अवतार में दिखे, वो कमाल एक्शन करते हैं, जब वो भगवान का अवतार लेते हैं तो बहुत जबरदस्त लगते हैं, तृषा काफी अच्छी लगी हैं, वो अपनी खूबसूरती और मासूमियत से आपका दिल जीत लेंगी, आरजे बालाजी उस लड़की के करप्ट वकील हैं जिसका गोल्ड चोरी होता है और वो अपने रोल में फिट हैं, उन्होंने ही फिल्म डायरेक्ट भी की है, इंद्रंस और अनाघा मया रवि बाप बेटी बने हैं और दोनों की कहानी आपको इमोशनल करती है.
राइटिंग और डायरेक्शन- आरजे बालाजी ने 5 लोगों के साथ मिलकर फिल्म लिखी है, राइटिंग ठीक है, लेकिन बालाजी का डायरेक्शन काफी अच्छा है, वो फिल्म को स्टाइलिश बना गए हैं.
रेटिंग - 3.5 स्टार्स



























