Pongal 2026 Date: पोंगल 14 जनवरी से शुरू होकर 17 जनवरी 2026 तक चलेगा. पोंगल तमिलनाडु में नए साल की शुरुआत का त्योहार है. इस अवधि के दौरान भगवान छह महीने की लंबी नींद के बाद नश्वर लोगों पर समृद्धि और धन की वर्षा करने के लिए जागते हैं. इस शुभ दिन पर सूर्य को समस्त सृष्टि के पीछे मौजूद जीवन शक्ति के रूप में पूजा जाता है. इस दौरान उत्तर भारत में मकर संक्रांति, पंजाब में लोहड़ी और गुजरात में उत्तरायण जैसे प्रमुख त्योहार भी मनाए जाते हैं.

Continues below advertisement

पोंगल क्यों मनाते हैं

नई फसल के आगमन और कटाई के मौसम के अंत का प्रतीक है, जो किसानों और उनकी मेहनत का सम्मान करता है. सूर्य देव, धरती माता और खेती में मदद करने वाले मवेशियों को धन्यवाद देने का पर्व है.

Continues below advertisement

पोंगल कैसे मनाते हैं

  • भोगी पोंगल - पोंगल के पहले दिन लोग 'भोगी' का त्योहार मनाते हैं. इस दौरान पूरे घर की सफाई की जाती है. इससे पर्यावरण स्वच्छ हो जाता है.
  • सूर्य पोंगल - दूसरे दिन सूर्य पोंगल मनाया जाएगा. इस दिन सूर्य पूजन के बाद खेतों में नई फसल के पकने की खुशी में खीर जैसी मिठाई (पोंगल) बनाई जाती है.
  • मट्टू पोंगल - ये पोंगल पर्व का तीसरा दिन है. यह दिन मवेशियों या खेत के कार्यों में काम आने वाले गाय-बैलों को समर्पित है. इस दिन इन मवेशियों की पूजा होती है और उन्हें विशेष भोजन खिलाया जाता है.
  • कानूम पोंगल- पोंगल का आखिरी दिन कानूम पोंगल के नाम से जाना जाता है. इस दिन लोग अपने रिश्तेदारों से मिलते हैं और सामाजिक समारोहों का आयोजन करते हैं

Magh Mela 2026: प्रयागराज माघ मेला में महाकुंभ जैसी तैयारियां, VIDEO में दिखी झलक

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.