एक्सप्लोरर

Bhagavad Geeta: 5 श्लोक जो आज के युवाओं के लिए 'लाइफ हैक्स' से कम नहीं

Bhagavad Gita: एंग्जायटी के दौर में 'श्रीमद्भगवद्गीता' के ये 5 श्लोक युवाओं के लिए 'लाइफ हैक्स' हैं, जो कर्म, मानसिक संतुलन और स्वधर्म को अपनाकर तनावमुक्त जीवन जीने की कला सिखाते हैं.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • भगवद् गीता आज की पीढ़ी को मानसिक शांति के उपाय बताती है।
  • कर्म पर ध्यान, फल की चिंता से मुक्ति आवश्यक है।
  • इच्छाओं और अहंकार का त्याग परम शांति दिलाता है।
  • क्रोध से भ्रम और बुद्धिनाश होता है, निर्णय सोच-समझकर लें।

Bhagavad Gita: आज कल के दौर में जहाँ 'जैन जी' पीढ़ी एंग्जायटी और ओवरथिंकिंग में रहती है, और थेरेपिस्ट के साथ ज्यादा समय बिताती है. दरसल उसे 5000 वर्ष पुरानी 'श्रीमद्भगवद्गीता' में अपने सारे उत्तर ढूँढने चाहिए . 'श्रीमद्भगवद्गीता' में कई ऐसे श्लोक है जो आज की युवा पीढ़ी के लिए लाइफ हैक की तरह साबित हो सकते है. उन में कुछ मुख्य यह रहे:-

Kurma Jayanti : भगवान विष्णु के कच्छप अवतार का एकमात्र धाम श्री कूर्मनाथस्वामी मन्दिर आंध्रप्रदेश

1. 'योगस्थ: कुरु कर्माणि संगं त्यक्त्वा धनंजय। सिद्ध्यसिद्ध्यो: समो भूत्वा समत्वं योग उच्यते॥' (भगवद् गीता के अध्याय 2, श्लोक 48) 

अक्सर हम कोई काम इसलिए करते हैं क्योंकि हमें उससे कुछ खास उम्मीद होती है. जब हम फल से बहुत ज्यादा जुड़ जाते हैं, तो डर और चिंता पैदा होती है. कृष्ण कहते हैं कि काम पर ध्यान लगाओ, उसके 'परिणाम' से होने वाले मोह पर नहीं. अगर हम सफलता और असफलता से परेशान नहीं होते है तो हम मानसिक रूप से मजबूत बन जाते है, और यहाँ पर योग का यह मतलब योगा से नहीं हैं, यहाँ मतलब यह है हर परिस्थिति में मन का संतुलन बनाए रखना. जो व्यक्ति सुख-दुख, लाभ-हानि और जय-पराजय में स्थिर रहता है, वही सच्चा योगी है. 

2. 'विहाय कामान्यः सर्वान्पुमांश्चरति नि:स्पृह:। निर्ममो निरहंकारः स शांतिमधिगच्छति॥' (भगवद् गीता के अध्याय 2 के श्लोक 71)

इसमें श्रीकृष्ण अर्जुन से कहे रहे है जो मनुष्य अपनी समस्त इच्छाओं और कामनाओं का त्याग कर, अहंकार और लालसा रहित होकर संसार में रहता है उसे ही परम शांति प्राप्त होती है. इसका मतलब यह नहीं है कि आप लक्ष्य न रखें, बल्कि यह है कि आप उन इच्छाओं के गुलाम न बनें जो आपको बेचैन करती हैं. जब आप बाहरी दुनिया की चकाचौंध और 'सब कुछ पा लेने' की होड़ छोड़ देते हैं, तो आपका मानसिक तनाव खत्म हो जाता है. शांति किसी वेकेशन में नहीं है, बल्कि मन के भीतर 'अहंकार' और 'लालसा' को खत्म करने में है.

3.  'कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन। मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते संगोऽस्त्वकर्मणि॥' (भगवद् गीता के अध्याय 2, श्लोक 47)

यह श्लोक यह बताता है कि कर्म करना ही आपका धर्म है, तुम्हारा अधिकार केवल कर्म करने में है, उसके फलों में कभी नहीं. आप क्या मेहनत कर रहे है वो आपके हाथ में है. लेकिन उसका क्या नतीजा क्या निकलेगा इस पर चिंता करने से वर्तमान के काम खराब होते है. जब फल की गारंटी नहीं मिलती, तो कई बार लोग सोचते हैं कि "फिर काम ही क्यों करना?" लेकिन फल की चिंता छोड़ना का यह मतलब नहीं कि आप काम करना छोड़ दे, कर्म करते रहना हमारा धर्म है.

