Somvati Amavasya 2026 Today LIVE: साल की पहली सोमवती अमावस्या पर शनि की पीड़ा से मिलेगी मुक्ति, कर लें ये काम
Somvati Amavasya 2026 Today Muhurat Live: अधिकमास का आज आखिरी दिन बहुत खास है क्योंकि इस दिन सोमवती अमावस्या का संयोग बना है. ये बेहद दुर्लभ होता है. ऐसे में स्नान-दान, उपाय और पूजा का महत्व बढ़ गया.
LIVE

Background
Adhik Maas Somvati Amavasya 2026 LIVE: आज 15 जून को अधिकमास का आखिरी दिन है. ये बहुत खास माना जा रहा है क्योंकि आज अधिकमास की सोमवती अमावस्या का संयोग बना है. ये दुर्लभ संयोग 30 साल बाद आया है. अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित है लेकिन जब ये सोमवार को आती है तो ये बेहद प्रभावशाली होती है.
इस दिन किया गया जप-तप, दान, स्नान कभी न खत्म होने वाला पुण्य देता है. पति की लंबी आयु के लिए सुहागिनें इस दिन व्रत भी करती हैं. साल की पहली सोमवती अमावस्या पर क्या शुभ मुहूर्त है. कौन सी चीजों का दान करें, अधिकमास का पुण्य पाने के लिए आज कौन से उपाय करना श्रेष्ठ होगा आदि सभी जानकारी यहां देखें.
अधिकमास सोमवती अमावस्या तिथि
अधिकमास की सोमवती अमावस्या तिथि 14 जून को दोपहर 12.19 पर शुरू होगी और अगले दिन 15 जून को सुबह 8 बजकर 23 मिनट पर समाप्त होगी.
स्नान-दान मुहूर्त - सुबह 7.07 - दोपहर 12.21
अमावस्या और पितरों का आध्यात्मिक संबंध
सनातन परंपरा में अमावस्या को पितरों के स्मरण और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पितृलोक से पूर्वज अपनी संतानों की भावना और श्रद्धा को स्वीकार करने आते हैं. तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान जैसे कर्मों के माध्यम से उन्हें श्रद्धापूर्वक अर्पण किया जाता है. मान्यता है कि पूर्वजों की संतुष्टि परिवार में उन्नति, सुख और सकारात्मक ऊर्जा का मार्ग प्रशस्त करती है. ये आध्यात्मिक शांति और पुण्य संचय का दिन
सोमवार की अमावस्या क्यों मानी जाती है विशेष
जब अमावस्या तिथि सोमवार को आती है, तब उसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है. सोमवार का संबंध भगवान शिव और चंद्र तत्व से माना जाता है, इसलिए यह दिन आध्यात्मिक साधना और मन की शुद्धि के लिए विशेष माना जाता है. इस वर्ष 15 जून को आने वाली सोमवती अमावस्या को धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पुण्यकारी माना जा रहा है.
स्नान, दान और पूजा का विशेष महत्व
मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदी, सरोवर या कुंड में स्नान करना शुभ फल प्रदान करता है. कई श्रद्धालु स्नान के जल में गंगाजल मिलाकर पवित्रता का भाव रखते हैं. इसके बाद भगवान शिव की पूजा में शिवलिंग पर जल, बेलपत्र और दूध अर्पित किया जाता है. साथ ही अपनी क्षमता के अनुसार अन्न, वस्त्र और धन का दान करने की परंपरा भी निभाई जाती है.
पितृ तर्पण का दिन
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पितरों के निमित्त तर्पण और श्राद्ध करने से पितृ संबंधी बाधाओं में शांति आने की कामना की जाती है. इसे परिवार की सुख-समृद्धि, मानसिक संतुलन और जीवन में सकारात्मकता से जोड़कर देखा जाता है. यह दिन पूर्वजों के प्रति सम्मान और स्मरण का अवसर माना जाता है.
Somvati Amavasya 2026 LIVE: सोमवती अमावस्या पर साढ़ेसाती-ढैय्या
अधिकमास की सोमवती अमावस्या की शाम हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें. मान्यता है कि बजरंगबली की पूजा करने वालों को शनि नहीं सताते, साढ़ेसाती और ढैय्या में भी राहत मिलती है.
Somvati Amavasya 2026 LIVE: सोमवती अमावस्या का दान
सोमवती अमावस्या पर अन्न दान करना सबसे शुभ कामों में एक माना जाता है, इस दिन चावल, गेंहू, जौ और दाल आदि का दान करने से जीवन में कभी भी अन्न की कमी नहीं होती है. शास्त्रों में अमावस्या तिथि पर काले तिल का दान करने से पितरदेव प्रसन्न होते हैं. तिल के अलावा इस दिन जौ का दान करना भी अच्छा माना जाता है.






















