Bhalchandra Sankashti Chaturthi 2024: आज 28 मार्च 2024 को चैत्र माह की संकष्टी चतुर्थी है. प्रथम पूजनीय गणपति बप्पा की पूजा के लिए चतुर्थी का दिन बेहद लाभदायक माना गया है. इस दिन महिलाएं सुख-समृद्धि, संतान की प्राप्ति और पति की दीर्धायु के लिए सूर्योदय से चंद्रोदय तक व्रत रखती हैं.

इस व्रत में शाम को गौरी पुत्र गणेश की पूजा करने के बाद चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है. इसके बाद ही व्रत पारण करते हैं. आज भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी पर शाम की पूजा का मुहूर्त और आपके शहर में चांद कब निकलेगा, आइए जानते हैं.

भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी 2024 मुहूर्त (Bhalchandra Sankashti Chaturthi 2024 Moon Time)

चैत्र माह की संकष्टी चतुर्थी  की शुरुआत 28 मार्च 2024 को शाम 06.56 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन 29 मार्च 2024 को रात 08 बजकर 20 मिनट पर इसका समापन होगा. इस व्रत में चांद को अर्घ्य देने की परंपरा है.

  • गणपति पूजन मुहूर्त - शाम 06.37 - रात 08.04

भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी 2024: आपके शहर में चांद निकलेगा का समय

शहरचंद्रोदय समय
दिल्लीरात 09.28
मुंबईरात 09.29
जयपुररात 09.31
लखनऊरात 09.09
वाराणसीरात 09.58
चंडीगढ़रात 09.34
कानपुररात 09.11
भोपालरात 09.17
आगरारात 09.22
पटनारात 09.49
मेरठरात 09.26
नोएडारात 09.27
रांचीरात 09.45
नागपुररात 09.07
बैंगलुरूरात 09.00

संकष्टी चतुर्थी पर चंद्रमा को अर्घ्य कैसे दें

आज रात संकष्टी चतुर्थी पर पीतल या चांदी के लौटे में जल भरकर उसमें सफेद चन्दन,कुश ,पुष्प,अक्षत आदि डालकर चन्द्रमा को यह बोलते हुए अर्घ्य दें-'गगन रुपी समुद्र के माणिक्य चन्द्रमा ! दक्ष कन्या रोहिणी के प्रियतम !गणेश के प्रतिविम्ब !आप मेरा दिया हुआ यह अर्घ्य स्वीकार कीजिए. इसके बाद चंद्रमा से संतान की खुशहाली की कामना करें.

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