<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><channel><title>वियतनाम का Love Market, साल में एक बार 'एक्स' से मिलने आते हैं बिछड़े प्रेमी</title><atom:link href="https://www.abplive.com/travel/feed" rel="self" type="application/rss+xml"/><link>https://www.abplive.com/</link><description/><lastBuildDate>Tue, 29 Sep 2026 15:24:25 +0530</lastBuildDate><language>en-US</language><sy:updatePeriod>hourly</sy:updatePeriod><sy:updateFrequency>1</sy:updateFrequency><generator>https://www.abplive.com</generator><item><title><![CDATA[सर्दियों में हनीमून का बन रहा प्लान? ये हैं उत्तर भारत की खूबसूरत डेस्टिनेशन]]></title><link>https://www.abplive.com/lifestyle/travel/best-tourism-honeymoon-destination-for-couples-in-north-india-3194507</link><comments>https://www.abplive.com/lifestyle/travel/best-tourism-honeymoon-destination-for-couples-in-north-india-3194507#respond</comments><pubDate>Sun, 27 Sep 2026 20:50:00 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ निर्जला गौड़ ]]></dc:creator><category><![CDATA[ ट्रैवल ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/lifestyle/travel/best-tourism-honeymoon-destination-for-couples-in-north-india-3194507</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सर्दियों का मौसम कई कपल्स के लिए हनीमून ट्रिप का पसंदीदा समय होता है. ठंडी हवाएं, पहाड़ों पर बर्फ, गर्म चाय और खूबसूरत नजारे इस सफर को यादगार बना देते हैं. खासतौर पर उत्तर भारत में दिसंबर से फरवरी के बीच कई ऐसी जगहें हैं, जहां कपल्स नेचर की खूबसूरती के साथ शांत माहौल का आनंद ले सकते हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ऐसे में अगर आप भी इस सर्दी अपने हनीमून का प्लान बना रहे हैं, तो इन डेस्टिनेशन को अपनी लिस्ट में शामिल कर सकते हैं. मनाली से लेकर गुलमर्ग तक जानें कुछ खूबसूरत डेस्टिनेशन्स के बारे में जो आपके हनीमून के लिए होंगे एक दम परफेक्ट.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मनाली में देखें सुंदर बर्फ&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;हनीमून के लिए मनाली लंबे समय से लोकप्रिय पहाड़ी डेस्टिनेशन रहा है. यह ब्यास नदी की घाटी में बसा है और सर्दियों में आसपास के इलाकों में सुंदर बर्फबारी देखने को मिलती है. हिमाचल टूरिज्म के अनुसार दिसंबर से फरवरी के दौरान राज्य के कई हिस्सों में बर्फबारी होती है और मनाली भी इस मौसम में बर्फ से ढक जाता है. आप यहां मॉल रोड, ओल्ड मनाली, हिडिंबा देवी मंदिर और सोलंग वैली घूम सकते हैं.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;औली है कपल्स के लिए फेमस&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अगर आपका सपना बर्फ से ढके पहाड़ों के बीच हनीमून मनाने का है, तो औली आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. करीब 2,800 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह जगह नंदा देवी समेत कई हिमालयी चोटियों के खूबसूरत नजारा देती है. उत्तराखंड टूरिज्म इसे देश के प्रमुख स्की डेस्टिनेशन में गिनता है. दिसंबर से मार्च के बीच यहां बर्फ और स्कीइंग का अनुभव लिया जा सकता है. आप औली की ढलानों के अलावा गुरसों बुग्याल और आसपास के प्राकृतिक इलाकों में भी समय बिता सकते हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह भी पढ़ें: &lt;/strong&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/photo-gallery/lifestyle/travel-where-are-the-best-tourist-places-in-delhi-3188750&quot;&gt;&lt;strong&gt;दिल्ली के पास मौजूद है ऐसी जगह, पहाड़-झील और जंगल यहां तीनों मिलेंगे&lt;/strong&gt;&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;शिमला की खूबसूरती दिल जीत लेगी&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सर्दियों में शिमला की खूबसूरती अलग नजर आती है. बर्फबारी देखने की इच्छा रखने वाले कपल्स के लिए यह एक जाना-पहचाना विकल्प है. हिमाचल टूरिज्म के मुताबिक दिसंबर से फरवरी के दौरान शिमला में बर्फबारी होती है. मॉल रोड पर घूमना, कैफे में बैठना और आसपास के पहाड़ी नजारों का आनंद लेना यहां की ट्रिप को आरामदायक बना देता है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;गुलमर्ग में दिखेगा स्वर्ग&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कश्मीर की वादियां सर्दियों में बर्फ की चादर से ढक जाती हैं. गुलमर्ग खास तौर पर बर्फ और विंटर स्पोर्ट्स के लिए जाना जाता है. भारत सरकार के पर्यटन पोर्टल के अनुसार दिसंबर से फरवरी के दौरान हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी आम है और गुलमर्ग, मनाली व औली जैसे स्थानों पर स्कीइंग और स्नो स्पोर्ट्स का आनंद लिया जा सकता है. ऐसे में गुलमर्ग में कपल्स बर्फीले पहाड़ों के बीच समय बिताने के साथ केबल कार की सवारी और &lt;a title=&quot;मौसम&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/weather&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;मौसम&lt;/a&gt; के अनुसार स्नो एक्टिविटीज का अनुभव कर सकते हैं.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;धर्मशाला में मिलेगी शांती&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अगर आप शांत माहौल पसंद करते हैं, तो धर्मशाला भी विकल्प आपके लिए सही है. यहां से धौलाधार की बर्फीली चोटियों के खूबसूरत नजारा दिखाई देता है. धर्मशाला के साथ मैक्लोडगंज की यात्रा भी की जा सकती है. यहां पहाड़ों, कैफे और स्थानीय संस्कृति के बीच कपल्स आराम से समय बिता सकते हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह भी पढ़ें: &lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/lifestyle/travel/budget-friendly-travel-destinations-in-india-3185679&quot;&gt;कम बजट में घूमना है? भारत की इन जगहों पर होटल और खाना दोनों सस्ते&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/09/27/87dc2eb45b8444bbf91ef16b4b39f94917905135908101473_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[टूरिज्म पर भारी पड़ी आस्था, भारत में 48% Trips धार्मिक]]></title><link>https://www.abplive.com/lifestyle/travel/india-religious-tourism-48-percent-trips-3194289</link><comments>https://www.abplive.com/lifestyle/travel/india-religious-tourism-48-percent-trips-3194289#respond</comments><pubDate>Sun, 