Housefull 5 Movie Review: हाउसफुल फ्रेचाइजी की फिल्म का मतलब होता है हंसना, हंसना और एंटरटेन होना. दिमाग को घर पर फ्रिज में रखकर जाना, लॉजिक को डेट पर भेज देना और ढाई घंटे टेंशन को भूल जाना. ये फिल्म वही करती है, ट्रेलर में ज्यादा दम नहीं था लेकिन फिल्म बढ़िया निकली. फर्स्ट हाफ काफी शानदार है, सेकेंड हाफ अच्छा है और कुल मिलाकर फिल्म काफी अच्छी है और अपने मकसद में कामयाब होती है.

कहानी

एक अमीर और मशहूर बिजनेसमैन रंजीत अपनी प्रॉपर्टी किसी जॉली के नाम कर देते हैं. समंदर में एक शिप पर उनके 100 वें जन्मदिन पर ये ऐलान होना है लेकिन शिप पर तो कुछ और ही हो जाता है. तीन तीन जॉली आ जाते हैं और हो जाता है एक कत्ल. अब किसका कत्ल हुआ और किसने किया, ये फिल्म आपको हंसाते हंसाते कातिल का पता लगाती है. फिल्म के दो वर्जन है A और B, ये रिव्यू फिल्म के A और B दोनों वर्जन का है. दूसरे वर्जन में कातिल अलग निकलता है , दोनों में ज्यादा फर्क नहीं है.

कैसी है फिल्म

इस फिल्म का फर्स्ट हाफ काफी मजेदार है, एक भी सीन एक्सट्रा नहीं लगता. आप खूब हंसते हैं, आपको मजा आता है, आप खूब एंटरटेन होते हैं, कॉमिक पंच काफी शानदार लगते हैं. सेकेंड हाफ थोड़ा खिंचा हुआ लगता है लेकिन फिर क्लाइमैक्स तक आते आते मजा आता है और आपको प्रियदर्शन टाइप फील आता है. अगर सेकेंड हाफ और मजेदार होता तो ये फिल्म और शानदार लगती. लेकिन कुल मिलाकर फिल्म अपने मकसद में कामयाब होती है, ऐसी कमर्शियल फिल्मों का बनना बहुत जरूरी होती है और इनका चलना भी जरूरी है. ऐसी फिल्में बिना दिमाग लगाए देखनी चाहिए और बस एंटरटेन होना चाहिए और ये काम ये फिल्म बखूबी करती है लेकिन फिल्म में एडल्ट कॉमेडी और डायलॉग्स हैं तो बच्चों को सोच समझकर ले जाइएगा. फिल्म में आपको अच्छे कपड़े, अच्छे सेट, ग्लैमर खूब देखने को मिलेगा. 

एक्टिंग

इस फिल्म में एक्टर्स की पूरी फौज है. लगभग 19 एक्टर हैं और सबने अच्छा काम किया है लेकिन अक्षय कुमार को देखकर मजा आ जाता है. अक्षय ने गजब की कॉमेडी की है. अक्षय से हेरा फेरी 3 की डिमांड करने वालों को थोड़ा सा सुकून ये फिल्म देखकर जरूर मिलेगा. रितेश देशमुख बढ़िया है. नाना पाटेकर ने शानदार काम किया है. सौंदर्या शर्मा के सौंदर्य का बखूबी इस्तेमाल किया गया है. फिल्म के मेल कैरेक्टर्स और थिएटर में बैठे दर्शक दोनों को वो लुभाती हैं. सोनम बाजवा शानदार लगी हैं, अभिषेक बच्चन अब सीरियस रोल में अच्छे लगते हैं यहां उतने जमे नहीं. बाकी सबका काम अच्छा है, सबने अपने अपने किरदार को अच्छे से निभाया है.

राइटिंग और डायरेक्शन

ये फिल्म साजिद नाडियाडवाला ने लिखी है और उम्मीद नहीं थी कि साजिद ऐसी फिल्म लिख सकते हैं. राइटिंग बढ़िया है, ट्विस्ट एंड टर्न अच्छे हैं, कॉमिक पंच मजेदार हैं, तरुण मनसुखानी का डायरेक्शन भी बढ़िया है.

म्यूजिक

फिल्म का म्यूजिक ठीक है, गाने रिलीफ देते हैं, लाल परी देखने में मजा आता है

रेटिंग -3.5 स्टार्स