Side Effects of Sitting: आजकल ऑफिस में घंटों बैठकर काम करना सेहत के लिए खतरनाक माना जाता रहा है, और इसके पीछे कुछ पुरानी स्टडीज भी हैं. ज्यादातर लोग ऑफिस और घर में ही काम करने के चक्कर में घंटों बैठे रह जाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं ऐसा करने से ये अपनी जान के लिए खतरा भी हो जाता है. वहीं साल 2012 में हुई एक रिव्यू स्टडी में पाया गया था कि जो लोग सबसे ज्यादा देर तक बैठे रहते हैं, उनमें डायबिटीज होने का खतरा दूसरों के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा होता है, साथ ही समय से पहले मौत का खतरा भी बढ़ जाता है. आइए जानते हैं कितनी सच्चाई है इस बात में.

Continues below advertisement

क्या सच में इतना खतरनाक है बैठना?

2015 में आई एक और स्टडी में यह बात सामने आई कि अगर कोई व्यक्ति फिजिकल एक्टिविटी करता भी हो, फिर भी लंबे समय तक बैठे रहना उसकी सेहत पर बुरा असर डाल सकता है. हालांकि हाल ही में कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि बैठने को लेकर जो डर फैलाया गया, वह जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है. साल 2018 में अमेरिकन जर्नल ऑफ पब्लिक हेल्थ में छपी एक स्टडी के मुताबिक, बैठने से जो खतरा बताया जा रहा था, असल में वह उसका करीब दसवां हिस्सा ही निकला. यानी बैठना पूरी तरह सुरक्षित तो नहीं है, लेकिन जितना खतरनाक बताया गया, उतना नहीं है. यही वजह है कि कई ऑफिस में स्टैंडिंग डेस्क भी बनाए जाते हैं यानी खड़े होकर काम करने वाले वर्कस्टेशन.

यह भी पढ़ेंः Independence Day 2026: तिरंगा मेकअप करना है? पहले जान लें ये 10 जरूरी बातें

Continues below advertisement

स्टैंडिंग डेस्क से कितना फायदा? नई स्टडी ने खोली पोल

लेकिन अब सामने आई जानकारी स्टैंडिंग डेस्क खरीदने वालों के लिए थोड़ी निराश करने वाली हो सकती है. साल 2016 में हुए एक विश्लेषण से पता चला कि खड़े होकर काम करने पर व्यक्ति बैठने के मुकाबले सिर्फ नौ अतिरिक्त कैलोरी प्रति घंटा ही बर्न करता है, जो कि बेहद मामूली अंतर है. यानी सिर्फ बैठने की जगह खड़े होकर काम करने भर से सेहत में कोई बहुत बड़ा फर्क नहीं आता है.

इससे यह साफ होता है कि अगर आपने भी यह सोचकर महंगा स्टैंडिंग डेस्क खरीदा है कि इससे आपकी सेहत में जबरदस्त सुधार आएगा तो हकीकत में इसका असर उतना बड़ा नहीं है, जितना समझा जा रहा था. ऐसे में एक्सपर्ट्स का मानना है कि असली फायदा सिर्फ बैठने या खड़े रहने की पोजीशन बदलने से नहीं, बल्कि बीच-बीच में उठकर चलने-फिरने और नियमित शारीरिक गतिविधि करने से ही मिलता है.

यह भी पढ़ेंः  Fake Beauty Products: हर 4 में 1 को कॉस्मेटिक्स से एलर्जी, 40% को मिला नकली ब्यूटी प्रोडक्ट