When And Where To Get Premanand Ji Maharaj Darshan: वृंदावन की गलियों में भक्ति का एक अलग ही रंग नजर आता है, और इन्हीं पवित्र गलियों के बीच बसे हैं प्रेमानंद महाराज, जिनके दर्शन के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचते हैं/ उनकी सादगी, भक्ति और श्रीराधा के प्रति प्रेम ने उन्हें लाखों लोगों के दिलों से जोड़ दिया है. चलिए आपको बताते हैं कि आप प्रेमानंद महाराज जी से मुलाकात कैसे कर सकते हैं और टाइमिंग क्या है. 

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कहां है प्रेमानंद महाराज का आश्रम?

महाराज जी का आश्रम श्री हित राधा केली कुंज, परिक्रमा मार्ग पर स्थित है, जहां दिनभर अलग-अलग आध्यात्मिक गतिविधियां होती रहती हैं. अगर आप दर्शन के लिए जाना चाहते हैं, तो समय और प्रक्रिया को पहले समझ लेना बेहद जरूरी है, क्योंकि यहां हर दिन सीमित संख्या में ही लोगों को अवसर मिलता है.

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कब होते हैं दर्शन?

सुबह की शुरुआत बहुत जल्दी होती है. करीब 4:10 बजे से 5:30 बजे तक महाराज जी का सत्संग होता है, जहां भक्त उनके विचार सुनते हैं. इसके बाद मंगला आरती और वन विहार का आयोजन होता है, जो सुबह 6:30 बजे तक चलता है सुबह 6:30 से 8:15 बजे के बीच अलग-अलग दिनों में पाठ होते हैं, कभी हित चौरासी, तो कभी राधा सुधानिधि. इसके बाद 8:15 से 9:15 बजे तक श्रृंगार आरती, भजन और नाम संकीर्तन का माहौल भक्तों को पूरी तरह भक्ति में डुबो देता है.

9:15 बजे से शाम 4 बजे तक आश्रम में सेवा और साधना का समय रहता है. इसके बाद शाम की आरती और वाणी पाठ शुरू होता है, जो करीब 6:15 बजे तक चलता है. सुबह 07:00 से 10:00 बजे भक्तों की भारी भीड़ रहती है. प्रेमानंद महाराज के दर्शन अब पारंपरिक परिक्रमा मार्ग पर नहीं होते. वे केलि कुंज आश्रम से सौरभि कुंड की ओर जाते हुए रास्ते में भक्तों को दर्शन देते हैं. सुबह 6 से 7 बजे के बीच इस मार्ग पर पहुंचकर श्रद्धालु उनके दर्शन कर सकते हैं.

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टोकन की जरूरत

अगर आप व्यक्तिगत दर्शन या एकांत बातचीत करना चाहते हैं, तो इसके लिए टोकन लेना होता है. टोकन आमतौर पर सुबह करीब 9:30 बजे बांटे जाते हैं, जो अगले दिन के दर्शन के लिए होते हैं. आधार कार्ड साथ ले जाना जरूरी होता है, और स्लॉट सीमित होते हैं. दिन के समय 9:15 बजे से शाम 4 बजे तक सेवा और व्यक्तिगत साधना का समय होता है. इसके बाद शाम की आरती और वाणी पाठ शुरू होता है, जो धीरे-धीरे भक्ति के माहौल को फिर से जीवंत कर देता है. महत्वपूर्ण बात यह है कि फिलहाल दर्शन के लिए कोई आधिकारिक ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम नहीं है. हालांकि, आप वेबसाइट के जरिए अपनी रुचि जरूर दर्ज कर सकते हैं, लेकिन अंतिम पुष्टि आश्रम में ही टोकन मिलने पर होती है.

कैसे पहुंचे?

अगर आप ट्रेन से आ रहे हैं, तो सबसे नजदीकी स्टेशन मथुरा जंक्शन है. वहां से वृंदावन तक टैक्सी या ऑटो आसानी से मिल जाते हैं, जिसमें करीब 30 से 45 मिनट लगते हैं. अगर आप पहले से वृंदावन में हैं, तो शेयर ऑटो या लोकल कैब लेकर सीधे परिक्रमा मार्ग स्थित आश्रम पहुंच सकते हैं. रास्ता आसान है और स्थानीय लोग भी आसानी से गाइड कर देते हैं. 

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