27 Sep 2026 12:28:29 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ निर्जला गौड़ ]]></dc:creator><category><![CDATA[ ट्रैवल ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/lifestyle/travel/india-religious-tourism-48-percent-trips-3194289</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;भारत में घूमने के लिए लोगों के पास कई तरह की जगहें हैं. कोई पहाड़ों पर जाना पसंद करता है तो कोई समुद्र किनारे छुट्टियां बिताना चाहता है. वहीं बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो परिवार के साथ मंदिर, तीर्थ और दूसरे धार्मिक स्थानों पर जाना पसंद करते हैं. अब एक सरकारी सर्वे से पता चला है कि देश में होने वाली यात्राओं में धार्मिक सफर की हिस्सेदारी काफी ज्यादा है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;जुलाई 2025 से जून 2026 के बीच हुए सर्वे के अनुसार, पिछले एक साल में रात रुकने वाली यात्राओं में करीब 48 फीसदी यात्राएं धार्मिक या तीर्थ यात्रा के लिए थीं. यानी हर 100 यात्राओं में लगभग 48 यात्राओं की वजह आस्था रही. खास बात यह है कि यह आंकड़ा गांव और शहर दोनों जगह लगभग एक जैसा रहा.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&amp;nbsp;हर 100 में करीब 48 यात्राएं धार्मिक&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सरकारी सर्वे के मुताबिक, पिछले एक साल में जिन लोगों ने ऐसी यात्रा की जिसमें कम से कम एक रात घर से बाहर रुकना पड़ा, उनमें करीब 48 फीसदी यात्राएं धार्मिक या तीर्थ जाने के लिए थीं. लोगों ने छुट्टियां मनाने, घूमने, इलाज और दूसरे कामों के लिए भी सफर किया, लेकिन धार्मिक यात्रा सबसे ज्यादा रही. आसान भाषा में समझें तो अगर 100 यात्राओं को देखा जाए तो उनमें करीब 48 यात्राएं मंदिर, तीर्थ या किसी धार्मिक जगह जाने के लिए हुईं. यह आंकड़ा भारत में आस्था से जुड़ी यात्राओं की बड़ी हिस्सेदारी दिखाता है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;गांव हो या शहर, दोनों जगह धार्मिक यात्रा आगे&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इस सर्वे की एक खास बात यह भी है कि गांव और शहर दोनों जगह धार्मिक यात्राओं का हिस्सा 48 फीसदी रहा. यानी ऐसा नहीं है कि सिर्फ गांवों के लोग ही धार्मिक जगहों पर ज्यादा जाते हैं. शहरों में रहने वाले लोग भी बड़ी संख्या में तीर्थ और धार्मिक स्थानों की यात्रा कर रहे हैं. गांवों में धार्मिक यात्रा के बाद इलाज से जुड़ी यात्राएं ज्यादा रहीं, जबकि शहरों में घूमने और छुट्टियां मनाने वाली यात्राएं दूसरे नंबर पर रहीं. इससे साफ है कि धार्मिक यात्रा देश के अलग-अलग हिस्सों के लोगों के लिए सफर का बड़ा कारण है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह भी पढ़ें :&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/lifestyle/travel/budget-friendly-travel-destinations-in-india-3185679&quot;&gt;&lt;strong&gt;कम बजट में घूमना है? भारत की इन जगहों पर होटल और खाना दोनों सस्ते&lt;/strong&gt;&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ज्यादातर लोग छोटी यात्रा करना पसंद करते हैं&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सर्वे में यह भी सामने आया कि ज्यादातर लोग बहुत लंबे समय के लिए यात्रा नहीं करते. करीब 80 फीसदी यात्राएं पांच दिन या उससे कम समय की थीं. यानी लोग कुछ दिनों के लिए घर से निकलकर अपना काम पूरा करके वापस लौटना ज्यादा पसंद करते हैं. एक यात्रा में औसत के हिसाब से करीब दो लोग शामिल रहे. आने-जाने के लिए भी लोगों ने अपनी सुविधा के हिसाब से अलग-अलग साधनों का इस्तेमाल किया. गांवों में बस का इस्तेमाल ज्यादा हुआ, जबकि शहरों में ट्रेन से यात्रा करने वालों की संख्या ज्यादा रही.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा यात्री&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;राज्यों की बात करें तो उत्तर प्रदेश में आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या सबसे ज्यादा रही. सभी तरह की यात्राओं को मिलाकर देश की कुल विजिटर ट्रिप्स में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 15.7 फीसदी रही. इसके बाद तमिलनाडु और राजस्थान का नंबर आया. उत्तर प्रदेश में अयोध्या, वाराणसी और मथुरा जैसे कई बड़े धार्मिक स्थान हैं, जहां देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग पहुंचते हैं. हालांकि यह 15.7 फीसदी आंकड़ा सिर्फ धार्मिक यात्राओं का नहीं, बल्कि सभी तरह की विजिटर ट्रिप्स का है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&amp;nbsp;सबसे ज्यादा यात्रा धार्मिक, लेकिन खर्च कहीं और ज्यादा&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;धार्मिक यात्राएं संख्या में सबसे आगे जरूर रहीं, लेकिन सबसे ज्यादा खर्च वाली यात्राएं धार्मिक नहीं थीं. सर्वे के अनुसार इलाज के लिए की गई यात्राओं में लोगों का औसत खर्च काफी ज्यादा रहा. ग्रामीण इलाकों में इलाज से जुड़ी एक यात्रा पर औसतन 29,454 रुपये, जबकि शहरों में यह खर्च 41,649 रुपये रहा. इससे पता चलता है कि भारत में लोग सिर्फ घूमने के लिए ही सफर नहीं करते. धार्मिक यात्रा, इलाज, परिवार से जुड़े काम और दूसरे जरूरी कारण भी देश में होने वाली यात्राओं का बड़ा हिस्सा हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह भी पढ़ें :&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/lifestyle/travel/rashtrapati-bhavan-amrit-udyan-opening-16th-august-to-15-september-2026-know-entry-timings-ticket-booking-process-facilities-3175189&quot;&gt;&lt;strong&gt;आम लोगों के लिए खुल रहा अमृत उद्यान, जानें टाइमिंग से लेकर टिकट तक की डिटेल्स&lt;/strong&gt;&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/09/27/b55630f7f6acbb4f990ded69f989d00c17904827558141471_original.jpeg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[दिल्ली के पास मौजूद है ऐसी जगह, पहाड़-झील और जंगल यहां तीनों मिलेंगे]]></title><link>https://www.abplive.com/photo-gallery/lifestyle/travel-where-are-the-best-tourist-places-in-delhi-3188750</link><comments>https://www.abplive.com/photo-gallery/lifestyle/travel-where-are-the-best-tourist-places-in-delhi-3188750#respond</comments><pubDate>Wed, 16 Sep 2026 10:32:26 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ सोनम ]]></dc:creator><category><![CDATA[ ट्रैवल ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/photo-gallery/lifestyle/travel-where-are-the-best-tourist-places-in-delhi-3188750</guid><description><![CDATA[दिल्ली के पास मौजूद है ऐसी जगह, पहाड़-झील और जंगल यहां तीनों मिलेंगे]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/09/14/4dff856a58923270fd9bb930acd7dbc917893855614781470_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[मौसम के साथ इस झील का पानी बदलता है रंग, कैसे कर सकते हैं यहां की यात्रा?]]