Bada Naam Karenge Review: गुलाब देने वाले लड़के बहुत मिल जाएंगे जो लड़के धनिया लाना जानते हैं ना जिंदगी भर साथ देते हैं. ये इसी सीरीज का डायलॉग है, आपने हम आपके हैं कौन, हम साथ साथ हैं जरूर देखी होगी. आज भी टीवी पर आती रहती है, अगर आपको लगता है कि इन फिल्मों को बनाने वाला राजश्री प्रोडक्शन्स ऐसी ही फिल्में बना सकता है और आज तो कंटेट बदल चुका हैं तो राजश्री से सीखिए कि बदले दौर में खुद को कैसे बदला जा सकता है और अपने संस्कारों और वैल्यूज को साथ रखते हुए कमाल का कंटेट कैसे बनाया जा सकता है. वो भी एक वेब सीरीज, सूरज बड़जात्या से जब मैं मिला तो वैसा ही लगा जैसा उनकी फिल्में देखकर लगता है. जैसे एक बेहद साफ दिल के सिंपल इंसान से मिलना हुआ जिन्हें इस बात की फिक्र थी कि उनके इंटरव्यू की वजह से मेरी फ्लाइट ना छूट जाए. बस वैसा ही ये सीरीज फील करवाती है क्योंकि इसे सूरज बड़जात्या ने ही बनाया है.
 
कहानी
ये कहानी है एक लड़का और लड़की की, लड़के वालों की एक मशहूर मिठाई की दुकान है. रतलाम में श्रीगंगा मिष्ठान भंडार और वो काफी रसूख और पैसे वाले हैं लेकिन संस्कारों में यकीन रखते हैं. लड़की वाले उज्जैन के हैं और वो भी ठीकठाक रखूख के हैं. दोनों का रिश्ता तय होता है और लड़का लड़की को देखने आता है लेकिन दोनों को झटका लग जाता है क्योंकि ये दोनों तो पहले मिल चुके हैं. कब कहां कैसे, ये सीरीज देखने पर पता चलेगा, और हां ये कोई रेग्लूयर वाली कहानी नहीं है. इसमें काफी कुछ ऐसा मिलेगा जो जिंदगी में आपके काम आएगा. इस रिव्यू में कहानी को कोई स्पॉयलर नहीं मिलेगा. सोनी लिव पर ये सीरीज देखिए.  9 एपिसोड की इस सीरीज के कुछ एपिसोड लंबे हैं लेकिन फास्ट फॉरवर्ड मत कीजिए, पूरा मजा लीजिएगा.
 
कैसी है ये सीरीज
ये सीरीज बताती है कि वेब सीरीज का मतलब सिर्फ गालियां गोलियां सेक्स सीन और वॉयलेंस नहीं होता. ये सीरीज बताती है कि एक साफ सुथरी वेब सीरीज भी बनाई जा सकती है. पहले फ्रेम से ये सीरीज आपको फील गुड देती है और आप इसके साथ जुड़ जाते हैं. ये आपको फैमिली वैल्यूज के बारे में बताती है, ये सीरीज बताती है कि घर के बड़े हमेशा सही नहीं होते और वो हमेशा गलत भी नहीं होते. ये सीरीज आज की जेनरेशन और हमारे बुजुर्गों के बीच तालमेल की बात करती है और बड़े कायदे से करती है. आप सीरीज से काफी रिलेट करते हैं. कोरोना का दौर भी याद आता है, वो पुराने जमाने वाली मोहब्बत भी याद आती है. ये सीरीज ये भी बताती है कि लड़की मॉर्डन है तो इसका मतलब ये नहीं कि कुछ भी कर लेगी, किसी के साथ भी साथ हो लेगी. इस सीरीज पर राजश्री की छाप है मतलब पूरी फैमिली के साथ बिंदास देख सकते हैं.
 
एक्टिंग
राजश्री ने यहां कमाल की कास्टिंग की है, सोशल मीडिया फॉलोइंग नहीं देखी. सीरीज के हीरो रितिक घनशानी है, सोशल मीडिया पर उन्होंने फॉलोओर नहीं खरीदे हुए लेकिन एक्टिंग में इंवेस्ट किया है. वो कमाल के लगते हैं,और हीरे की पहचान जौहरी को होती है और राजश्री ने ये हीरा पहचान लिया. आयशा कादुस्कर ने कमाल का काम किया है. वो ट्रेडिशनल हीरोइन जैसी शायद नहीं दिखती लेकिन बहुत खूबसूरत लगती है और आपका दिल जीत लेती हैं. अपनी एक्टिंग से , कंवलजीत सिंह का काम कमाल का है. अलका अमीन हमेशा की तरह शानदार हैं. जमील खान का रोल काफी अच्छा है, राजेश तैलंग यहां फिर सरप्राइज करते हैं अपने ग्रे शेड कैरेक्टर से, राजेश जैस, चैत्राली लोकेश, अंजान सुखानी हर किसी ने कमाल का काम किया है.
 
डायरेक्शन और राइटिंग
पलाश वासवानी ने सीरीज को डायरेक्ट किया है और एस मनस्वी और विदित त्रिपाठी ने लिखा है और ये तीनों इस सीरीज के असली हीरो हैं. राइटिंग औऱ डायरेक्शन दोनों कमाल के हैं, आपको जोड़कर रखते हैं और एंटरटेन करते रहते हैं.
 
कुल मिलाकर ये सीरीज पूरे परिवार के साथ देखिए
 
रेटिंग- 4 स्टार्स