Kapkapii Review: हॉरर कॉमेडी एक ऐसा जॉनर है जो इन दिनों काफी पॉपुलर है. स्त्री,मुंजिया की कामयाबी के बाद ऐसी फिल्में खूब बन रही हैं, लेकिन हर फिल्म ना स्त्री होती है, ना मुंजिया, और होनी भी नहीं चाहिए. क्योंकि दर्शक हमेशा कुछ अलग देखना चाहते हैं, और अगर ऐसा है तो आप कंपकपी देख सकते हैं. इसका प्लॉट 2023 में आई मल्यालम फिल्म रोमांचम से लिया गया है और उसे बॉलीवुड के तड़के के साथ बनाया गया है. अगर आपने रोमांचम नहीं देखी है तो ये फिल्म देखकर मजा आएगा और अगर देखी है तो भी ये फिल्म आपको एंटरटेन करेगी. 
 
कहानी
ये कहानी है कुछ दोस्तों की जो सारे फुकरे हैं, एक घर में रहते हैं. पैसों की किल्लत है, एक दिन सब मजाक मजाक में ouija board पर आत्मा बुलाने वाला गेम खेलते हैं. आत्मा आ भी जाती है और इनके सवालों के सही सही जवाब देती है लेकिन क्या ये आत्मा सच्ची है या फिर इनमें से ही किसी की कलाकारी. धीरे धीरे इनके पास लोग आने लगते हैं जो इस भूत से अपने सवालों के सही जवाब जानकर हैरान हो जाते हैं. लेकिन फिर ये इनके साथ ही कुछ अजीबोगरीब चीजें होने लगती हैं, आखिर सच क्या है, ये जानने के लिए आप थिएटर जा सकते हैं. 
 
कैसी है फिल्म
ये एक हल्की फुल्की हॉरर कॉमेडी एंटरटेनर है, जो आपको डराती तो कम है लेकिन हंसाती ज्यादा है. इन दोस्तों की केमिस्ट्री बढ़िया है, इन वन लाइनर आपको गुदगुदाते हैं, ये स्त्री या मुंजिया जैसी नहीं है. ये अपनी तरह की फिल्म है, फिल्म में एंड तक सस्पेंस बनाए रखने की कोशिश की जाती है और मेकर्स इसमें कामयाब भी होते हैं. फिल्म में हॉरर का एलमिंट ठीक ठाक ही है, इतना डर नहीं लगता लेकिन फिल्म देखकर मजा जरूर आता है. आप एंटरटेन होते हैं, इस फिल्म को भी आप फैमिली के साथ देख सकते हैं. ये कोई बहुत शानदार फिल्म नहीं है लेकिन कोई बहुत खराब फिल्म भी नहीं है. एक अच्छी एंटरटेनर है, जो दो घंटे तक आपको एंटरटेन करती है.  फिल्म के डायरेक्टर संगीत सिवन ने ये फिल्म बनाने का बाद दुनिया को अलविदा कह दिया था तो ये उनकी आखिरी फिल्म है और अपनी आखिरी फिल्म में वो दर्शकों को एंटरटेन करने में कामयाब हुए हैं.
 
एक्टिंग
श्रेयस तलपड़े का काम बढ़िया है उनकी कॉमिक टाइमिंग अच्छी है वो इस किरदार में सूट होते हैं. हालांकि ऐसे रोल वो पहले कर चुके हैं लेकिन यहां प्लॉट अलग है तो आप उनकी परफॉर्मेंस को एन्जॉय करते हैं. तुषार कपूर बढ़िया है, उन्हीं के नाम पर फिल्म को प्रमोट किया गया है तो उनका रोल और होना चाहिए था. सिद्धि इदनानी ने अच्छा काम किया है, सोनिया राठी इम्प्रेस करती हैं, जय ठक्कर की कॉमिक टाइमिंग अच्छी है, बाकी की सपोर्टिंग कास्ट का काम भी अच्छा है. 
 
डायेरक्शन और राइटिंग
कुमार प्रियदर्शी और सौरभ आनंद ने फिल्म को लिखा है  और संगीत सवन ने डायरेक्ट किया है. राइटिंग अच्छा है, स्क्रीनप्ले और बेहतर हो सकता था, हालांकि हिंदी दर्शकों के हिसाब से कॉमिग पंच अच्छे डाले गए हैं लेकिन स्क्रीप्ले और टाइट होता तो और मजा आता. हॉरर एलिमेंट और ज्यादा होना चाहिए था, डायरेक्शन ठीक है. जबरदस्ती में डराने या हंसाने की कोशिश नहीं की गई, और यही अच्छा लगता है. बेकार का हॉरर म्यूजिक नहीं डाला गया है, फिल्म का फ्लो स्मूद रखा गया है. 
 
कुल मिलाकर ये फिल्म आपको एंटरटेन करेगी 
 
रेटिंग -3 स्टार्स