></title><link>https://www.abplive.com/lifestyle/travel/pangong-color-changing-lake-ladakh-travel-guide-for-including-route-tips-and-best-visiting-time-3189094</link><comments>https://www.abplive.com/lifestyle/travel/pangong-color-changing-lake-ladakh-travel-guide-for-including-route-tips-and-best-visiting-time-3189094#respond</comments><pubDate>Tue, 15 Sep 2026 13:46:13 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ निर्जला गौड़ ]]></dc:creator><category><![CDATA[ ट्रैवल ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/lifestyle/travel/pangong-color-changing-lake-ladakh-travel-guide-for-including-route-tips-and-best-visiting-time-3189094</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;लद्दाख में मौजूद पैंगोंग त्सो झील भारत की सबसे खूबसूरत और रहस्यमयी झीलों मेंगिनी जाती है, जो अपने बदलते रंगों की वजह से पूरी दुनिया में मशहूर है. यह झील कभई हल्के फिरोजी रंग में नजर आती है, तो कभी गहरे नीले और हरे रंग में बदल जाती है. सुबह, दोपहर और शाम के हिसाब से ही नहीं, बल्कि मौसम बदलने के साथ भी इसका रंग अलग-अलग शेड्स में बदल जाता है. फिल्म 3 इडियट्स के क्लाइमैक्स सीन के बाद यह झील घरेलू पर्यटकों के बीच और भी ज्यादा पॉपुलर हो गई थी. आइए जानते हैं कि आखिर यह झील बार-बार अपना रंग क्यों बदलती है और यहां की यात्रा कैसे की जा सकती है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;क्यों बदलता है झील का रंग?&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पैंगोंग त्सो करीब 14,270 फीट यानी 4,350 मीटर की ऊंचाई पर स्थित एक खारे पानी की झील है, जो भारत की सबसे ऊंची झीलों में से एक मानी जाती है. इसका रंग सूरज की रोशनी पड़ने के एंगल, आसमान में मौजूद बादलों, पानी के तापमान और आसपास के पहाड़ों से पड़ने वाली परछाई पर निर्भर करता है. गर्मियों में जब झील का पानी पिघलकर साफ हो जाता है, तब इसमें नीले और फिरोजी रंग के कई शेड्स दिखते हैं, जबकि सर्दियों में यह पूरी तरह जमकर बर्फ की चादर जैसी नजर आती है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;झील की लंबाई और खासियत&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पैंगोंग त्सो करीब 134 किलोमीटर लंबी झील है, जिसका करीब 60 प्रतिशत हिस्सा तिब्बत मे और बाकी हिस्सा भारत में पड़ता है. इसकी चौड़ाई सबसे ज्यादा जगह पर करीब 5 किलोमीटर तक है, जिससे यह देखने में समुद्र जैसी विशाल लगती है. खारे पानी की झील होने की वजह से यहां मछलियां नहीं पाई जातीं, लेकिन हर साल प्रवासी पक्षी प्रजनन के लिए यहां जरूर आते हैं.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;यहां जाने का सबसे सही समय&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पैंगोंग त्सो घूमने का सबसे अच्छा समय मई से सितंबर के बीच माना जाता है, जब लद्दाख की सड़कें पूरी तरह खुली रहती हैं और मौसम भी घूमने लायक रहता है. इस दौरान झील अपने सबसे खूबसूरत रंगों में नजर आती है. जनवरी से माार्च के बीच झील पूरी तरह जम जाती है, जिसे देखना भी अपने आप में एक अलग अनुभव होता है, लेकिन इस दौरान ठहरने के विकल्प बेहद सीमित रहते हैं और &lt;a title=&quot;मौसम&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/weather&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;मौसम&lt;/a&gt; बेहद ठंडा होता है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह भी पढ़ें: &lt;/strong&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/lifestyle/travel/7-places-to-visit-in-september-that-look-beautiful-after-the-monsoon-3185645&quot;&gt;&lt;strong&gt;सितंबर में घूमने के लिए ये हैं 7 जगहें, मानसून के बाद दिखती हैं खूबसूरत&lt;/strong&gt;&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कैसे पहुंचें पैंगोंग त्सो झील?&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पैंगोंग त्सो झील लेह से करीब 150 से 170 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, और वहां पहुंचने में करीब 5 से 6 घंटे का समय लगता है. लेह से झील तक पहुंचने के लिए चांग चा दर्रे से होकर जाना पड़ता है, जो करीब 17,590 फीट की ऊंचाई पर स्थित है. इसके अलावा न्युब्रा वैली या माहे-चुशल-मेराक रोड के रास्ते से भी झील तक पहुंचा जा सकता है. लेह में कुशोक बकुला रिनपोछे एयरपोर्ट है. जहां से देश के बड़े शहरों के लिए सीधी फ्लाइट मिल जाती है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;परमिट और जरूरी सावधानियां&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पैंगोंग झील भारत-चीन सीमा के बेहद करीब स्थित है, इसलिए यहां जाने के लिए इनर ऑनलाइन परमिट लेना अनिवार्य होता है. यह परमिट लेह में मौजूद डीसी ऑफिस से या ऑनलाइन दोनों तरीकों से बनवाया जा सकता है. इतनी ज्यादा ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी हो सकती है. गर्म कपड़े, जरूरी दवाइयां और पर्याप्त पानी साथ रखना भी इस ट्रिप को सुरक्षित बनाने के लिए बेहद जरूरी है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह भी पढ़ें: &lt;/strong&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/lifestyle/travel/solo-trip-travel-tips-for-safe-travel-3187946&quot;&gt;&lt;strong&gt;Solo Trip पर जा रहे हैं तो न करें ये गलतियां, इन बातों का रखें ध्यान&lt;/strong&gt;&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/09/15/9d07f879509058eba6e5bc48a9f9a81b17894544811431474_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[Solo Trip पर जा रहे हैं तो न करें ये गलतियां, इन बातों का रखें ध्यान]]></title><link>https://www.abplive.com/lifestyle/travel/solo-trip-travel-tips-for-safe-travel-3187946</link><comments>https://www.abplive.com/lifestyle/travel/solo-trip-travel-tips-for-safe-travel-3187946#respond</comments><pubDate>Sun, 13 Sep 2026 10:23:53 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ निर्जला गौड़ ]]></dc:creator><category><![CDATA[ ट्रैवल ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/lifestyle/travel/solo-trip-travel-tips-for-safe-travel-3187946</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;आजकल सोलो ट्रिप का चलन काफी बढ़ गया है. लोग अकेले नई जगहों पर घूमने, खुद के साथ समय बिताने और नए अनुभव लेने के लिए ट्रिप प्लान करते हैं. अकेले सफर में अपनी मर्जी से घूमने की आजादी मिलती है, लेकिन इसके साथ अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना भी जरूरी होता है. पहली बार अकेले यात्रा कर रहे हैं तो बिना तैयारी के निकलने की गलती नहीं करनी चाहिए.