Shani Sade Sati Effects: शनि का नाम सुनते ही लोग इस बात से भयभीत हो जाते हैं कि इनकी अशुभ छाया खुद के ऊपर तो नहीं पड़ रही है. ज्योतिष शास्त्र में शनि की चाल बहुत धीमी बताई गई है. ये ढाई साल एक ही राशि में रहते हैं. उसके बाद दूसरी राशि में गोचर करते हैं. ज्योतिष में शनि का राशि परिवर्तन बहुत ही महत्वपूर्ण होता है.

शनि के राशि परिवर्तन होने पर किसी राशि पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या लगती है, तो किसी राशि को शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से मुक्ति मिलती है.  शनि के एक राशि में रहने से तीन राशियों पर शनि की साढ़े साती और दो पर ढैय्या लगती है. मौजूदा समय में शनि मकर राशि में विराजमान हैं. इसके चलते धनु, मकर और कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती लगी हुई है जबकि मिथुन और कन्या राशि पर ढैय्या चल रही है.

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ज्योतिष गणना के अनुसार, साल 2021 में शनि का राशि परिवर्तन नहीं होगा. जिस वजह से कुंभ धनु और मकर राशियों पर शनि की साढ़ेसाती बनी रहेगी. वहीं मिथुन और कन्या पर ढैय्या रहेगी. शनि का राशि परिवर्तन अगले साल यानी 29 अप्रैल, 2022 को होगा. इस दिन शनि कुंभ राशि में गोचर करेंगें. इसके पहले शनि 24 जनवरी 2020 को मकर राशि में प्रवेश किये थे.

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29 अप्रैल 2022 को शनि के कुंभ राशि में प्रवेश करने से धनु राशि के जातकों को तो शनि की साढ़ेसाती से मुक्ति मिल जाएगी. परन्तु मीन राशि पर भी साढ़ेसाती आरंभ हो जाएगी. इस प्रकार शनि का कुंभ राशि में प्रवेश से मीन, कुंभ और मकर राशि पर शनि की साढ़ेसाती तथा कर्क और वृश्चिक राशि पर शनि की ढैय्या लगेगी.