Sawan 2026: शिव भक्तों के लिए पावन सावन का महीना इस साल 30 जुलाई से शुरू होने जा रहा है, जिसका समापन 28 अगस्त को रक्षाबंधन के साथ होगा. ज्योतिष गणना के अनुसार, साल 2026 में सावन के महीने में कुल 4 सोमवार और 4 मंगला गौरी व्रत पड़ेंगे.
सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र महीनों में से एक माना जाता है. इस दौरान लाखों श्रद्धालु सावन सोमवार का व्रत रखते हैं, शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं और भोलेनाथ से सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य एवं मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद मांगते हैं.
प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास के मुताबिक, कई बार लोग अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिनसे जुड़ी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार व्रत का पूर्ण फल नहीं मिल पाता. आइए जानते हैं वे 5 आम भूलें, जिनसे बचना चाहिए.
पूजा में तुलसी के पत्ते चढ़ाना
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव की पूजा में तुलसी के पत्ते अर्पित नहीं किए जाते. शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल, भांग, सफेद चंदन और शुद्ध जल अर्पित करना शुभ माना जाता है. इसलिए पूजा की थाली तैयार करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें.
बेलपत्र सही तरीके से अर्पित न करना
बेलपत्र भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना जाता है. लेकिन कई लोग कटे-फटे, सूखे या कीड़े लगे बेलपत्र चढ़ा देते हैं. धार्मिक मान्यता है कि भगवान शिव को साफ, ताजे और तीन पत्तियों वाले बेलपत्र अर्पित करने चाहिए. साथ ही बेलपत्र को धोकर ही चढ़ाना उचित माना जाता है.
व्रत के दौरान सात्विक नियमों का पालन न करना
सावन सोमवार व्रत केवल भोजन न करने का नाम नहीं है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन क्रोध, झूठ, अपशब्द, नकारात्मक सोच और तामसिक भोजन से दूर रहना चाहिए. व्रत के साथ मन, वचन और कर्म की पवित्रता को भी महत्वपूर्ण माना गया है.
पूजा में जल्दबाजी करना
कई लोग समय की कमी के कारण पूजा जल्दबाजी में पूरी कर लेते हैं. धार्मिक मान्यता है कि भगवान शिव की पूजा शांत मन और पूरी श्रद्धा के साथ करनी चाहिए. जलाभिषेक के दौरान 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जप करना और शिव चालीसा या रुद्राष्टकम का पाठ करना भी शुभ माना जाता है.
दान-पुण्य और सेवा को नजरअंदाज करना
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन सोमवार के दिन जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान देना शुभ माना जाता है. इसके अलावा गाय को हरा चारा खिलाना, पक्षियों को दाना डालना और जरूरतमंदों की सहायता करना भी पुण्यदायी माना गया है.
सावन सोमवार व्रत में क्या करें?
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें.
- भगवान शिव का गंगाजल या शुद्ध जल से अभिषेक करें.
- बेलपत्र, धतूरा, सफेद फूल और चंदन अर्पित करें.
- 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें.
- शिव चालीसा या महामृत्युंजय मंत्र का पाठ करें.
- पूजा के बाद प्रसाद वितरित करें और जरूरतमंदों को दान दें.
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