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सफर से पहले जगह की जानकारी लेना, जरूरी सामान रखना और अपने परिवार या किसी भरोसेमंद व्यक्ति को अपनी जानकारी देना जरूरी है. कुछ छोटी-छोटी सावधानियां Solo Trip को ज्यादा आरामदायक और सुरक्षित बनाती हैं.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;जाने से पहले पूरी तैयारी करें&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सोलो ट्रिप पर निकलने से पहले जिस जगह जा रहे हैं, उसके बारे में थोड़ी जानकारी जरूर लें. वहां का &lt;a title=&quot;मौसम&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/weather&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;मौसम&lt;/a&gt;, आने-जाने के साधन, होटल का पता और आसपास की जरूरी जगहों के बारे में पहले से पता कर लें. अगर आप किसी नई जगह पर जा रहे हैं तो रात में पहुंचने की बजाय दिन में पहुंचना बेहतर रहता है. होटल या रहने की जगह पहले से बुक करें और उसका पता अपने फोन में सेव रखें. टिकट, पहचान पत्र और होटल की बुकिंग जैसी जरूरी चीजों की फोटो फोन के साथ-साथ किसी सुरक्षित जगह पर भी रखें. बहुत ज्यादा सामान लेकर जाने से बचें, क्योंकि अकेले यात्रा में सामान संभालना मुश्किल होता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह भी पढ़ें : &lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/lifestyle/travel/5-green-cities-in-rajsthan-know-details-in-hindi-3185204&quot;&gt;केवल रेगिस्तान ही नहीं, हरियाली से लदे हैं राजस्थान के ये 5 शहर- यहां जानें &lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;हर किसी पर तुरंत भरोसा न करें&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अकेले घूमते समय नए लोगों से मिलना और बातचीत करना अच्छी बात है, लेकिन किसी अनजान व्यक्ति पर जल्दी भरोसा करना सही नहीं है. अपनी निजी जानकारी, होटल का कमरा या पूरी यात्रा की जानकारी किसी अजनबी को न बताएं. घूमने की जगह पर अपने फोन और पैसे का भी ध्यान रखें. अगर कोई जगह सुनसान लग रही है तो वहां अकेले जाने से बचें. रात में अकेले घूमने के बजाय सुरक्षित और भीड़ वाली जगहों को चुनें. कैब या ऑटो लेते समय गाड़ी और ड्राइवर की जानकारी जरूर चेक करें. अगर रास्ते में कुछ गलत या असुरक्षित लगे तो तुरंत वहां से निकलें और किसी भरोसेमंद व्यक्ति से संपर्क करें.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;परिवार को अपनी जानकारी देते रहें&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सोलो ट्रिप के दौरान परिवार या किसी करीबी दोस्त को अपनी यात्रा की जानकारी देना बहुत जरूरी है. उन्हें होटल का पता, यात्रा की तारीख और जरूरी फोन नंबर भेजकर रखें. दिन में कम से कम एक बार उन्हें अपनी लोकेशन या हाल की जानकारी जरूर दें. फोन की बैटरी खत्म न हो, इसके लिए पॉवर बैंक साथ रखें. इंटरनेट की परेशानी वाली जगहों के लिए जरूरी रास्ते और नंबर पहले से सेव कर लें. साथ ही बहुत ज्यादा पैसे कैश में रखने की बजाय कार्ड या ऑनलाइन पेमेंट का इस्तेमाल करें. सबसे जरूरी बात यह है कि घूमने के उत्साह में अपनी सुरक्षा को नजरअंदाज न करें. थोड़ी सावधानी के साथ &amp;nbsp;सोलो ट्रिप &amp;nbsp;का मजा ज्यादा अच्छे से लिया जा सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह भी पढ़ें : &lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/lifestyle/travel/budget-friendly-travel-destinations-in-india-3185679&quot;&gt;कम बजट में घूमना है? भारत की इन जगहों पर होटल और खाना दोनों सस्ते &lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/09/12/a6b9c1bdceb093d4d419c9e26c2b593a17892143896541472_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[सितंबर में घूमने के लिए ये हैं 7 जगहें, मानसून के बाद दिखती हैं खूबसूरत]]></title><link>https://www.abplive.com/lifestyle/travel/7-places-to-visit-in-september-that-look-beautiful-after-the-monsoon-3185645</link><comments>https://www.abplive.com/lifestyle/travel/7-places-to-visit-in-september-that-look-beautiful-after-the-monsoon-3185645#respond</comments><pubDate>Tue, 8 Sep 2026 12:59:44 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ निर्जला गौड़ ]]></dc:creator><category><![CDATA[ ट्रैवल ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/lifestyle/travel/7-places-to-visit-in-september-that-look-beautiful-after-the-monsoon-3185645</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सितंबर यानी मानसून का सुहावना मौसम. यह मौसम घूमने के लिए काफी अच्छा माना जाता है. इस समय प्रकृति अपने चरम पर होती है. इस समय अगर आप भी घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो भारत की ये 7 जगहें आपकी ट्रिप को यादगार तो बनाएंगी , साथ ही आपके मन को प्राकृतिक सौंदर्य से तरोताजा कर देंगी. मानसून का मजा लेने के लिए आप अपनी ट्रिप में कूर्ग, मुन्नार और उदयपुर&amp;nbsp; जैसी 7 बेहतरीन जगहों को जोड़ सकते हैं.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;कूर्ग और चिकमगलूर, कर्नाटक&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कर्नाटक के कूर्ग और चिकमगलूर अपनी हरियाली, पहाड़ियों, कॉफी के बागानों और झरनों के लिए जाने जाते हैं. कूर्ग को भारत का स्कॉटलैंड भी कहा जाता है. सितंबर में बारिश के बाद यहां का नजारा और भी खूबसूरत हो जाता है. चारों तरफ फैले कॉफी के पौधे, ठंडी हवा और पहाड़ियों के बीच बहते झरने पर्यटकों को आकर्षित करते हैं. वहीं चिकमगलूर पश्चिमी घाट की पहाड़ियों के बीच बसा है. यहां कॉफी एस्टेट में घूमने के साथ प्रकृति के शांत वातावरण का आनंद लिया जा सकता है. फोटोग्राफी पसंद करने वालों के लिए भी दोनों जगहें काफी अच्छी हैं.