Snake Bite Myths : भारत के गांवों और छोटे कस्बों में आज भी सांप के काटने की घटनाएं आम हैं. कई जगहों पर जैसे ही किसी व्यक्ति को सांप काटता है, तो अक्सर लोग घबरा जाते हैं और अस्पताल ले जाने की जगह सबसे पहले तांत्रिक, भोपा या झाड़फूंक करने वाले लोगों के पास ले जाया जाता है. ऐसे कई किस्से सुनने को मिलते हैं कि तांत्रिक ने मंत्र पढ़े, झाड़फूंक की और मरीज बच गया.

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इन घटनाओं को देखकर लोगों का विश्वास और मजबूत हो जाता है कि तंत्र-मंत्र या झाड़फूंक से सांप का जहर उतर जाता है. हालांकि, बहुत से लोगों के मन में यह सवाल भी रहता है कि क्या सचमुच ऐसा होता है? तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि जहरीले सांप के बाइट के बाद भी आखिर कैसे ढोंगी तांत्रिक जान बचा लेते हैं और इसके पीछे का साइंस क्या है. 

आखिर कैसे ढोंगी तांत्रिक जान बचा लेते हैं?

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कई बार लोग सोचते हैं कि सांप काटने के बाद अगर कोई व्यक्ति तांत्रिक या झाड़फूंक कराने के बाद बच गया, तो उसकी जान तंत्र-मंत्र से बची है. लेकिन ऐसा नहीं होता है. कोबरा जैसे जहरीले सांप हर बार काटते समय जहर नहीं छोड़ते हैं. कई बार जहरीले सांप सिर्फ डराने या बचाव के लिए काटते हैं, जिसे फॉल्स बाइट या ड्राई बाइट कहा जाता है. ऐसे में सांप के दांत तो लग जाते हैं, लेकिन शरीर में जहर नहीं जाता है. इसलिए व्यक्ति बिना किसी खास इलाज के भी ठीक हो सकता है. जब ऐसा होता है तो कुछ ढोंगी तांत्रिक इसका क्रेडिट अपनी झाड़फूंक या तंत्र-मंत्र को दे देते हैं, जबकि असल वजह सांप का जहर न छोड़ना होता है. 

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क्या होती है ड्राई बाइट?

ड्राई बाइट का मतलब है ऐसा काटना जिसमें सांप जहर नहीं छोड़ता है. वैज्ञानिक अध्ययनों में पाया गया है कि जहरीले सांपों के काटने के लगभग 20 से 25 प्रतिशत मामलों में जहर शरीर में नहीं पहुंचता है. ऐसे मामलों में व्यक्ति को काटने का निशान तो दिखाई देता है लेकिन गंभीर जहरीले लक्षण नहीं दिखते हैं. इसी कारण कई लोग यह मान लेते हैं कि किसी बाबा, तांत्रिक या झाड़फूंक करने वाले ने उनका इलाज कर दिया है. 

सांप काटने पर तुरंत क्या करना चाहिए?

अगर किसी व्यक्ति को सांप काट ले, तो सबसे पहले उसे घबराने न दें और शांत रखने की कोशिश करें, क्योंकि डर और घबराहट से दिल की धड़कन तेज हो जाती है, जिससे जहर शरीर में जल्दी फैल सकता है. इसके अलावा मरीज को ज्यादा चलने-फिरने न दें और आराम से सीधा लिटाकर रखें जिससे शरीर की एक्टिविटी कम रहे. इसके साथ ही बिना समय गंवाए उसे तुरंत नजदीकी हॉस्पिटल ले जाएं और झाड़फूंक या तांत्रिकों के चक्कर में न पड़ें. जहां सांप ने काटा है, उस जगह को बार-बार हाथ न लगाएं, न दबाएं और न ही कोई घरेलू उपाय करें. साथ ही मरीज की सांस और होश पर लगातार नजर रखें. अगर उसे सांस लेने में परेशानी होने लगे या वह बेहोश होने लगे, तो तुरंत डॉक्टरों की मदद लें.  यह भी पढ़ें -कंस्ट्रक्शन सेक्टर में आ रही नई क्रांति, अब बनेंगे सस्ते-मजबूत और एनवायरनफ्रेंडली घर!