Sawan 2025: शिव का पावन महीना सावन चल रहा है. महादेव को प्रसन्न करने के लिए इस माह में विशेष रूप से भक्त जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और कांवड़ यात्रा करते हैं. मान्यता है इसके प्रभाव से साधक की मनोकामनाएं जल्द सिद्ध हो जाती है और जीवनभर भोलेनाथ का आशीर्वाद मिलता है.

वैसे तो सावन के किसी भी शिव साधना करना उत्तम है लेकिन इस साल तीन दिन लगातार महादेव पर जल अर्पित करने का खास संयोग बन रहा है, आइए जानते हैं 21, 22, 23 जुलाई 2025 का दिन सावन में क्यों खास माना जा रहा है.

सावन में 21, 22, 23 जुलाई का दिन बेहद खास

21 जुलाई 2025 - इस दिन दूसरा सावन सोमवार है, जो शिव जी का प्रिय दिन माना गया है. इस दिन भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए मंदिरों में कतार लगती है. ऐसा कहा जाता है कि सावन में सोमवार को उपवास करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और पिछले पापों का नाश होता है.

22 जुलाई 2025 - इस दिन सावन का पहला प्रदोष व्रत है. मंगलवार होने से ये भौम प्रदोष व्रत कहलाएगा. मान्यता है कि इस दिन जो व्यक्ति प्रदोष काल में शिव साधना करता है उसके सारे पाप नष्ट हो जाते हैं और मनोकामनाएं जल्द पूरी होती है. सुखी वैवाहिक जीवन और मांगलिक दोष से मुक्ति के लिए भौम प्रदोष व्रत की विशेष मान्यता है.

  • सावन प्रदोष व्रत पूजा मुहूर्त - शाम 7.18 - रात 9.22

23 जुलाई 2025 - इस दिन सावन शिवरात्रि है. कांवड़ यात्रा का जल सावन शिवरात्रि के दिन ही शिवलिंग पर चढ़ाया जाता है. शिवरात्रि अर्थात शिव की प्रिय रात, क्योंकि ये शिव और शक्ति के मिलन का दिन है. ऐसे में जो लोग महादेव की अभी तक पूजा नहीं कर पाएं हो, वो इस दिन जरुर जल अर्पित करें. इसके फलस्वरूप पूरे सावन शिव साधना का पुण्य प्राप्त होता है.

सावन शिवरात्रि पूजा मुहूर्त

निशिता काल पूजा समय 00:07 AM से 00:48 AM (कुल अवधि 41 मिनट)
प्रथम प्रहर पूजा का समय    23 जुलाई 07:17 PM से 09:53 PM
दूसरे प्रहर पूजा का समय  23 जुलाई 09:53 PM से 00:28 AM
तीसरे प्रहर में पूजा का समय  24 जुलाई 00:28 AM से 03:03 AM
चौथे प्रहर में पूजा का समय  24 जुलाई 03:03 AM से 05:38 AM
शिवरात्रि व्रत पारण टाइम  शिवरात्रि व्रत पारण टाइम 

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