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;मुन्नार और वैली ऑफ फ्लावर्स&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;केरल का मुन्नार अपने हरे-भरे चाय के बागानों और धुंध से ढकी पहाड़ियों के लिए मशहूर है. सितंबर में बारिश के बाद यहां की हरियाली और भी निखर जाती है. पहाड़ियों के बीच घूमते समय बादलों और धुंध का खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है. दूसरी ओर उत्तराखंड की वैली ऑफ फ्लावर्स प्रकृति प्रेमियों के लिए खास जगह है. यहां सितंबर में रंग-बिरंगे फूलों और हरी-भरी वादियों का सुंदर नजारा दिखाई देता है. पहाड़ों के बीच ट्रेकिंग करते हुए यहां की प्राकृतिक खूबसूरती को करीब से देखा जा सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह भी पढ़ें: &lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/lifestyle/travel/kainchi-dham-nearby-places-within-50-km-3185105&quot;&gt;कैंची धाम जाएं तो न भूलें ये जगहें, 50 KM की रेंज में हैं ये शानदार डेस्टिनेशन्स &lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;झीलों के किनारे बिताएं सुकून भरे पल&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;राजस्थान का उदयपुर सितंबर में घूमने के लिए अच्छा ऑप्सन है . बारिश के बाद शहर की झीलें और आसपास की हरियाली इसकी खूबसूरती बढ़ा देती है. झीलों के किनारे बैठकर शांत वातावरण का आनंद लिया जा सकता है. वहीं कश्मीर का श्रीनगर भी सितंबर में काफी आकर्षक नजर आता है. यहां डल झील में शिकारा की सवारी, पहाड़ों का नजारा और सुहावना मौसम यात्रा को यादगार बना देते हैं. अगर आपको झीलों और शांत वातावरण वाली जगहें पसंद हैं, तो उदयपुर और श्रीनगर दोनों अच्छे विकल्प हैं.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;लैंसडाउन&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उत्तराखंड का लैंसडाउन दिल्ली-एनसीआर से छोटी ट्रिप के लिए पसंद किया जाने वाला पहाड़ी जगह है . यहां देवदार के घने जंगल, पहाड़ और शांत वातावरण देखने को मिलता है. सितंबर में बारिश के बाद यहां की हरियाली और भी खूबसूरत नजर आती है. शहर की भागदौड़ से दूर कुछ समय सुकून से बिताने के लिए लैंसडाउन अच्छा ऑप्सन है. यहां पहाड़ी रास्तों पर घूमने, प्रकृति को देखने और खूबसूरत तस्वीरें खींचने का मजा लिया जा सकता है. सितंबर में इन सभी जगहों पर जाने से पहले &lt;a title=&quot;मौसम&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/weather&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;मौसम&lt;/a&gt; और स्थानीय यात्रा से जुड़ी जानकारी जरूर जांच लें.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह भी पढ़ें: &lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/lifestyle/travel/indian-railways-bharat-gaurav-train-to-take-passengers-on-tour-of-south-india-3183417&quot;&gt;कश्मीर टू कन्याकुमारी... Railway का फुल टूर पैकेज, फटाफट करें बुकिंग &lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/09/07/cc7a65cfcf3d16d3dbe9cfca956dcc0817887802882291472_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[कम बजट में घूमना है? भारत की इन जगहों पर होटल और खाना दोनों सस्ते]]></title><link>https://www.abplive.com/lifestyle/travel/budget-friendly-travel-destinations-in-india-3185679</link><comments>https://www.abplive.com/lifestyle/travel/budget-friendly-travel-destinations-in-india-3185679#respond</comments><pubDate>Tue, 8 Sep 2026 11:30:23 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ भूमिका पंवार ]]></dc:creator><category><![CDATA[ ट्रैवल ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/lifestyle/travel/budget-friendly-travel-destinations-in-india-3185679</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;आज के स्ट्रेस भरे माहौल में घूमने का मन तो हर किसी का होता है, लेकिन कई बार ज्यादा खर्च की वजह से लोग ट्रिप का प्लान कैंसिल कर देते हैं. अगर आपका भी ट्रिप का बजट कम है, तो जरूरी नहीं कि आप घूमने का प्लान ही कैंसिल कर दें भारत में ऐसी कई खूबसूरत जगहें हैं, जहां आपको कम पैसों में घूमने का शानदार अनुभव मिल सकता है, रहने और खाने की अच्छी व्यवस्था होती है. यहां महंगे होटल की जगह बजट होटल और होमस्टे भी मिल सकते हैं , वहीं कई जगहों पर खाना भी ज्यादा महंगा नहीं होता. आइए जानते हैं भारत में ऐसी ही कुछ खुबसूरत जगहों के बारे में. जिन्हें आप अपने कम बजट में भी घूमनें का प्लान बना रहे हैं.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ऋषिकेश&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&amp;nbsp;भारत के उत्तराखण्ड राज्य के देहरादून ज़िले में गंगा नदी के किनारे बसा एक प्रसिद्ध और पवित्र तीर्थस्थल है ऋषिकेश कम बजट में घूमने के लिए काफी अच्छी जगह है.&amp;nbsp; यहां आपको कई बजट होटल, हॉस्टल और होमस्टे मिल जाते हैं. गंगा किनारे घूमना, घाटों पर समय बिताना और आसपास की जगहों को देखना बिना ज्यादा पैसे खर्च किए किया जा सकता है. यहां लोकल रेस्टोरेंट और स्ट्रीट फूड में भी कई आपके बजट के हिसाब से&amp;nbsp; विकल्प मिल जाते हैं.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;वाराणसी&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उत्तर प्रदेश का वाराणसी घूमने के लिए अक्टूबर से मार्च के बीच का समय सबसे अच्छा माना जाता है क्योंकि इस दौरान यहाँ का &lt;a title=&quot;मौसम&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/weather&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;मौसम&lt;/a&gt; सुहाना होता है. यह शहर अपनी संस्कृति, घाटों और मंदिरों के लिए जाना जाता है. कशी विश्वनाथ की ज्योतिर्लिंग मंदिरों में यहां का मुख्य आकर्षण है. कम बजट में घूमने वालों के लिए यह शहर अच्छा विकल्प हो सकता है. यहां कई सस्ते होटल और धर्मशालाएं मिलती हैं. इसके अलावा लोकल दुकानों और छोटे रेस्टोरेंट में खाना भी ज्यादा महंगा नहीं होता. गंगा आरती और घाटों पर घूमने के लिए आपको ज्यादा खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ती.