His story of itihaas Review: क्या स्वास्तिक का साइन हमारा अपना है या कहीं और से लिया गया, क्या अकबर वाकई में ग्रेट था, क्या वाकई सम्राट अशोक ने कलिंगा युद्द के बाद बुद्ध धर्म अपनाया था. जीटी रोड किसने बनवाई, क्या हमें गलत इतिहास पढ़ाया जा रहा है, क्या हमारे और हमारे बच्चों के दिमाग में किसी साजिश के तरह गलत इतिहास भरा जा रहा है, इस फिल्म का एक डायलॉग है -किसी की इंटेलिजेंस समाप्त करनी है तो सबसे पहले उसका कॉन्फिडेंस मार दो और ये होता है एजुकेशन के जरिए, ये फिल्म आपको दिमाग का हिलाती है, आपको सोचने पर मजबूर करती है और एक बहस की शुरुआत करती है,सही गलत का फैसला भी तो तभी होगा जब किसी चीज पर बहस होगी.

कहानी- ये फिल्म एक किताब पर आधारित है, किताब का नाम है brainwashded republic और इसे लिखा है नीरज अत्री ने, एक फिजिक्स टीचर को जब ये लगता है कि उसकी बेटी को गलत इतिहास पढ़ाया जा रहा है, वो अपने स्कूल में जाकर पेपर में ये लिख देती है कि हिंदू मर्द अपने घर की औरतों पर अत्याचार करते हैं और फिर उसे ये बताती है कि ये तो मैंने हिस्ट्री की किताब में पढ़ा तो वो ठानता है गलत हिस्ट्री को एक्सपोज करेगा और वो ये कैसे करता है, यही कहानी है और ये आपको थिएटर जाकर देखनी चाहिए.

कैसी है फिल्म- ये एक जरूरी फिल्म है. इस फिल्म की प्रोडक्शन वैल्यू भले कम है लेकिन मकसद बड़ा है और ये फिल्म अपने मकसद में कामयाब होती है. फिल्म शुरू में थोड़ी स्लो लगती है लेकिन धीरे धीरे रेस पकड़ती है औऱ वो सीन जहां हिस्ट्री पर बात की गई है वो कमाल के हैं. ये फिल्म आपको सोचने पर मजबूर कर देती है, शुरू में फिल्म देखकर लग सकता है कि ये कोई एजेंडा तो नहीं लेकिन फिल्म लॉजिक के साथ चीजें समझाती है. हर मुद्दे पर बात करती है, ऐसी फिल्में बननी चाहिए, इन्हें अपने परिवार के साथ देखा जाना चाहिए. सही या गलत पर बहस भी तभी होगी जब बहस शुरू होगी और ऐसी फिल्में बहस शुरू करवाती हैं. पिछले दिनों ‘छावा’ में हमने छत्रपति संभाजी महाराज की कहानी देखी. ‘केसरीवीर’ में हमीर जी गोहिल की कहानी देखनी, कई ऐसे हीरोज की कहानियां अब सामने आ रही हैं जो हमने इतिहास में नहीं पढ़ी और ये फिल्म हमारे इतिहास को सही करने की बात करती है, इस फिल्म को देखा जाना चाहिए.

एक्टिंग - सुबोध भावे ने फिजिक्स प्रोफेसर के रोल में कमाल का काम किया है, वो इस रोल में फिट हैं, इनके मोनोलॉग फिल्म का जान हैं. योगेंद्र टिक्कू ने हिस्टोरियन के रोल में जान डाल दी है. वो टीचर ही लगे हैं. अंकुर विकल का काम अच्छा है. आकांक्षा पांडे काफी इम्प्रेस करती हैं. चाइल्ड एक्टर किशा अरोड़ा ने बढ़िया काम किया है. 

डायरेक्शन और राइटिंग - मनप्रीत सिंह धामी का राइटिंग और डायरेक्शन अच्छी है. राइटिंग में जान है इसलिए फिल्म अच्छी बन पाई. अगर उन्हें और पैसा मिलता तो वो प्रोडक्शन भी और बेहतर करते. कुल मिलाकर ये फिल्म देखिए 

रेटिंग- 4 स्टार्स

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