Daayra Review: सिस्टम पर सवाल उठाती है दायरा, सच की कहानी में गायब करीना, इंप्रेस करेंगे पृथ्वीराज
मेघना गुलजार की फिल्म दायरा सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है अगर आप इस फिल्म को देखने का प्लान कर रहे हैं तो उससे पहले पढ़ें रिव्यू...
मेघना गुलजार
करीना कपूर, पृथ्वीराज सुकुमारन
थिएटर
कहते हैं ना कि कुछ कहानियां दिलों में घर कर जाती है हैदराबाद का रेप केस आपको याद होगा जिसने निर्भया कांड की याद दिला दी थी. इसी सच्ची घटना से प्रेरित मेघना गुलजार की फिल्म 'दायरा' है जिसे सिनेमाघरों में रिलीज कर दिया गया है. फिल्म में पृथ्वीराज सुकुमारन और करीना कपूर ने लीड रोल प्ले किया है. दोनों पहली बार स्क्रीन शेयर करते हुए नजर आए हैं. ऐसे में अगर आप इस फिल्म को देखने का प्लान करें तो पहले जान लीजिए फिल्म की कहानी और एक्ट्रेस की एक्टिंग के बारे में...
कैसी है कहानी?
सिस्टम बदलता है लोग नहीं... कभी-कभी यह डायलॉग भी सही लगता है. क्योंकि 'दायरा' फिल्म की कहानी सच्ची घटना से प्रेरित है. हैदराबाद रेप केस पर आधारित इस फिल्म में इन्वेस्टिगेशन तो दिखाया गया है साथ ही उस घटना के बारे में भी दिखाया गया कि किस तरीके से वो घटित हुई, जो सच में एक पल के लिए रूह कंपा देने वाली होती है. उसे इमेजिन करना ही बहुत मुश्किल होता है.
फिल्म की कहानी रमन कुमार और अजुनी कोहली के इर्द-गिर गिर्द घूमती है. इसमें पूरी तरीके से इन्वेस्टिगेशन दिखाया गया है. एक तरफ मामले में किए गए एनकांउटर का इन्वेस्टिगेशन दूसरी तरफ रेप कांड का इन्वेस्टिगेशन चलता है हालांकि फिल्म की कहानी बिल्कुल सटीक नहीं होती काफी उलझी हुई नजर आती है ऐसा लगता है कि डायरेक्ट जो कहना और दिखाना चाहता है उससे थोड़ा भटकता है. लेकिन फिल्म में बीच-बीच में कुछ सीन्स ऐसे भी आते हैं जो ऐसा होता है कि आप स्क्रीन से नजर भी नहीं हटा पाते हैं. मेघना गुलजार ने इसे थोड़ा अलग ढंग से दिखाया है, जिसके बाद सिस्टम और न्यायिक व्यवस्था पर ही सवाल उठ जाते हैं.
एक्टिंग
फिल्म 'दायरा' में पृथ्वीराज सुकुमार ने डीजीपी रमन कुमार का रोल प्ले किया है. वह न्याय व्यवस्था में विश्वास नहीं रखते हैं लेकिन न्याय देने में विश्वास रखते हैं. फिल्म में पृथ्वीराज सुकुमारन अपनी एक्टिंग से दर्शकों को इंप्रेस करते हैं उनकी स्क्रीन प्रेजेंस काफी इंप्रेसिव लगती है.
करीना कपूर और पृथ्वीराज सुकुमारन के बीच कोई खास सीन नहीं होते हैं. वो एक ही सीन में नजर आते हैं जो महज चंद मिनट का ही होता है तो अगर यह सोच कर जा रहे हैं कि दोनों की जोड़ी देखने के लिए मिलेगी तो ऐसा नहीं है सिर्फ एक ही सीन में दोनों नजर आने वाले हैं.
करीना कपूर भी डीजीपी अजुनी कोहली के किरदार में होती हैं वह इस एनकाउंटर की इन्वेस्टिगेटिव ऑफिसर होती हैं जो सच का पता लगाती हैं कि यह एनकाउंटर है या फिर सेल्फ डिफेंस. तो फिल्म में करीना कपूर का कोई खास किरदार और मजबूत कड़ी देखने के लिए नहीं मिलती है लेकिन जब पृथ्वीराज और करीना कपूर आमना सामना होता है तो थोड़ी देर के लिए वो सीन थोड़ा सा अच्छा लगता है. करीना के पास फिल्म में करने के लिए कुछ खास काम नहीं है.
दमदार क्लाइमैक्स लेकिन खींचा हुआ डायरेक्शन
फिल्म 'दायरा' का निर्देशन मेघना गुलजार ने किया है मेघना गुलजार जिस चीज के लिए जान जाती हैं फिल्म में वह उसे गुनाह नहीं पाई हैं फिल्म की कहानी थर्ड थोड़ी उलझी हुई नजर आई है.इसका स्क्रीन प्ले काफी धीमा है. बीच-बीच में ऐसा लगता है फिल्म को खींचा गया है उबाऊ कर देते हैं कुछ सीन.
हालांकि, कुछ सीन्स ऐसे होते हैं जो आपके दिल को कचोट लेंगे. फिल्म का फर्स्ट हाफ तो फिर भी ठीक है लेकिन सेकंड हाफ कब शुरू होता और कब खत्म हो जाता है कुछ पता ही नहीं चलता है, लेकिन सेकंड हाफ में जो क्लाइमैक्स होता है वह कमाल का होता है वो पूरी कहानी में ही जान डालने का काम करता है.
देखना चाहिए या नहीं
फिल्म 'दायरा' क्राइम थ्रिलर फिल्म है अगर आप ऐसी फिल्मों के शौकीन हैं तो इसे वन टाइम वॉच कर सकते हैं फिल्म वन टाइम वॉच है. लेकिन कुल मिला कर फिल्म को ठीक-ठाक कह सकते हैं. यह सच्ची घटना से प्रेरित है तो ऐसी फिल्मों को जरूर देखना चाहिए. इसे आप अपनी वीकेंड वॉच लिस्ट में शामिल कर सकते हैं.






