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह भी पढ़ें :&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/lifestyle/travel/5-green-cities-in-rajsthan-know-details-in-hindi-3185204&quot;&gt;&lt;strong&gt;केवल रेगिस्तान ही नहीं, हरियाली से लदे हैं राजस्थान के ये 5 शहर&lt;/strong&gt;&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;जयपुर&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;राजस्थान की राजधानी जयपुर भी बजट ट्रैवल के लिए अच्छा विकल्प है.&amp;nbsp; इस शहर का मुख्य आकर्षण यहां के किले और एतिहासिक धरोहर है. जयपुर में महंगे होटलों के साथ कई बजट होटल और हॉस्टल भी मौजूद हैं. यहां आपको लोकल मार्केट में किफायती खाना भी मिल सकता है. हवा महल के आसपास घूमना, बाजार देखना आमेर फोर्ट और नाहरगढ़ फोर्ट को देखना और वहां का इतिहास जानना. शहर की पुरानी गलियों को एक्सप्लोर करना कम खर्च में किया जा सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पुष्कर&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&amp;nbsp;पुष्कर अपनी खूबसूरती और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है. यहां रहने के लिए कई बजट होटल और गेस्ट हाउस उपलब्ध हैं. यहां भारत का एकलौता भगवान भ्रह्मा का मन्दिर है और यहाँ का &lt;strong&gt;पंच कुंड &lt;/strong&gt;और पुष्कर झील के पवित्र जलाशय बेहद प्रसिद्ध हैं. &amp;nbsp;अगर आप पहली बार पुष्कर &amp;nbsp;जा रहें है तो यहां की लोकल गलियों में घूमना और बाजार देखना भी खास अनुभव होगा. यहां कई छोटे कैफे और लोकल रेस्टोरेंट भी &amp;nbsp;हैं, जहां कम बजट में खाना खाया जा सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;हम्पी&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कर्नाटक का हम्पी इतिहास और प्राचीन वास्तुकला पसंद करने वाले लोगों के लिए बेहद खास जगह है. यह कभी विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हुआ करता था और आज यहां कई पुराने मंदिर, महल, बाजार और ऐतिहासिक स्मारक देखने को मिलते हैं. हम्पी के विरुपाक्ष मंदिर, विट्ठल मंदिर, स्टोन चैरियट और हेमकूट हिल्स यहां के प्रमुख आकर्षण हैं. कम बजट में घूमने वालों के लिए हम्पी अच्छा विकल्प हो सकता है, क्योंकि यहां बजट गेस्ट हाउस और होमस्टे के साथ लोकल खाने के कई किफायती विकल्प मिल जाते हैं.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कम बजट में ट्रिप प्लान करते समय इन बातों का रखें ध्यान&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अगर आप कम खर्च में घूमना चाहते हैं तो होटल की जगह हॉस्टल, होमस्टे या बजट गेस्ट हाउस चुन सकते हैं. इसके अलावा लोकल ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने से भी यात्रा का खर्च कम किया जा सकता है. बाहर खाने के लिए महंगे कैफे और रेस्टोरेंट के बजाय लोकल ढाबे और छोटे रेस्टोरेंट बेहतर विकल्प हो सकते हैं. ट्रिप पर जाने से पहले होटल और यात्रा की कीमतों की तुलना जरूर कर लें. अगर संभव हो तो वीकेंड और पीक सीजन के बजाय सामान्य दिनों में ट्रिप प्लान करें. इससे होटल और ट्रांसपोर्ट दोनों पर पैसे बचाए जा सकते हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह भी पढ़ें :&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/lifestyle/travel/indian-railways-bharat-gaurav-train-to-take-passengers-on-tour-of-south-india-3183417&quot;&gt;&lt;strong&gt;कश्मीर टू कन्याकुमारी... Railway का फुल टूर पैकेज, फटाफट करें बुकिंग&lt;/strong&gt;&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/09/07/0200d66125c370bf78c157a92007971517887818934111471_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[केवल रेगिस्तान ही नहीं, हरियाली से लदे हैं राजस्थान के ये 5 शहर]]></title><link>https://www.abplive.com/lifestyle/travel/5-green-cities-in-rajsthan-know-details-in-hindi-3185204</link><comments>https://www.abplive.com/lifestyle/travel/5-green-cities-in-rajsthan-know-details-in-hindi-3185204#respond</comments><pubDate>Mon, 7 Sep 2026 09:17:33 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ भूमिका पंवार ]]></dc:creator><category><![CDATA[ ट्रैवल ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/lifestyle/travel/5-green-cities-in-rajsthan-know-details-in-hindi-3185204</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;राजस्थान भारत का ऐसा राज्य है जिसे लोग अक्सर रेगिस्तान से जोड़कर देखते हैं. जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर जैसे इलाकों में दूर-दूर तक फैली रेत और रेगिस्तानी नजारे देखने को मिलते हैं. लेकिन राजस्थान की पहचान सिर्फ रेगिस्तान तक सीमित नहीं है. राज्य के कई हिस्सों में घने पेड़, पहाड़, झीलें और हरियाली भी देखने को मिलती है. कुछ शहर तो अपनी हरियाली और प्राकृतिक खूबसूरती के लिए खास तौर पर जाने जाते हैं. अगर आप राजस्थान घूमने का प्लान बना रहे हैं और रेगिस्तान से अलग कुछ देखना चाहते हैं तो इन 5 शहरों को अपनी लिस्ट में शामिल कर सकते हैं.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;उदयपुर&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उदयपुर को राजस्थान के सबसे खूबसूरत शहरों में गिना जाता है. यहां कई झीलें, पहाड़ और पेड़ों से घिरे इलाके देखने को मिलते हैं. पिछोला झील और फतेह सागर झील के आसपास का नजारा शहर की खूबसूरती को और बढ़ाता है. अरावली की पहाड़ियों के बीच बसे उदयपुर में आपको राजस्थान का एक ऐसा रूप देखने को मिलता है, जो रेगिस्तान से बिल्कुल अलग है. बारिश के मौसम में आसपास की हरियाली और भी ज्यादा खूबसूरत नजर आती है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;माउंट आबू&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;राजस्थान में अगर किसी जगह को हरियाली और पहाड़ों के लिए जाना जाता है तो माउंट आबू का नाम सबसे पहले आता है. यह राज्य का एकमात्र प्रमुख हिल स्टेशन है और यहां का &lt;a title=&quot;मौसम&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/weather&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;मौसम&lt;/a&gt; भी राजस्थान के दूसरे इलाकों से काफी अलग महसूस होता है. चारों तरफ पहाड़, पेड़ और हरियाली इस जगह को खास बनाते हैं. नक्की झील के आसपास घूमना और पहाड़ी रास्तों पर प्राकृतिक नजारों का आनंद लेना यहां की ट्रिप का खास हिस्सा हो सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;यह भी पढ़ें: &lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/lifestyle/travel/monsoon-trekking-routes-to-avoid-during-rainy-season-3174329&quot;&gt;&lt;strong&gt;पहाड़ों