Evil Dead Burn Review: कमजोर दिल वालों के लिए नहीं है ये घिनौनी हॉरर फिल्म, हॉरर के शौकीनों को मजा आ जाएगा
Evil Dead Burn Review: हॉलीवुड फिल्म 'ईविल डेड बर्न' थिएटर्स में रिलीज हो गई है. अगर आप ये हॉरर फिल्म देखने का प्लान बरा रहे हैं, तो इसका रिव्यू जरूर पढ़ लें.
सेबेस्टियन वैनिसेक
सुहिला याकूब, तांडी राइट, लुसियान बुकानन
ये फिल्म कमजोर दिल वालों के लिए बिल्कुल नहीं है. इस फिल्म को देखते हुए आपको उल्टी आ सकती है. घबराहट हो सकती है और आप काफी परेशान भी हो सकते हैं. हॉलीवुड वाले अक्सर कुछ ऐसा कर जाते हैं जो चौंका देता है. और इस बार फिर से ऐसा ही हुआ है ईविल डेड बर्न के साथ. इस फ्रेंचाइजी की कई फिल्में पहले भी आ चुकी हैं. लेकिन अगर आपने इनमें से कोई भी फिल्म नहीं देखी है तो भी कोई दिक्कत नहीं. आप इस फिल्म को सीधे देख सकते हैं. बस शर्त यही है कि आपका दिल मजबूत हो. वरना ये फिल्म आपको बुरी तरह डिस्टर्ब कर सकती है
कहानी
ये कहानी एक ऐसी लड़की की है जिसकी अपने पति से अक्सर लड़ाई होती रहती है. पति बच्चा चाहता है लेकिन लड़की बच्चा नहीं चाहती. फिर एक कार एक्सीडेंट में पति की मौत हो जाती है और लड़की अपने ससुराल वालों के पास आ जाती है. इसके बाद शुरू होता है हॉरर का एक ऐसा खेल जो आपको परेशान कर देगा. एक आत्मा जिसे इस सीरीज में डेडलाइट कहा जाता है. कभी किसी के अंदर जाती है तो कभी किसी और के अंदर. आखिर ऐसा क्यों हो रहा है और इसके पीछे का सच क्या है. ये जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी
कैसी है फिल्म
ये एक जबरदस्त हॉरर फिल्म है. इस फिल्म में जिस तरह का वायलेंस और मारकाट दिखाई गई है वो एक अलग ही लेवल की है. यहां इंसानों को जिस तरह काटा जाता है उस तरह शायद सब्जियां भी नहीं काटी जातीं. कई सीन इतने खतरनाक हैं कि आप अपनी आंखें बंद कर लेंगे. कई सीन ऐसे हैं जिन्हें आप देख ही नहीं पाएंगे और उन्हें देखने के बाद काफी डिस्टर्ब भी हो सकते हैं. एक सीन में कार की सीट का हेडरेस्ट एक लड़की की गर्दन में घुस जाता है और फिर वो उसे निकाल देती है. एक दूसरे सीन में कार के दरवाजे में फंसकर उंगलियां इस तरह कटती हैं कि देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं. फिल्म करीब पौने दो घंटे की है लेकिन इसके बावजूद थोड़ी सी खिंची हुई लगती है. जहां बातचीत वाले सीन आते हैं वहां लगता है कि सीधे हॉरर दिखाया जाए. क्योंकि चाहे आप उस हॉरर को देखकर परेशान हो रहे हों. फिर भी आप देखना चाहते हैं कि ये विभत्सता आखिर किस हद तक जाएगी.फिल्म के आखिर में एक पोस्ट क्रेडिट सीन भी है. उसे पूरी तरह समझने के लिए इस फ्रेंचाइजी की पिछली फिल्म देखना जरूरी है. हालांकि उसके बिना भी पूरी फिल्म आसानी से समझ में आ जाती है. अगर आप हॉरर फिल्मों के शौकीन हैं तो इसे जरूर देखिए. लेकिन अगर कमजोर दिल के हैं तो अपने रिस्क पर देखिए. कोशिश कीजिए कि किसी को साथ लेकर देखें. और रात में तो बिल्कुल मत देखिए. वरना काफी परेशान हो सकते हैं
एक्टिंग
फिल्म के सभी एक्टर्स ने शानदार काम किया है. आपको कहीं भी ऐसा नहीं लगेगा कि कोई एक्टिंग कर रहा है. बल्कि ऐसा महसूस होगा कि ये लोग सच में उसी डरावनी दुनिया का हिस्सा हैं और उस खौफ को जी रहे हैं. सुहिला याकूब लीड रोल में हैं और उनका काम बेहद दमदार है. वो आपको जिस तरह डर महसूस कराती हैं उससे आप सीट पर बैठे-बैठे चीख पड़ेंगे. तांडी राइट का काम बहुत अच्छा है. हंटर दूहन काफी डराते हैं. लुसियान बुकानन भी शानदार हैं. इसके अलावा बाकी कलाकारों ने भी अपने-अपने किरदार पूरी ईमानदारी से निभाए हैं
राइटिंग और डायरेक्शन
सेबेस्टियन वैनिसेक और फ्लोरेंट बर्नार्ड ने फिल्म को लिखा है. जबकि निर्देशन सेबेस्टियन वैनिसेक ने किया है. राइटिंग अच्छी है लेकिन यहां राइटिंग से ज्यादा इसका ट्रीटमेंट प्रभावित करता है. फिल्म का डायरेक्शन बेहद शानदार है. जिस तरह से दर्शकों को डराया गया है उसे आप फिल्म खत्म होने के बाद भी काफी समय तक नहीं भूलेंगे. ये फिल्म आपके दिमाग में बनी रहती है और बार-बार याद आती है
रेटिंग -3.5 स्टार्स
















