HIT 3 Review: सिनेमा का दूसरा नाम कन्विक्शन है, कई बार एक हीरो 10 को मारता है तो मजा नहीं आता और कई बार 1 हीरो 100 को मारता है और मजा आ जाता है, यही काम नानी ने किया है. एनमिल को भी भूल जाएंगे और मार्को को भी, नानी पर्दे पर इतना गदर मचाते हैं. नानी के फैन हैं तो किसी हाल में ये फिल्म मिस मत कीजिएगा और हां कमजोर दिल के हैं तो जरा संभलकर देखिएगा क्योंकि यहां गाजर मूली की तरह लोगों को काटा जाता है. ये तेलुगू फिल्म है लेकिन हिंदी में भी डब होकर आई है.
कहानी
13 लोगों का बेहरमी के कत्ल हो जाता है और कातिल इनके 3 अंग निकाल लेता है लेकिन ये अंग किडनी, लिवर और दिल नहीं है, कुछ और हैं, ये कौन कर रहा है, क्या मकसद है इनका, HIT के अफसर अर्जुन सरकार इसकी जांच करते हैं और हैरान करने वाले खुलासे होते हैं. और होती है जबरदस्त मार काट, क्या होता है ये देखने सिनेमा चले जाइए.
कैसी है फिल्म
ये फिल्म अपने ट्रीटमेंट की वजह से बढ़िया है. इसमें कोई मास्टर स्टोरी नहीं है लेकिन गजब का कन्विक्शन और कमाल का ट्रीटमेंट है. फिल्म पहले फ्रेम से आपको बांध लेती है जब नानी खुद जेल में है और फ.र जो होता है वो आपको हैरान करता रहता है, लेकिन सेकेंड हाफ में आपको गजब का मजा आता है. जब स्किवड गेम भी देखने को मिलता है और इतना रॉ एक्शन होता है कि आप हैरान रह जाते हैं. कई बार आंखें बंद कर लेते हैं. इसे मार्के के पापा कह लीजिए या एनिमल का प्रो मैक्स वर्जन लेकिन यहां हर हथियार इस्तेमाल होता है. नानी के फैन हैं तो हर हाल में देखिए, नहीं हैं तो देखकर हो जाएंगे.
एक्टिंग
नानी ने कमाल का काम किया है. उन्होंने फिर से साबित किया है कि वो कमाल के एक्टर हैं. एक्शन सीन में वो कमाल लगे हैं. आप उन्हें देखकर ये मान लेते हैं कि ये अकेला 150 सनकी लोगों को मार देगा. अपनी बॉडी लैंग्वेज, डायलॉग डिलीवरी पर नानी ने काफी मेहनत की है. डबिंग और बेहतर हो सकती थी लेकिन कोशिश काफी अच्छी है. श्रीनिधि शेट्टी ने भी अपने किरदार के साथ पूरा इंसाफ किया है, वो पुलिसावाली के रोल में जमी हैं. सूर्या श्रीनिवास ने अच्छा काम किया है. प्रतीक बब्बर का काम ठीक है, हालांकि और खूंखार विलेन होता तो और मजा आता.
राइटिंग और डायरेक्शन
सैलेश कोलानू ने फिल्म को लिखा और डायरेक्ट किया है और उनका काम अच्छा है. स्टोरी ठीक ठाक है लेकिन ट्रीटमेंट बढ़िया है.
कुल मिलाकर ये फिल्म देखी जा सकती है
रेटिंग- 3.5 स्टार्स