में ट्रेकिंग का है प्लान? मानसून में गलती से भी न जाएं यहां&lt;/strong&gt;&lt;/a&gt;&lt;/h3&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;अलवर&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अलवर भी राजस्थान के उन शहरों में शामिल है जहां प्रकृति और हरियाली के साथ घूमने का मौका मिलता है. शहर के आसपास अरावली की पहाड़ियां और वन क्षेत्र हैं. सरिस्का टाइगर रिजर्व अलवर जिले की सबसे खास जगहों में से एक है, जहां जंगल और वन्यजीवों को देखा जा सकता है. इसके अलावा सिलिसेढ़ झील के आसपास का इलाका भी हरियाली और शांत माहौल के लिए जाना जाता है. इसलिए प्रकृति पसंद करने वालों के लिए अलवर अच्छा विकल्प हो सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;कोटा&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;चंबल नदी के किनारे बसा कोटा सिर्फ शिक्षा के लिए ही मशहूर नहीं है. शहर और उसके आसपास कई हरे-भरे इलाके और प्राकृतिक जगहें भी हैं. चंबल नदी के किनारे का क्षेत्र, चंबल गार्डन और आसपास के पार्क शहर को एक अलग रूप देते हैं. मानसून के दौरान यहां की हरियाली और भी बढ़ जाती है. अगर राजस्थान में किसी ऐसे शहर की तलाश है जहां शहरी सुविधाओं के साथ नदी और हरियाली का नजारा भी मिल सके तो कोटा को देखा जा सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;जयपुर&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;राजस्थान की राजधानी जयपुर को भले ही किले, महलों और गुलाबी रंग की इमारतों के लिए जाना जाता है, लेकिन यहां भी कई हरे-भरे स्थान हैं. शहर में सेंट्रल पार्क जैसे बड़े हरियाली वाले क्षेत्र हैं. इसके अलावा जयपुर के आसपास अरावली की पहाड़ियां और कई प्राकृतिक जगहें देखने को मिलती हैं. मानसून के समय पहाड़ियों और आसपास के इलाकों में हरियाली बढ़ जाती है. इसलिए जयपुर घूमने पर सिर्फ ऐतिहासिक इमारतें ही नहीं, बल्कि शहर का हरियाली वाला हिस्सा भी देखा जा सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;यह भी पढ़ें: &lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/lifestyle/travel/meghalaya-tourism-economy-meghalaya-recent-dispute-tour-and-tourism-impacts-3178115&quot;&gt;&lt;strong&gt;टूरिज्म से हर साल कितना कमाता है मेघालय, विवाद से कितना नुकसान?&lt;/strong&gt;&lt;/a&gt;&lt;/h3&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/09/06/16a62bb1da1ad0c879a3f90ca3cf6b3817886962386441471_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[कैंची धाम जाएं तो न भूलें ये जगहें, 50 KM की रेंज में हैं ये शानदार डेस्टिनेशन्स]]></title><link>https://www.abplive.com/lifestyle/travel/kainchi-dham-nearby-places-within-50-km-3185105</link><comments>https://www.abplive.com/lifestyle/travel/kainchi-dham-nearby-places-within-50-km-3185105#respond</comments><pubDate>Mon, 7 Sep 2026 08:41:59 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ भूमिका पंवार ]]></dc:creator><category><![CDATA[ ट्रैवल ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/lifestyle/travel/kainchi-dham-nearby-places-within-50-km-3185105</guid><description><![CDATA[&lt;p&gt;उत्तराखंड का कैंची धाम &amp;nbsp;बाबा नीम करोली के कारण हमेशा ही एक महत्वपूर्ण आस्था का केंद्र रहा है यहाँ श्रधालुओं की भीड़ आती रहती है. इन दिनों एक बार फिर लोगों की नजरों में है. नीम करौली बाबा पर बनी फिल्म हनुमान अंश की सफलता के बाद बाबा और उनसे जुड़े कैंची धाम को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है.&amp;nbsp; कैंची धाम नैनीताल के पास पहाड़ों के बीच स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक जगह है, जहां अगर आप भी यहां जाने का प्लान बना रहे हैं तो सिर्फ कैंची धाम घूमकर वापस आने की जरूरत नहीं है. इसके आसपास कई ऐसी जगहें हैं, जहां पहाड़, झील, हरियाली और शांत माहौल का आनंद लिया जा सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;भीमताल&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;कैंची धाम की यात्रा में भीमताल की यात्रा को जरूर शामिल करें .यहां की बड़ी झील और उसके आसपास का पहाड़ी माहौल लोगों को काफी पसंद आता है. झील के पास बैठकर शांत वातावरण का आनंद लेने के अलावा यहां बोटिंग भी की जा सकती है. अगर आप धार्मिक जगह घूमने के बाद थोड़ा सुकून और प्रकृति के बीच समय बिताना चाहते हैं तो भीमताल आपकी ट्रिप को और अच्छा बना सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;सातताल&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;अगर आपको भीड़ से दूर शांत और हरियाली वाली जगहें पसंद हैं तो सातताल जरूर जाएं. यहां कई खूबसूरत झीलें पहाड़ों और जंगलों के बीच देखने को मिलती हैं. सुबह या शाम के समय यहां का मौसम और आसपास का नजारा काफी अच्छा लगता है. कैंची धाम के साथ सातताल घूमने पर आपकी ट्रिप में धार्मिक यात्रा के साथ नेचर एक्सपीरियंस भी जुड़ जाएगा.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;यह भी पढ़ें: &lt;/strong&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/lifestyle/travel/krishna-janmashtami-2026-ten-important-things-to-know-before-visiting-vrindavan-and-latest-travel-advisory-guide-3182975&quot;&gt;&lt;strong&gt;वृंदावन जाने से पहले जान लें ये 10 बातें, पढ़ें पूरी ट्रैवल एडवायजरी&lt;/strong&gt;&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;नैनीताल&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;कैंची धाम के आसपास घूमने वाली जगहों की बात हो और नैनीताल का नाम न आए, ऐसा मुश्किल है. नैनी झील, मॉल रोड और पहाड़ों के खूबसूरत नजारे यहां की खास पहचान हैं. आप झील में बोटिंग कर सकते हैं, आसपास घूम सकते हैं और पहाड़ी &lt;a title=&quot;मौसम&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/weather&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;मौसम&lt;/a&gt; का आनंद ले सकते हैं. अगर पहली बार इस इलाके में जा रहे हैं तो कैंची धाम के साथ नैनीताल घूमना आपकी ट्रिप को पूरा कर सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;मुक्तेश्वर&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;शांत पहाड़ी माहौल और खूबसूरत नजारों के लिए मुक्तेश्वर भी घूमने लायक जगह है. यहां आपको ऊंचे पहाड़, हरियाली और खुले आसमान के खूबसूरत नजारे देखने को मिलते हैं. शहर की भीड़ से दूर कुछ समय बिताने वालों के लिए यह जगह अच्छी रहेगी. कैंची धाम की यात्रा में अगर आपके पास थोड़ा अतिरिक्त समय है तो मुक्तेश्वर को भी अपने प्लान में शामिल कर सकते हैं.&lt;/p&gt;
