Eclipse 2020: कल यानी 21 जून को एक अद्भुत सूर्य ग्रहण लगने वाला है. सूर्य ग्रहण को लेकर हिन्दू धर्म शास्त्रों और लोगों में तरह-तरह की मान्यताएं हैं. सूर्यग्रहण से सभी राशियों पर अलग – अलग प्रभाव पड़ता है. परन्तु इनसे पड़ने वाले दुष्प्रभावों को कम करने के लिए दान देने, जप और ध्यान करने जैसे कई उपाय बताये गये हैं. लेकिन कई ऐसी चीजें भी हैं जिन्हें सूर्य ग्रहण के दौरान नहीं करनी चाहिए. आइये यहाँ इन कामों के बारे में विस्तार से जानें जो सूर्य ग्रहण लगने के 12 घंटे पहले से ही नहीं करने चाहिए.
सूर्यग्रहणकेदौराननकियेजानेवालेकाम
- सूर्य ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए तथा उन्हें सब्जी काटना, कपडे की सिलाई करना, भोजन करना, भोजन पकाना जैसे कार्यों को नहीं करना चाहिए. इन कार्यों को करने से बच्चे में दोष पैदा हो सकता है.
- ग्रहण काल के दौरान या मध्य में महिलाओं को सजना सवंरना नहीं चाहिए.
- सूर्य ग्रहण के दौरान लोगों को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए तथा सूर्यग्रहण को नंगी आँखों से नहीं देखना चाहिए.
- सूर्य ग्रहण के दौरान कोई शुभ या नया कार्य नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से कार्यों में सफलता नहीं मिलती और नुकसान उठाना पड़ सकता है.
- सूर्य ग्रहण के दौरान उधार का लेन-देन नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से दरिद्रता आती है लक्ष्मी नाराज होती हैं.
- सूर्य ग्रहण के दौरान नुकीली चीजों का उपयोग वर्जित है.
सूर्यग्रहणख़त्महोनेकेबादयेकामअवश्यकरें
- ग्रहण के बाद स्नान अवश्य करें तथा अपने आराध्य देव का पूजाकर उनका ध्यान करें.
- ऐसी मान्यता है कि गर्भवती महिलाओं को ग्रहण खत्म होने के बाद उन्हें जरूर स्नान ध्यान करना चहिये नहीं तो उनके बच्चे को त्वचा संबंधी रोग हो सकता है.
- गर्भवती महिलाओं को जीभ पर तुलसी पत्र रखकर हनुमान चालीसा और दुर्गा स्तुति का पाठ करना चाहिए. माना जाता है कि ऐसा करने पर बुद्धिमान और ज्ञानवान बच्चे पैदा होते हैं.
- सूर्य ग्रहण के दौरान गायत्री मंत्र, गुरु मंत्र, सूर्य मंत्र, नारायण मंत्र का जप और ध्यान करने से बहुत लाभ मिलता है. इससे आपकी कुंडली में मौजूद ग्रहों का कुप्रभाव समाप्त हो जायेगा तथा आय में वृद्धि होगी.
सूर्यग्रहणकबलगरहाहै?
ज्ञात है कि कल यानी 21 जून दिन रविवार को सूर्य ग्रहण लग रहा है. इस ग्रहण के दिन आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या भी पड़ा रही है. इसके साथ ही मृगसिरा और आद्रा नक्षत्र भी इसी दिन पड़ा रहा है. यह ग्रहण मिथुन राशि में लग रहा है. यह एक दुर्लभ और अद्भुत संयोग है.
सूर्यग्रहणकासमय
- सूर्यग्रहण प्रारम्भ काल: 21 जून को 10:20 बजे
- परमग्रास: 21 जून को 12:02 बजे
- सूर्यग्रहण समाप्ति काल: 21 जून को 13:49 बजे
- खण्डग्रास की अवधि: 03 घण्टे 28 मिनट 36 सेकेंड
सूतककालकासमय
- सूतक काल का प्रारम्भ: 20 जून को 21:52 बजे
- सूतक समाप्त: 21 जून को 13:49 बजे
