Daadi Ki Shaadi Review: मॉडर्न जमाने की बागबन, सरप्राइज फैमिली एंटरटेनर है कपिल शर्मा-नीतू कपूर की 'दादी की शादी'
Daadi Ki Shaadi Review: नीतू कपूर और कपिल शर्मा की फिल्म दादी की शादी सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. ये सरप्राइज फैमिली एंटरटेनर फिल्म है. देखने की प्लानिंग है तो पहले इसका रिव्यू पढ़ लीजिए.
आशीष आर मोहन
कपिल शर्मा, नीतू कपूर, रिद्धिमा कपूर साहनी, सादिया खतीब, योगराज सिंह, आर सरथकुमार, दीपक दत्ता
थिएटर
अगर आप फैमिली फिल्में देखने के शौकीन हैं तो तुरंत इस फिल्म की टिकट बुक करवा लीजिए. एक काम कपिल शर्मा को भी करना चाहिए इस फिल्म का ट्रेलर काटने वाले को खूब डांटना चाहिए क्योंकि ट्रेलर इतना खराब था कि उससे फिल्म देखने का मन ही ना करे और ऐसा लगा कि पूरी फिल्म ट्रेलर में दिखा दी. कुछ फिल्में से बिल्कुल उम्मीद नहीं होती और वो चौंका जाती है, ये वैसी ही फिल्म है. ये फिल्म एक बहुत अच्छी फैमिली एंटरटेनर है, ये आपको बागबान जैसी फिल्म की याद दिलाती है और आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जो हम फैमिली कनेक्शन कमजोर होता जा रहा है, उसे मजबूत करने का काम करती है.
कहानी
कपिल शर्मा यानि टोनी कालरा की शादी नहीं हो रही है, एक रिश्ता आता है और उस लड़की पर टोनी को कॉलेज से ही क्रश है. टोनी खुश हो जाता है, दोनों की एंगेजमेंट हो रही होती है कि तभी पता चलता है लड़की की दादी जो शिमला में अकेले रहती है, वो शादी कर रही हैं. बस इसके बाद तो भूचाल आ जाता है, क्या होता है, ये आपको थिएटर में जाकर देखना होगा.
कैसी है फिल्म
ये एक अच्छी फैमिली फिल्म है, क्लीन फिल्म है, जो आप पूरी फैमिली के साथ आराम से देख सकते हैं. आज के मॉडर्न जमाने में हम सिर्फ अपने बारे में सोचते हैं, अपने मां बाप, दादा दादी को भूल गए हैं और उन्हें तभी याद करते हैं जब हमें जरूरत होती है, ये फिल्म इसी मुद्दे पर बड़े अच्छे तरीके से समझाती है. फर्स्ट हाफ काफी एंटरटेनिंग है,कॉमेडी बढ़िया है और कपिल शर्मा के होते ऐसा तो होना ही था. सेकेंड हाफ आपको इमोशनल ज्यादा करता है, हालांकि फिल्म की लंंबाई सेकेंड हाफ में थोड़ी अखरती है. लेकिन हल्की फुल्की, आप पूरी फिल्म के दौरान हंसते हैं, इमोशनल होते हैं, एंटरटेन होते हैं, और अपनी फैमिली के बारे में सोचते हैं, या फिर ऐसी ही किसी फैमिली के बारे में सोचते हैं जो आपके आस पास रहती होगी. ये फिल्म देखते हुए आप कई अहसासों से गुजरेंगे, ये फिल्म आपको सिर्फ एंटरटेन नहीं करेगी, आपको सोचने पर भी मजबूर करेगी कि हम अपनी फैमिली के लिए क्या कर रहे हैं? ये फिल्म आपको अमिताभ बच्चन की फिल्म बागबान की भी याद दिलाएगी. इस फिल्म का ट्रेलर काफी खराब था, ट्रेलर में तो जैसे चुन चुनकर खराब डायलॉग डाल गए थे और ऐसे डाले गए थे कि वो और खराब लग रहे हैं लेकिन फिल्म उससे बिल्कुल उलट है. ट्रेलर में लगा था पूरी फिल्म दिखा दी लेकिन उतना तो आप फिल्म के पहले 15 मिनट में देख लेते हैं, इस फिल्म से आप कुछ सीखकर, एक मुस्कान के साथ फिल्म देखकर थिएटर से बाहर आएंगे.
एक्टिंग
कपिल शर्मा अब वाकई कंप्लीट हीरो बन गए हैं, यहां वो ना सिर्फ हीरो लगे हैं बल्कि उनकी एक्टिंग में भी एक ठहराव एक मैच्योरिटी दिखती है. वो यहां अपने शो की तरह जोक मारते नहीं दिखते हैं. कॉमेडी करते हैं लेकिन सधे हुए अंदाज में, उनका वार्डरोब, उनका स्टाइल आपको काफी इम्प्रेस करता है. क्योंकि कपिल को हम शुरुआत से देखते हुए आए हैं इसलिए उनका ये अवतार चौंकाता भी है और खुशी भी देता है. नीतू कपूर कमाल की लगी हैं, इस उम्र में वो बड़ी बड़ी हीरोइनों को टक्कर दे देती हैं. उनकी एक्टिंग भी जबरदस्त है. सादिया खतीब बहुत खूबसूरत लगी हैं और उनका काम भी काफी अच्छा है, उन्हें इसी तरह के रोल और मिलने चाहिए क्योंकि उनमें काफी टैलेंट है. नीतू कपूर की बेटी रिद्धिमा कपूर ने इस फिल्म से एक्टिंग डेब्यू किया है और उन्होंने अच्छा काम किया है. आर सरथकुमार ने अच्छा काम किया है, उन्हें देखकर लगता है कि वो कपूर खानदान से हैं और एक्टिंग उनके खून में है. युवराज सिंह के पापा योगराज सिंह भी एक खास रोल में हैं और एक अलग असर छोड़ते हैं. दीपक दत्ता ने कमाल का काम किया है.
राइटिंग और डायरेक्शन
आशीष आर मोहन ने कहानी लिखी है और उन्होंने ही फिल्म डायरेक्ट की है, उनका काम बढ़िया है. सेकेंड हाफ को अगर थोड़ा सा और पेसी कर दिया जाता तो ये और शानदार फिल्म बनती लेकिन कुल मिलाकर वो उस बात को कह पाए हैं जो वो कहना चाहते थे और जो बात आज के दौर में काफी जरूरी है .
म्यूजिक
फिल्म का म्यूजिक बकवास है, कोई गाना ऐसा नहीं जो अच्छा लगे, गाने जब फिल्म में आते हैं तो गुस्सा आता है.
कुल मिलाकर ऐसी फिल्में अपनी फैमिली के साथ देखनी चाहिए
रेटिंग- 3 स्टार्स



