4. 'क्रोधाद्भवति सम्मोह: सम्मोहात्स्मृतिविभ्रम:। स्मृतिभ्रंशाद् बुद्धिनाशो बुद्धिनाशात्प्रणश्यति॥' ( भगवद् गीता के अध्याय 2, श्लोक 63)

गुस्से से भ्रम पैदा होता है, भ्रम में इंसान भूलने लगता है और उसे सही और गलत के बीच का फर्क दिखना बंद हो जाता है. व्यक्ति अपनी पुरानी सीख, संस्कार और मर्यादा भूल जाता है. उसे याद नहीं रहता कि वह किससे बात कर रहा है या इसके नतीजे क्या होंगे. गुस्से में इंसान अंधा हो जाता है. उसकी बुद्धि का विकास रोक जाता है, जब बुद्धि ही नहीं रही, तो इंसान ऐसे फैसले लेता है जो उसके करियर, रिश्तों और जीवन को तबाह कर देते हैं. यह श्लोक हमें 'गुस्से में रिएक्ट न करने' की सलाह देता है, जब आप बहुत ज्यादा इमोशनल या गुस्से में हों, तो कोई भी बड़ा फैसला न लें. क्योंकि उस वक्त आपकी 'बुद्धि' काम नहीं कर रही होती, सिर्फ 'भ्रम' हावी होता है. 

5. 'श्रेयान्स्वधर्मो विगुण: परधर्मात्स्वनुष्ठितात्। स्वधर्मे निधनं श्रेयः परधर्मो भयावहः॥' (भगवद् गीता के अध्याय 3, श्लोक 35)

 यहाँ 'स्वधर्म' का अर्थ है आपका स्वभाव और आपकी अपनी क्षमता . हर व्यक्ति एक खास गुण के साथ पैदा होता है. हम अक्सर दूसरों की सफलता देखकर उनकी नकल करने लगते हैं, उसे बेहतर है कि आप अपनी फील्ड में संघर्ष करें, क्योंकि वह आपका अपना रास्ता है. आप जब दूसरों की नकल करने लगते है तो आप अपनी शांति खो देते है. आप पूरी जिंदगी वह बनने की कोशिश करते हैं जो आप हैं ही नहीं. आप जो हैं, उसे स्वीकार करना ही सबसे बड़ी जीत है और आपके लिए वही अच्छा है वरना आपके जीवन में बेचैनी और तनाव उत्पन्न होने लगता है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

Frequently Asked Questions

आज की युवा पीढ़ी को भगवद्गीता से क्या सीखने को मिल सकता है?

भगवद्गीता में ऐसे कई श्लोक हैं जो आज की युवा पीढ़ी के लिए लाइफ हैक की तरह साबित हो सकते हैं, जो उन्हें एंग्जायटी और ओवरथिंकिंग से निपटने में मदद करते हैं।

भगवद्गीता के अनुसार, फल की चिंता किए बिना कर्म कैसे करें?

कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन, यह श्लोक बताता है कि आपका अधिकार केवल कर्म करने में है, फल में नहीं। फल की चिंता किए बिना अपने कर्म पर ध्यान केंद्रित करना महत्वपूर्ण है।

मन की शांति कैसे प्राप्त की जा सकती है?

अपनी समस्त इच्छाओं और कामनाओं का त्याग कर, अहंकार और लालसा रहित होकर संसार में रहने से परम शांति प्राप्त होती है। शांति मन के भीतर अहंकार और लालसा को खत्म करने में है।

गुस्से से क्या परिणाम होते हैं?

गुस्से से भ्रम पैदा होता है, जिससे इंसान सही-गलत का फर्क भूल जाता है और बुद्धि का नाश हो जाता है। गुस्से में बड़े फैसले नहीं लेने चाहिए।

स्वधर्म और परधर्म में क्या अंतर है?

