Sawan 2021 Aur Graha Upay: सावन का महीना चल रहा है. यह माह भगवान शिव को समर्पित होता है. मान्यता है कि इस मास में भगवान शिव की पूजा –उपासना करना बहुत ही लाभदायी होता है. इनके पूजन से ग्रहों के बुरे प्रभावों को शुभ प्रभावों में बदला जा सकता है. ज्योतिष में वर्णित नौ ग्रहों में राहु, केतु और शनि ऐसे ग्रह हैं जो कष्टकारी और अशुभ प्रभाव देने वाले ग्रह माने जाते हैं.  इनके प्रभाव से व्यक्ति न चाहकर भी गलत कार्यों की ओर चला जाता है. धार्मिक मान्यता है कि सावन में महादेव की पूजा से इन अशुभ प्रभाव देने वाले ग्रहों के प्रभाव को बदला जा सकता है. आइये जानें इन ग्रहों के कुप्रभाव से बचने के उपाय:-

शनिग्रहकाशुभप्रभाव

शनि ग्रह को न्याय का देवता कहते  हैं. इनके बुरे प्रभाव से व्यक्ति शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से प्रभावित होता है. इससे व्यक्ति के जीवन में बहुत बड़ी- बड़ी परेशानियाँ आती है और व्यक्ति बहुत परेशान रहता है. इनसे छुटकारा पाने के लिए सावन मास में शनिवार के दिन पीपल के छोटे-छोटे दो पौधे किसी भी स्थान पर लगाने चाहिए. इसके अलावा सावन में भगवान शिव के अंश हनुमान जी की पूजा करें और हनुमान चालीसा का पाठ कम से कम एक बार अवश्य करें. इससे शनि कके बुरे प्रभाव को सुप्रभाव में बदला जा सकता है.

राहुग्रहकाशुभप्रभाव

माना जाता है कि सावन मास में भगवान शिव की पूजा करने से राहु के कुप्रभाव को सुप्रभाव में बदला जा सकता है. इसके अलावा सावन मास में सात्विक भोजन करने से भी इस ग्रह के दुष्प्रभाव को खत्म किया जा सकता है.

केतुग्रहकाशुभप्रभाव

केतु के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए सावन में गणेश पूजा करनी चाहिए. साथ ही अपने आस-पास सफाई भी रखनी चाहिए इससे भी केतु प्रसन्न होते हैं.

चंद्रग्रहकाशुभप्रभाव

ज्योतिष के अनुसार, भगवान शिव को चंद्रमा का नियंत्रक कहा जाता है. पूरा सावन मास भगवान शिव  के पूजा केलिए उत्तम होता हाई. इसलिए सावन के महीने में शिव पूजा से तथा सावन सोमवार व्रत से चन्द्र ग्रह के कुप्रभाव को समाप्त किया जा सकता है. कहा जाता है कि सावन में शिव पूजा और सोमवार के व्रत से कुंडली में आयु और स्वास्थ्य संबंधी बाधा की समस्या से मुक्ति मिलती है.