&lt;h3&gt;घोड़ाखाल&lt;/h3&gt;
&lt;p&gt;कैंची धाम के आसपास घूमने के लिए घोड़ाखाल भी अच्छा विकल्प है. यह जगह गोलू देवता मंदिर के लिए खास तौर पर जानी जाती है. पहाड़ों के बीच स्थित मंदिर और आसपास का शांत माहौल यहां आने वाले लोगों को अलग अनुभव देता है. कैंची धाम की धार्मिक यात्रा के साथ घोड़ाखाल जाना आपके ट्रिप का एक और अच्छा पड़ाव बन सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;यह भी पढ़ें: &lt;/strong&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/lifestyle/travel/indian-railways-bharat-gaurav-train-to-take-passengers-on-tour-of-south-india-3183417&quot;&gt;&lt;strong&gt;कश्मीर टू कन्याकुमारी... Railway का फुल टूर पैकेज, फटाफट करें बुकिंग&lt;/strong&gt;&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/09/06/eb996ec4e9b683b6c25cf0e8ca697ac517886821115271471_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[वियतनाम का Love Market, साल में एक बार 'एक्स' से मिलने आते हैं बिछड़े प्रेमी]]></title><link>https://www.abplive.com/lifestyle/travel/khau-vai-love-market-vietnam-tourism-vietnam-former-lovers-vietnam-unique-tradition-3184838</link><comments>https://www.abplive.com/lifestyle/travel/khau-vai-love-market-vietnam-tourism-vietnam-former-lovers-vietnam-unique-tradition-3184838#respond</comments><pubDate>Sun, 6 Sep 2026 09:49:31 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ मनस्वी चौहान ]]></dc:creator><category><![CDATA[ ट्रैवल ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/lifestyle/travel/khau-vai-love-market-vietnam-tourism-vietnam-former-lovers-vietnam-unique-tradition-3184838</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;दुनिया में प्यार को लेकर अलग-अलग तरह की परंपराएं देखने को मिलती हैं, लेकिन वियतनाम का खाऊ वाई लव मार्केट अपनी अनोखी पहचान के लिए जाना जाता है. यह कोई सामान्य बाजार नहीं, जहां लोग सामान खरीदारी के लिए पहुंचते हों. यहां भावनाएं, पुरानी यादें और स्थानीय संस्कृति एक साथ दिखाई देती हैं. साल में एक बार होने वाले इस आयोजन में ऐसे लोग भी पहुंचते हैं, जिनके रास्ते कभी अलग हो चुके हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;यह अनोखा आयोजन उत्तरी वियतनाम के हा जियांग क्षेत्र में होता है. यहां अलग-अलग स्थानीय समुदायों के लोग जुटते हैं. इस जगह की सबसे खास बात यह है कि यहां पुराने प्रेमी एक-दूसरे से मुलाकात करते हैं, बातचीत करते हैं और बीते रिश्ते की यादों को साझा करते हैं. वियतनाम में इस मुलाकात को सामाजिक और सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा माना जाता है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;एक अधूरी प्रेम कहानी से शुरू हुई परंपरा&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;खाऊ वाई लव मार्केट के पीछे एक पुरानी लोककथा बताई जाती है. कहानी दो अलग जातीय समुदायों से जुड़े युवक-युवती की है, जिनके बीच प्रेम तो हुआ, लेकिन पारिवारिक और सामाजिक परिस्थितियों के कारण उनका विवाह नहीं हो सका. कहा जाता है कि अलग होने से पहले दोनों ने तय किया कि वे साल में एक दिन खाऊ वाई में जरूर मिलेंगे. आज भी इस कहानी को इस आयोजन की सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ा जाता है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;यहां सिर्फ पुराने प्रेमी ही नहीं आते&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;जगह का नाम भले ही Love Market है, लेकिन यहा केवल पूर्व प्रेमी जोड़े नहीं आते बल्कि विवाहित लोग भी संभावित जीवनसाथी की तलाश में पहुंचते हैं. कई विवाहित लोग और परिवार भी उत्सव में हिस्सा लेते हैं. यानी यह आयोजन रिश्तों की एक ही परिभाषा तक सीमित नहीं है. किसी के लिए यह पुराने साथी से मिलने का अवसर है, तो किसी के लिए नए रिश्ते की शुरुआत की जगह. वहीं स्थानीय लोगों के लिए यह उनकी सांस्कृतिक पहचान और सामुदायिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;इसे भी पढ़ेंः &lt;/strong&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/lifestyle/why-paan-is-eaten-on-wedding-night-suhagrat-tradition-and-reason-3177633&quot;&gt;&lt;strong&gt;Suhagrat Paan Tradition: सुहागरात पर क्यों खिलाया जाता है पान? जानें असली वजह&lt;/strong&gt;&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कब होता है आयोजन?&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;यह आयोजन चंद्र कैलेंडर के अनुसार तीसरे चंद्र महीने की 27वीं तारीख को आयोजित किया जाता है, जो आमतौर पर अप्रैल या मई के आसपास आती है. तारीख हर साल सामान्य कैलेंडर में बदलती है. यहां मुलाकात का मकसद जरूरी नहीं कि पुराने रिश्ते को फिर से शुरू करना हो. कई लोगों के लिए यह अतीत को स्वीकार करने, पुरानी यादों को सम्मान देने और फिर अपनी जिंदगी में लौट जाने का अवसर माना जाता है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;2021 में मिली सांस्कृतिक पहचान&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;खाऊ वाई की इस परंपरा को 2021 में वियतनाम के संस्कृति मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के रूप में मान्यता दी गई. इससे इस आयोजन की सांस्कृतिक अहमियत को आधिकारिक पहचान मिली. खाऊ वाई लव मार्केट की परंपरा यह दिखाती है कि किसी पुराने रिश्ते को याद करना हमेशा उसे वापस पाने की कोशिश नहीं होता. कभी-कभी अतीत से मिलना सिर्फ उसे स्वीकार करने और मुस्कुराकर आगे बढ़ने का तरीका भी होता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;इसे भी पढ़ेंः &lt;/strong&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/lifestyle/food/dal-makhani-for-4-people-how-much-butter-recipe-3183784&quot;&gt;&lt;strong&gt;Butter In Dal Makhani: 4 लोगों के लिए दाल मखनी में कितना मिलाएं मक्खन? जान लें तगड़ी रेसिपी&lt;/strong&gt;&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/09/05/88ec476eacebb6aebbde6e4be4f99b6b17886096091081473_original.jpg" width="220"/></item></channel></rss>