स्वधर्म का अर्थ है आपका स्वभाव और क्षमता। दूसरों की नकल करने के बजाय अपने स्वधर्म का पालन करना बेहतर है, क्योंकि परधर्म भयवह होता है।

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Sarva Pitru Amavasya 2026: श्राद्ध करना रह गया? 10 अक्टूबर को क्या करें
10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या: श्रद्धा और विश्वास के साथ विदा होंगे पितर, जानें महत्व, विधि और कथा
Aaj Ka Panchang 6 October 2026: इंदिरा एकादशी आज, रात में तिथि खत्म होने पर भी सुबह ही होगा पारण
Aaj Ka Panchang 6 October 2026: इंदिरा एकादशी आज, रात में तिथि खत्म होने पर भी सुबह ही होगा पारण
पितृ पक्ष में नौकरी या नए बिजनेस का मौका मिले तो क्या छोड़ दें?
पितृ पक्ष में नौकरी मिली या बिजनेस का मौका आया, तो क्या जाने दें?
आज का मीन राशिफल 6 अक्टूबर 2026: 5वें चंद्रमा से संतान होगी अत्यंत बुद्धिमान, सर्वार्थसिद्धि योग से पैतृक बिजनेस की बागडोर
आज का मीन राशिफल 6 अक्टूबर 2026: 5वें चंद्रमा से संतान होगी अत्यंत बुद्धिमान, सर्वार्थसिद्धि योग से पैतृक बिजनेस की बागडोर

वीडियोज

Gujarat News | Sansani: 2000 km का सफर... और 'ब्लाइंड' मर्डर !
Mumbai BEST bus depot fire: बेस्ट की कई बसों में लगी आग, मचा हड़कंप! Breaking News
Gyanesh Kumar | Supreme Court on CEC: फॉर्म-6 में बदलाव का 'आदेश' किसका था? | BJP | Congress | ABP
Gyanesh Kumar | Supreme Court on CEC: ज्ञानेश पर विपक्ष के संग्राम की 'शर्तें' लागू! | Congress
Sandeep Chaudhary: वोट चोरी पर बवाल...आयुक्तों के बाद जजों के सवाल! | EC | SIR | Gyanesh Kumar

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'हमारी मदद ज्ञानेश नहीं, गणेश जी कर रहे', SIR विवाद के बीच BJP का बड़ा हमला
'हमारी मदद ज्ञानेश नहीं, गणेश जी कर रहे', SIR विवाद के बीच BJP का बड़ा हमला
अखिलेश के बागी विधायक बोले- सपा से राज्यसभा जाएगा 'परिवार' और 'व्यापार'
अखिलेश के बागी विधायक बोले- सपा से राज्यसभा जाएगा 'परिवार' और 'व्यापार'
CJP ने 10 अक्टूबर के आंदोलन से पहले किया बड़ा ऐलान, सौरव दास बोले- 'Gen Z...'
CJP ने 10 अक्टूबर के आंदोलन से पहले किया बड़ा ऐलान, सौरव दास बोले- 'Gen Z...'
अंजलि अरोड़ा की 'महाकाव्य' हुई फ्लॉप, प्रोड्यूसर ने लगाए रणबीर की 'रामायण' की टीम पर आरोप- ‘निगेटिव मार्केटिंग की’
'महाकाव्य' हुई फ्लॉप, प्रोड्यूसर ने लगाए रणबीर कपूर की फिल्म की टीम पर आरोप
पहले टी20 में वेस्टइंडीज के 3 खिलाड़ी मचाएंगे गदर, चल गए तो टीम इंडिया की हार पक्की
पहले टी20 में वेस्टइंडीज के 3 खिलाड़ी मचाएंगे गदर, चल गए तो टीम इंडिया की हार पक्की
अब बंगाल के जजों ने चुनाव आयोग के पोर्टल में गिनाईं कमियां, जानें क्या कहा?
अब बंगाल के जजों ने चुनाव आयोग के पोर्टल में गिनाईं कमियां, जानें क्या कहा?
राजस्थान: पंचायती चुनाव का बदला कार्यक्रम, धनतेरस पर नहीं होगी वोटिंग
राजस्थान: पंचायती चुनाव का बदला कार्यक्रम, धनतेरस पर नहीं होगी वोटिंग
भावांतर योजना का रजिस्ट्रेशन शुरू, जानें आवेदन का पूरा तरीका
भावांतर योजना का रजिस्ट्रेशन शुरू, जानें आवेदन का पूरा तरीका
Embed widget